{"_id":"601af5f88ebc3e4a1a40c6cc","slug":"teachers-of-colleges-should-be-made-examiners-bijnor-news-mrt523620844","type":"story","status":"publish","title_hn":"विवि से संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों को परीक्षक बनाने पर जोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विवि से संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों को परीक्षक बनाने पर जोर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय टीचर्स एसोसिएशन (रूटा) कार्यकारिणी की बैठक में प्रयोगात्मक एवं मौखिक परीक्षा के लिए केवल विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों को नियुक्त करने की मांग की गई है। बैठक में रुहेलखंड विश्वविद्यालय में खेल निदेशक का पद सृजित करने की मांग प्रमुखता से उठी है।
बुधवार को अध्यक्ष डा. मुकेश कुमार की अध्यक्षता व महामंत्री डा. स्वदेश कुमार के संचालन में वर्धमान कॉलेज बिजनौर में हुई रूटा की बैठक में मांग की गई है कि विवि परीक्षा समिति में लिए गए निर्णयों को तुरंत लागू करें। शिक्षकों को प्रयोगात्मक व लिखित परीक्षा की सूचना विवि सॉफ्टवेयर के माध्यम से दी जाए। कहा गया कि स्नातक स्तर पर प्रयोगात्मक व लिखित परीक्षा के लिए आंतरिक व बाह्य परीक्षक विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों को ही बनाया जाए। पीएचडी के कोर्स वर्क विश्वविद्यालय के साथ महाविद्यालयों में भी कराया जाए। मूल्यांकन केंद्र विश्वविद्यालय समेत अन्य जिलों में भी बनें। शिक्षकों की वरिष्ठता सूची का जल्द प्रकाशन हंो।
बैठक में विश्वविद्यालय में खेल निदेशक का पद सृजित करने की मांग प्रमुखता से उठी। कहा गया कि इससे खेल प्रतिभाओं को आगे आने का मौका मिलेगा। सदस्यों का कहना था कि स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों के पैनल में वरिष्ठता के अनुसार शिक्षकों का पैनल बनना चाहिए। विश्वविद्यालय के केंद्रीय मूल्यांकन में 50 प्रतिशत विश्वविद्यालय तथा 50 प्रतिशत महाविद्यालय के कार्डिनेटर नियुक्त हों। शिक्षक कल्याण कोष से सभी शिक्षकों को स्वास्थ्य बीमा पालिसी दी जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार को अध्यक्ष डा. मुकेश कुमार की अध्यक्षता व महामंत्री डा. स्वदेश कुमार के संचालन में वर्धमान कॉलेज बिजनौर में हुई रूटा की बैठक में मांग की गई है कि विवि परीक्षा समिति में लिए गए निर्णयों को तुरंत लागू करें। शिक्षकों को प्रयोगात्मक व लिखित परीक्षा की सूचना विवि सॉफ्टवेयर के माध्यम से दी जाए। कहा गया कि स्नातक स्तर पर प्रयोगात्मक व लिखित परीक्षा के लिए आंतरिक व बाह्य परीक्षक विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों को ही बनाया जाए। पीएचडी के कोर्स वर्क विश्वविद्यालय के साथ महाविद्यालयों में भी कराया जाए। मूल्यांकन केंद्र विश्वविद्यालय समेत अन्य जिलों में भी बनें। शिक्षकों की वरिष्ठता सूची का जल्द प्रकाशन हंो।
विज्ञापन
बैठक में विश्वविद्यालय में खेल निदेशक का पद सृजित करने की मांग प्रमुखता से उठी। कहा गया कि इससे खेल प्रतिभाओं को आगे आने का मौका मिलेगा। सदस्यों का कहना था कि स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों के पैनल में वरिष्ठता के अनुसार शिक्षकों का पैनल बनना चाहिए। विश्वविद्यालय के केंद्रीय मूल्यांकन में 50 प्रतिशत विश्वविद्यालय तथा 50 प्रतिशत महाविद्यालय के कार्डिनेटर नियुक्त हों। शिक्षक कल्याण कोष से सभी शिक्षकों को स्वास्थ्य बीमा पालिसी दी जाए।
विज्ञापन