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Bijnor News: बरसात में गन्ने पर मंडरा रहा रेड रॉट का खतरा
Sun, 03 Aug 2025 12:28 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Sun, 03 Aug 2025 12:28 AM IST
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बिजनौर। गन्ने की फसल पर रेड रॉट (लाल सड़न) रोग का खतरा मंडरा रहा है। यह रोग गन्ने लगा तो गन्ने की गुणवत्ता और उत्पादन में भारी गिरावट आएगी। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। गन्ना विभाग चीनी मिलों की मदद से किसानों को पहले ही रेड रॉड बीमारी के प्रति जागरूक व नियंत्रण के उपाय बता रहा है।
गत वर्ष बरसात माह में सर्वाधिक क्षेत्रफल में खड़ी गन्ना प्रजाति 0238 रेड रॉड अर्थात लाल सड़न रोग लग गया था। इससे किसानों को 40 से 50 प्रतिशत गन्ना उत्पादन कम होने से आर्थिक नुकसान हुआ था। गन्ना विभाग व चीनी मिलों ने इस प्रजाति को पौधे में करीब 70 प्रतिशत परिवर्तन कराया। इस बार जनपद में गन्ने का 2 लाख 58 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल है। गन्ना विभाग व चीनी मिलें बरसात माह में लाल सड़न रोग गन्ना फसल प्रभावित न हो सकें। इसके लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह ने बताया कि गांवों में चल रहा गन्ना सर्वे, सट्टा प्रदर्शन में अधिकारी, गन्ना पर्यवेक्षक किसानों को बीमारी के लक्षण व नियंत्रण की विधि भी बता रहे हैं। गोष्ठी व बैठक कर किसानों को रोग नियंत्रण, लक्षण के बारे में बताया जा रहा है।
लाल सड़न रोग के लक्षण :
- गन्ने की पत्तियां पीली पड़कर सूखने लगती हैं
- गन्ने की गांठों और छिलके पर फफूंदी के बीजाणु विकसित हो जाते हैं
- गन्नों के आंतरिक उत्तकों पर लाल रंग के बीच में सफेद रंग के धब्बे दिखाई देते हैं
- गन्नों का पूरा गुदा लाल भूरे फफूंद के धागों से भर जाता है
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गत वर्ष बरसात माह में सर्वाधिक क्षेत्रफल में खड़ी गन्ना प्रजाति 0238 रेड रॉड अर्थात लाल सड़न रोग लग गया था। इससे किसानों को 40 से 50 प्रतिशत गन्ना उत्पादन कम होने से आर्थिक नुकसान हुआ था। गन्ना विभाग व चीनी मिलों ने इस प्रजाति को पौधे में करीब 70 प्रतिशत परिवर्तन कराया। इस बार जनपद में गन्ने का 2 लाख 58 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल है। गन्ना विभाग व चीनी मिलें बरसात माह में लाल सड़न रोग गन्ना फसल प्रभावित न हो सकें। इसके लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह ने बताया कि गांवों में चल रहा गन्ना सर्वे, सट्टा प्रदर्शन में अधिकारी, गन्ना पर्यवेक्षक किसानों को बीमारी के लक्षण व नियंत्रण की विधि भी बता रहे हैं। गोष्ठी व बैठक कर किसानों को रोग नियंत्रण, लक्षण के बारे में बताया जा रहा है।
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लाल सड़न रोग के लक्षण :
- गन्ने की पत्तियां पीली पड़कर सूखने लगती हैं
- गन्ने की गांठों और छिलके पर फफूंदी के बीजाणु विकसित हो जाते हैं
- गन्नों के आंतरिक उत्तकों पर लाल रंग के बीच में सफेद रंग के धब्बे दिखाई देते हैं
- गन्नों का पूरा गुदा लाल भूरे फफूंद के धागों से भर जाता है