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डेढ़ साल बाद भी शुरू नहीं हुआ सुआवाला का बालिका इंटर कॉलेज
Fri, 28 Jun 2019 12:12 AM IST
NAVEEN GUPTA
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Fri, 28 Jun 2019 12:12 AM IST
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गांव सुआवाला में तैयार राजकीय बालिका इंटर कालेज का भवन।
- फोटो : अमर उजाला
बिजनौर के अफजलगढ़ के गांव सुआवाला में तीन करोड़ की लागत से बने राजकीय बालिका इंटर कालेज का भवन बनकर तैयार है। मगर, डेढ़ साल बीत गया लेकिन इसका शुभारंभ नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने इसी सत्र में कालेज को शुरू कराने की मांग की है।
गांव सुआवाला में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज का निर्माण वर्ष 2013-14 में तीन करोड़ की लागत से स्वीकृत हुआ था। कार्यदायी संस्था यूनिट 16 सी एंड डीएस उत्तर प्रदेश जल निगम ने अप्रैल 2015 में इसका निर्माण प्रारंभ कराया। मार्च 2018 में निर्माण कार्य पूर्ण कर भवन तैयार कर दिया। मगर, डेढ़ साल बाद भी शिक्षा विभाग के अधिकारी कॉलेज भवन को हैंडओवर कर चालू नहीं कर पाया। ऐसे में बालिकाओं को बेहतर शिक्षा दिलाने के प्रयास सिर्फ बेमानी साबित हो रहे है। ग्रामीण चन्द्रपाल सिंह, आबिद, नवनीत, घनश्याम सिंह, मतलब और अहमद रजा आदि ने डीएम से कॉलेज को चालू कराने की मांग की है ।
अभी नहीं बना छात्रावास: डीआईओएस
डीआईओएस राजेश सिंह का कहना है कि विद्यालय के छात्रावास का कार्य अधूरा है। इसलिए विद्यालय भवन विभाग ने हैंडओवर नहीं किया है। उन्होंने डीएम के माध्यम से कालेज को चालू कराने के लिए शासन को पत्र लिखा है।
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असामाजिक तत्वों ने तोड़े खिड़कियों के शीशे
शिक्षा विभाग भवन की देखरेख करने का दायित्व नहीं निभा रहा है। लोगों का कहना है कि कालेज के कमरों में करीब 100 से ज्यादा खिड़कियां और दरवाजे लगे है। देखरेख के अभाव में शरारती तत्व उन्हें नुकसान पहुंचा रहे है। अधिकांश खिड़की में लगा कांच के शीशों को असामाजिक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया है।
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गांव सुआवाला में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज का निर्माण वर्ष 2013-14 में तीन करोड़ की लागत से स्वीकृत हुआ था। कार्यदायी संस्था यूनिट 16 सी एंड डीएस उत्तर प्रदेश जल निगम ने अप्रैल 2015 में इसका निर्माण प्रारंभ कराया। मार्च 2018 में निर्माण कार्य पूर्ण कर भवन तैयार कर दिया। मगर, डेढ़ साल बाद भी शिक्षा विभाग के अधिकारी कॉलेज भवन को हैंडओवर कर चालू नहीं कर पाया। ऐसे में बालिकाओं को बेहतर शिक्षा दिलाने के प्रयास सिर्फ बेमानी साबित हो रहे है। ग्रामीण चन्द्रपाल सिंह, आबिद, नवनीत, घनश्याम सिंह, मतलब और अहमद रजा आदि ने डीएम से कॉलेज को चालू कराने की मांग की है ।
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अभी नहीं बना छात्रावास: डीआईओएस
डीआईओएस राजेश सिंह का कहना है कि विद्यालय के छात्रावास का कार्य अधूरा है। इसलिए विद्यालय भवन विभाग ने हैंडओवर नहीं किया है। उन्होंने डीएम के माध्यम से कालेज को चालू कराने के लिए शासन को पत्र लिखा है।
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असामाजिक तत्वों ने तोड़े खिड़कियों के शीशे
शिक्षा विभाग भवन की देखरेख करने का दायित्व नहीं निभा रहा है। लोगों का कहना है कि कालेज के कमरों में करीब 100 से ज्यादा खिड़कियां और दरवाजे लगे है। देखरेख के अभाव में शरारती तत्व उन्हें नुकसान पहुंचा रहे है। अधिकांश खिड़की में लगा कांच के शीशों को असामाजिक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया है।