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निर्माणाधीन सूखरो रेलवे पुल का किया निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 08 Jan 2017 12:06 AM IST
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बिजनौर के नजीबाबाद में रेलवे के प्रवर मंडल अभियंता ने सूखरो नदी पर निर्माणाधीन रेल पुल का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण में जुटी टीम को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
रेलवे के प्रवर मंडल अभियंता आशुतोष गौतम ने एडीईएन करन प्रीत सिंह, आईओडब्लू एके शर्मा, पीडब्लूआई केएल वर्मा और निर्माण इकाई के साथ सूखरो नदी पर बन रहे रेल पुल का निरीक्षण किया। प्रवर मंडल अभियंता ने निर्माण कार्य में जुटी टीम से दो टूक कहा कि उच्च अधिकारियों ने नजीबाबाद-कोटद्वार ब्रांच लाइन पर मार्च 2017 में नौ माह से बंद ट्रेनों का संचालन शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निश्चित समय अवधि में तकनीकी कर्मचारियों को पुल निर्माण पूरा कराने तथा एडीईएन से निर्माण कार्य की प्रगति पर निगाह रखने के निर्देश दिए। 23 जुलाई 2016 को नजीबाबाद-कोटद्वार ब्रांच लाइन पर पहला पिलर धराशायी हुआ था। उस समय तत्काल प्रभाव से ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया था। इसके बाद एक के बाद एक पिलर क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में बड़ौदा हाउस दिल्ली से आए जीएम और तकनीकी उच्च अधिकारियों ने निरीक्षण के बाद नए सिरे से पुल निर्माण कराने का फैसला लिया था, हालांकि निर्माण कार्य दो माह से चल रहा है, लेकिन निर्माण कार्य की गति इतनी धीमी है, जिससे मार्च तक भी सूखरो रेल पुल निर्माण पूरा होने की संभावना कम है।
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रेलवे के प्रवर मंडल अभियंता आशुतोष गौतम ने एडीईएन करन प्रीत सिंह, आईओडब्लू एके शर्मा, पीडब्लूआई केएल वर्मा और निर्माण इकाई के साथ सूखरो नदी पर बन रहे रेल पुल का निरीक्षण किया। प्रवर मंडल अभियंता ने निर्माण कार्य में जुटी टीम से दो टूक कहा कि उच्च अधिकारियों ने नजीबाबाद-कोटद्वार ब्रांच लाइन पर मार्च 2017 में नौ माह से बंद ट्रेनों का संचालन शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निश्चित समय अवधि में तकनीकी कर्मचारियों को पुल निर्माण पूरा कराने तथा एडीईएन से निर्माण कार्य की प्रगति पर निगाह रखने के निर्देश दिए। 23 जुलाई 2016 को नजीबाबाद-कोटद्वार ब्रांच लाइन पर पहला पिलर धराशायी हुआ था। उस समय तत्काल प्रभाव से ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया था। इसके बाद एक के बाद एक पिलर क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में बड़ौदा हाउस दिल्ली से आए जीएम और तकनीकी उच्च अधिकारियों ने निरीक्षण के बाद नए सिरे से पुल निर्माण कराने का फैसला लिया था, हालांकि निर्माण कार्य दो माह से चल रहा है, लेकिन निर्माण कार्य की गति इतनी धीमी है, जिससे मार्च तक भी सूखरो रेल पुल निर्माण पूरा होने की संभावना कम है।
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