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बाल संरक्षण आयोग के फैसले से मिलेगी संजीवनी

Wed, 03 Aug 2022 12:18 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 03 Aug 2022 12:18 AM IST
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The decision of the Child Protection Commission will give Sanjivani
बाल संरक्षण आयोग के फैसले से मिलेगी संजीवनी
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बिजनौर। स्कूलों के लिए उत्तर प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग का आदेश कई मायनों में संजीवनी साबित हो सकता है। विद्यालयों में अनुशासन बढ़ने के साथ विद्यार्थियों को नशा, मजदूरी आदि के जाल में फंसने से रोक सकता है। शासन से शिक्षा विभाग को आदेश मिल गए हैं। अभिभावकों की ओर से आयोग के आदेशों पर जल्द अमल की मांग उठने लगी है। विद्यार्थियों का स्कूल यूनिफॉर्म में सार्वजनिक स्थानों पर प्रवेश वर्जित रहेगा।
विद्यार्थियों द्वारा स्कूल समय में बाजार, पार्क, आदि में घूमने की शिकायतें सामने आती रहती है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई लिखाई के साथ स्कूलों में अनुशासन की समस्या रहती है। अभिभावक बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं। बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने विद्यार्थियों के स्कूल छोड़कर इधर उधर घूमने से रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। डीआईओएस कार्यालय के अनुसार शासन से आयोग के निर्देश मिल गए हैं। अभिभावक निर्देशों को जल्द लागू करने की जरूरत बता रहे हैं। तर्क है कि फैसले के लागू होने से स्कूलों का अनुशासन सुधरेगा। विद्यार्थी गलत संगत में नहीं पड़ेंगे। छात्रों का भविष्य सुधरेगा।
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अभिभावकों का ये है कहना
विवेक कालेज बिजनौर में कानून विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ पुष्पा जोशी का कहना है कि स्कूलों के लिए विद्यार्थियों का घंटे छोड़कर नदारद रहना बड़ी समस्या है। इससे स्कूल का पढ़ाई का माहौल तो बिगड़ता ही है साथ ही बच्चों के नशा आदि गलत संगत में पड़ने का डर रहता है। बाल संरक्षण आयोग का आदेश स्कूलों की व्यवस्था के साथ विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर चमत्कारी बदलाव ला सकता है। सेवानिवृत्त शिक्षिका कौशल शर्मा का कहना है कि स्कूल समय में पढ़ाई से गायब रहने वाले बच्चे अपनी जरुरतों को पूरा करने के लिए बुरी आदतों के शिकार हो जाते हैं। माता पिता से पैसा नहीं मिलने पर बच्चे मजदूरी तक करने लगते हैं। यह आदेश जल्द लागू किया जाना चाहिए।
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गृहिणी अंशु खन्ना का कहना है कि बाल संरक्षण आयोग ने गहन अध्ययन के बाद आदेश दिया है। आदेश सराहनीय है, प्रशासन सख्ती से फैसले का क्रियान्वयन करें। शिक्षकों व अभिभावकों को सहयोग करना चाहिए।
अभिभावक संघ के जिला अध्यक्ष नृपेंद्र देशवाल का कहना है कि विद्यार्थियों के स्कूल छोड़कर गायब रहकर बाजार घूमने की प्रवृत्ति शहरी स्कूलों में अधिक है। लेकिन अब ग्रामीण स्कूलों में भी यह चलन नजर आने लगा है। स्कूलों से पलायन की प्रवृत्ति को रोकने में आदेश कारगर हो सकते हैं। प्रशासन आयोग के फैसले को जल्द लागू करे।

ये है बाल अधिकार संरक्षण आयोग का आदेश
उत्तर प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अनुसार विद्यार्थियों का स्कूल समय में कक्षा छोड़कर स्कूल यूनिफॉर्म में पार्क, माल, रेस्टोरेंट, आदि सार्वजनिक स्थानों पर प्रवेश वर्जित रहेगा । आयोग ने आदेश सूबे के सभी जिलों के डीएम को भेजे हैं। बताया जाता है कि आयोग ने आदेश के क्रियान्वयन के लिए समय सीमा भी तय कर दी है।
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