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सूर्यदेव ने भी मान ली ठंड
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 12 Jan 2017 12:02 AM IST
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मैदानी क्षेत्र में भी पाला गिरने से पेड़-पौधे बर्फ की चादर से ढके नजर आ रहे हैं। इसी नजारे के साथ बिजनौर में पौधों पर जमीं ओस की बूंदे। फोटो विपिन।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बिजनौर में शुक्रवार को हुई बारिश के बाद मौसम सर्द हो गया है। बुधवार की रात पाले की सफेद चादर बिछने से ठिठुरन बढ़ गई। दिन में चली सर्द हवा ने राहगीरों की मुसीबत बढ़ाई है। पाला पड़ने से फसल को भी नुकसान होने लगा है।
लगातार मौसम सर्द होता जा रहा है। हवा भी सर्द चल रही है। मंगलवार को दिनभर पश्चिम की ओर से चली हवा से मौसम ठंडा रहा। हालांकि आसमान साफ था। सूर्यदेव के दर्शन होते रहे। इससे लोगों में राहत जरूर रही, पर ठंडी हवा चलने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रात में भी आसमान साफ रहा। हवा के चलने से कोहरा तो छट गया, पर रात में जमकर पाला पड़ा। पांव फटते ही सड़कों के आसपास व छोटे-छोटे पेड़ व पौधों पर पाले की चादर बिछी देखी गई। पाला पड़ने से मौसम और अधिक ठंडा हो गया है। बुधवार को भी दिन में सर्द हवा चली। अनुमान लगाया जा रहा है कि अभी और पाला पड़ेगा। पाला पड़ने से आलू की फसल झुलस सकती है। यदि पाला ज्यादा पड़ा तो फसलों को नुकसान हो सकता है। किसान रवींद्र प्रताप सिंह, बलजीत शास्त्री, अशोक सिंह का कहना है कि फसल के लिए पाला नुकसानदायक है। इससे तो हल्का कोहरे के साथ मौसम ठंडा रहे तो गेहूं की फसल अच्छी होगी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को हुई बारिश गेहूं की फसल के लिए अच्छी रही है, पर अब पाला पड़ने से किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीर बढ़ने लगी है।
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लगातार मौसम सर्द होता जा रहा है। हवा भी सर्द चल रही है। मंगलवार को दिनभर पश्चिम की ओर से चली हवा से मौसम ठंडा रहा। हालांकि आसमान साफ था। सूर्यदेव के दर्शन होते रहे। इससे लोगों में राहत जरूर रही, पर ठंडी हवा चलने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रात में भी आसमान साफ रहा। हवा के चलने से कोहरा तो छट गया, पर रात में जमकर पाला पड़ा। पांव फटते ही सड़कों के आसपास व छोटे-छोटे पेड़ व पौधों पर पाले की चादर बिछी देखी गई। पाला पड़ने से मौसम और अधिक ठंडा हो गया है। बुधवार को भी दिन में सर्द हवा चली। अनुमान लगाया जा रहा है कि अभी और पाला पड़ेगा। पाला पड़ने से आलू की फसल झुलस सकती है। यदि पाला ज्यादा पड़ा तो फसलों को नुकसान हो सकता है। किसान रवींद्र प्रताप सिंह, बलजीत शास्त्री, अशोक सिंह का कहना है कि फसल के लिए पाला नुकसानदायक है। इससे तो हल्का कोहरे के साथ मौसम ठंडा रहे तो गेहूं की फसल अच्छी होगी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को हुई बारिश गेहूं की फसल के लिए अच्छी रही है, पर अब पाला पड़ने से किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीर बढ़ने लगी है।
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