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शिक्षकों ने काली पट्टी बांध कर किया कार्य
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शिक्षकों ने काली पट्टी बांध कर किया कार्य
किरतपुर। राष्ट्रीय मूवमेंट ऑफ ओल्ड पेंशन स्कीम एवं अटेवा के राष्ट्रीय आह्वान पर जनपद में न्यू पेंशन स्कीम के विरोध में काला दिवस मनाया गया।
जनपद के विभिन्न कॉलेज में पुरानी पेंशन बंद करने और एक अप्रैल से नई पेंशन लागू करने के विरोध में एमजी एमपी मुस्लिम इंटर कॉलेज के शिक्षकों ने विद्यालय में काली पट्टी बांधकर न्यू पेंशन स्कीम के विरोध जताते हुए कार्य किया। पूर्व शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी हाजी दानिश अख्तर बताया कि एक अप्रैल 2005 से प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी नौकरी में पुरानी पेंशन योजना बंद करके उसकी जगह नई पेंशन योजना लागू की गई। जो कि पूरी तरह से असुरक्षित और शेयर बाजार पर आधारित है। उन्होंने कहा कि जब देश में एक विधान एक संविधान है तो देश के सांसदों को और विधायकों को क्यों पुरानी पेंशन दी जा रही है। ेकहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों शिक्षकों का संवैधानिक अधिकार है, जिसे हर हाल में लेकर रहेंगे। विद्यालयों में पुरानी पेंशन बहाली के लिए पीएफआरडीए बिल की प्रतियां जर्लाइं। इस मौके पर फिरोज अहमद, बिलाल, आसिफ, जावेद, जावेद हुसैन, आशकार आलम, नावेद अहमद, मोहम्मद वसीम, आदिल अनवर, शोएब अख्तर, अंजार अहमद, महफूज अली, निजामुल हक, कपिल चौहान, विसाल खान मौजूद रहे।
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किरतपुर। राष्ट्रीय मूवमेंट ऑफ ओल्ड पेंशन स्कीम एवं अटेवा के राष्ट्रीय आह्वान पर जनपद में न्यू पेंशन स्कीम के विरोध में काला दिवस मनाया गया।
जनपद के विभिन्न कॉलेज में पुरानी पेंशन बंद करने और एक अप्रैल से नई पेंशन लागू करने के विरोध में एमजी एमपी मुस्लिम इंटर कॉलेज के शिक्षकों ने विद्यालय में काली पट्टी बांधकर न्यू पेंशन स्कीम के विरोध जताते हुए कार्य किया। पूर्व शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी हाजी दानिश अख्तर बताया कि एक अप्रैल 2005 से प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी नौकरी में पुरानी पेंशन योजना बंद करके उसकी जगह नई पेंशन योजना लागू की गई। जो कि पूरी तरह से असुरक्षित और शेयर बाजार पर आधारित है। उन्होंने कहा कि जब देश में एक विधान एक संविधान है तो देश के सांसदों को और विधायकों को क्यों पुरानी पेंशन दी जा रही है। ेकहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों शिक्षकों का संवैधानिक अधिकार है, जिसे हर हाल में लेकर रहेंगे। विद्यालयों में पुरानी पेंशन बहाली के लिए पीएफआरडीए बिल की प्रतियां जर्लाइं। इस मौके पर फिरोज अहमद, बिलाल, आसिफ, जावेद, जावेद हुसैन, आशकार आलम, नावेद अहमद, मोहम्मद वसीम, आदिल अनवर, शोएब अख्तर, अंजार अहमद, महफूज अली, निजामुल हक, कपिल चौहान, विसाल खान मौजूद रहे।