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Bijnor News: मानवाधिकार आयोग में पहुंचा मेडिकल में मौत का मामला
Wed, 18 Jun 2025 12:20 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Wed, 18 Jun 2025 12:20 AM IST
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बिजनौर। मेडिकल कॉलेज की डायलिसिस यूनिट में सरफराज की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। अब डीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस ने मानवाधिकार आयोग में इस मामले में केस दर्ज कराया है। सोमवार को डायलिसिस यूनिट चला रही संजीवनी प्राइवेट लि. के खिलाफ कोतवाली शहर में मुकदमा दर्ज किया गया था।
13 जून को मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस करा रहे 26 वर्षीय युवक सरफराज की मौत हो गई थी। इस मामले में डीएम शासन को पत्र लिखकर प्राचार्या, सीएमएस और दो नोडल चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर चुकी हैं। वहीं मंगलवार को डीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस ने मानवाधिकार आयोग में केस दर्ज कराया है।
संस्था के जिला अध्यक्ष डॉ. सलाउद्दीन ने बताया कि इस संबंध में डीएम से मिलकर भी शिकायत की गई है। साथ ही पीड़ित परिवार के लिए एक करोड़ के मुआवजे की मांग की गई है।
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टीम ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर की जांच : इस मामले में डीएम ने तीन सदस्य कमेटी का गठन किया था। इसमें एडीएम न्यायिक, सीएमओ और एएसपी सिटी को शामिल किया गया था। मंगलवार को टीम ने इस मामले की जांच की। डायलिसिस यूनिट से मरीज के भर्ती होने और दस्तावेजों में दर्ज मौत के कारण के बारे में जानकारी जुटाई।
लखनऊ से प्रतिक्रिया आने का इंतजार : डीएम ने इस पूरे प्रकरण की जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी थी। इस रिपोर्ट के जाने के बाद शासन से इस पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं दूसरी ओर जिन चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति हुई है, उनकी धड़कन भी बढ़ी हुई है। माना जा रहा है कि शासन स्तर से इसमें बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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13 जून को मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस करा रहे 26 वर्षीय युवक सरफराज की मौत हो गई थी। इस मामले में डीएम शासन को पत्र लिखकर प्राचार्या, सीएमएस और दो नोडल चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर चुकी हैं। वहीं मंगलवार को डीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस ने मानवाधिकार आयोग में केस दर्ज कराया है।
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संस्था के जिला अध्यक्ष डॉ. सलाउद्दीन ने बताया कि इस संबंध में डीएम से मिलकर भी शिकायत की गई है। साथ ही पीड़ित परिवार के लिए एक करोड़ के मुआवजे की मांग की गई है।
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टीम ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर की जांच : इस मामले में डीएम ने तीन सदस्य कमेटी का गठन किया था। इसमें एडीएम न्यायिक, सीएमओ और एएसपी सिटी को शामिल किया गया था। मंगलवार को टीम ने इस मामले की जांच की। डायलिसिस यूनिट से मरीज के भर्ती होने और दस्तावेजों में दर्ज मौत के कारण के बारे में जानकारी जुटाई।
लखनऊ से प्रतिक्रिया आने का इंतजार : डीएम ने इस पूरे प्रकरण की जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी थी। इस रिपोर्ट के जाने के बाद शासन से इस पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं दूसरी ओर जिन चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति हुई है, उनकी धड़कन भी बढ़ी हुई है। माना जा रहा है कि शासन स्तर से इसमें बड़ी कार्रवाई हो सकती है।