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सही जवाब कटा होने पर भी देने होंगे नंबर
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Thu, 31 Mar 2016 12:04 AM IST
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जीआईसी में यूपी बोर्ड परीक्षा की कॉपियां चेक करते शिक्षक।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में इस बार यूपी बोर्ड ने मूल्यांकन को लेकर कई अहम फैसले लिए हैं। इसके अनुसार सवाल का सही जवाब कटा मिलने पर उस पर नंबर दिए जाएंगे। छात्रों के हित में स्टेप मार्किंग जरूरी है। केजिंग गलत मिलने पर परीक्षक व उपप्रधान परीक्षक के खिलाफ कार्रवाई होगी। योग्यता व अनुभव छिपाकर कापी जांचने वाले शिक्षकों की भी अब खैर नहीं है।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटर की कापियों का मूल्यांकन बुधवार से शुरू हुआ। मूल्यांकन को पारदर्शी बनाने के लिए बोर्ड ने कई अहम फैैसले लिए हैं। इलाहाबाद से मीटिंग में शामिल होकर आए आरजेपी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य आर के त्यागी के अनुसार महत्वपूर्ण निर्णय के मुताबिक यदि किसी छात्र ने उत्तरपुस्तिका में सवाल का जवाब सही लिखा है तथा वह कटा है, तो परीक्षक को उसका मूल्यांकन करना अनिवार्य है। इससे पासिंग प्रतिशत बढ़ेगा तथा टॉपर की रेस में रहने वाले बच्चों कर परसेंटेज भी बढ़ेगी।
स्टेप मार्किंग फार्मूले में परीक्षक को सवाल के लिए आवंटित नंबरों को बांटकर सही स्टेेप के अनुसार नंबर देने हैं। गणित विज्ञान विषयों में स्टेप मार्किंग से बच्चों की मेरिट पर असर पड़ेगा। अब तक उत्तर पुस्तिकाओं में (केजिंग )प्रथम पेज और अंदर के नंबरों योग में अंतर होने के अनेक मामले सामने आए । इस पर बोर्डं ने सख्त कदम उठाते हुए निर्देश दिए है कि उपप्रधान परीक्षक इस पर निगाह रखें। गलती के लिए परीक्षक व उपप्रधान परीक्षक बराबर के दोषी होंगे।
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बोर्ड ने मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों की अर्हता की जांच करने की कड़ी हिदायत दी। हाई स्कूल का परीक्षक दो पारियों में अधिकतम 50 तथा इंटर का परीक्षक 45 कापिंया ही जांच सकता है।
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटर की कापियों का मूल्यांकन बुधवार से शुरू हुआ। मूल्यांकन को पारदर्शी बनाने के लिए बोर्ड ने कई अहम फैैसले लिए हैं। इलाहाबाद से मीटिंग में शामिल होकर आए आरजेपी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य आर के त्यागी के अनुसार महत्वपूर्ण निर्णय के मुताबिक यदि किसी छात्र ने उत्तरपुस्तिका में सवाल का जवाब सही लिखा है तथा वह कटा है, तो परीक्षक को उसका मूल्यांकन करना अनिवार्य है। इससे पासिंग प्रतिशत बढ़ेगा तथा टॉपर की रेस में रहने वाले बच्चों कर परसेंटेज भी बढ़ेगी।
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स्टेप मार्किंग फार्मूले में परीक्षक को सवाल के लिए आवंटित नंबरों को बांटकर सही स्टेेप के अनुसार नंबर देने हैं। गणित विज्ञान विषयों में स्टेप मार्किंग से बच्चों की मेरिट पर असर पड़ेगा। अब तक उत्तर पुस्तिकाओं में (केजिंग )प्रथम पेज और अंदर के नंबरों योग में अंतर होने के अनेक मामले सामने आए । इस पर बोर्डं ने सख्त कदम उठाते हुए निर्देश दिए है कि उपप्रधान परीक्षक इस पर निगाह रखें। गलती के लिए परीक्षक व उपप्रधान परीक्षक बराबर के दोषी होंगे।
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बोर्ड ने मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों की अर्हता की जांच करने की कड़ी हिदायत दी। हाई स्कूल का परीक्षक दो पारियों में अधिकतम 50 तथा इंटर का परीक्षक 45 कापिंया ही जांच सकता है।