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गुलदार और शावक पकड़े बिना ही हटा लिया पिंजरा
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नजीबाबाद के आकाशवाणी ट्रांसमीटर से पिंजरा ले जाते वन विभाग के कर्मचारी।
- फोटो : NAZIBABAD
गुलदार और शावक पकड़े बिना ही हटा लिया पिंजरा
नजीबाबाद। आकाशवाणी ट्रांसमीटर परिसर से गुलदार शावक पकड़ने का सामाजिक वानिकी का अभियान औपचारिक बन गया। एक माह बाद बिना चारा लगाए विभाग पिंजरा उठा ले गया।
आकाशवाणी नजीबाबाद के गांव समीपुर निकट ट्रांसमीटर परिसर में काफी समय से गुलदार और उसके शावकों का बसेरा है। सीसीटीवी फुटेज में शावक कई बार नजर आने और कुछ समय पूर्व गुलदार द्वारा क्षेत्रवासियों पर हमला करने के बाद सामाजिक वानिकी विभाग ने गुलदार और शावक पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया था। एक माह तक पिंजरा आकाशवाणी ट्रांसमीटर परिसर में रखा रहा। सामाजिक वानिकी ने पिंजरे में चारा आदि नहीं लगाया।
सामाजिक वानिकी के वन दरोगा मदन सिंह बुधवार को टीम के साथ आकाशवाणी परिसर पहुंचे। आकाशवाणी एई तिलकराम को उन्होंने पिंजरा ले जाने की जानकारी दी। आकाशवाणी अधिकारियों ने जब उनसे कहा कि गुलदार शावक अभी भी सीसीटीवी में दिखाई दे रहे हैं, तो उन्होंने यह कहते हुए पिंजरा उठा लिया कि इसमें चारा लगाने के लिए गांव से कुत्ता पकड़ते समय उनके कर्मचारी को कुत्ते ने काट लिया है। फिलहाल पिंजरे की कहीं और आवश्यकता हैं।
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उधर सामाजिक वानिकी के रेंजर अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि पिंजरे में चारा न लगाने और पिंजरा लेने जाने की उन्हें जानकारी नहीं है। उन्होंने का कि इस मामले में वन दरोगा से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा।
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नजीबाबाद। आकाशवाणी ट्रांसमीटर परिसर से गुलदार शावक पकड़ने का सामाजिक वानिकी का अभियान औपचारिक बन गया। एक माह बाद बिना चारा लगाए विभाग पिंजरा उठा ले गया।
आकाशवाणी नजीबाबाद के गांव समीपुर निकट ट्रांसमीटर परिसर में काफी समय से गुलदार और उसके शावकों का बसेरा है। सीसीटीवी फुटेज में शावक कई बार नजर आने और कुछ समय पूर्व गुलदार द्वारा क्षेत्रवासियों पर हमला करने के बाद सामाजिक वानिकी विभाग ने गुलदार और शावक पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया था। एक माह तक पिंजरा आकाशवाणी ट्रांसमीटर परिसर में रखा रहा। सामाजिक वानिकी ने पिंजरे में चारा आदि नहीं लगाया।
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सामाजिक वानिकी के वन दरोगा मदन सिंह बुधवार को टीम के साथ आकाशवाणी परिसर पहुंचे। आकाशवाणी एई तिलकराम को उन्होंने पिंजरा ले जाने की जानकारी दी। आकाशवाणी अधिकारियों ने जब उनसे कहा कि गुलदार शावक अभी भी सीसीटीवी में दिखाई दे रहे हैं, तो उन्होंने यह कहते हुए पिंजरा उठा लिया कि इसमें चारा लगाने के लिए गांव से कुत्ता पकड़ते समय उनके कर्मचारी को कुत्ते ने काट लिया है। फिलहाल पिंजरे की कहीं और आवश्यकता हैं।
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उधर सामाजिक वानिकी के रेंजर अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि पिंजरे में चारा न लगाने और पिंजरा लेने जाने की उन्हें जानकारी नहीं है। उन्होंने का कि इस मामले में वन दरोगा से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा।