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सबलगढ़ में सीमांकन को पहुंची सर्वे टीम
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नजीबाबाद के सबलगढ़ क्षेत्र में सीमांकन करती राजस्व और वन विभाग की टीम।
- फोटो : NAZIBABAD
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सबलगढ़ में सीमांकन को पहुंची सर्वे टीम
नजीबाबाद। सबलगढ़ क्षेत्र में नजीबाबाद और उत्तराखंड की सीमा चिह्नित करने के लिए राजस्व और वन विभाग के कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से अभियान शुरू किया। सर्वे टीम ने 127 हेक्टेयर भूमि चिह्नित कर खंदक खोदकर दोनों प्रदेशों की सीमा तय की।
एसडीएम परमानंद झा के निर्देशन में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की नजीबाबाद के सबलगढ़ क्षेत्र में सीमा तय करने के लिए शुक्रवार को अभियान शुरू किया गया। राजस्व विभाग और वन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से चलाए गए अभियान में सबलगढ़ क्षेत्र में तहसील की 127 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की। टीम की ओर से खंदक खोदकर सीमांकन किया गया।
एसडीएम परमानंद झा और तहसीलदार राधेश्याम शर्मा की देखरेख में सर्वे टीम में राजस्व विभाग के आरआई नरेंद्र सिंह, लेखपाल तेजेंद्र सिंह, विकास कुमार, वन विभाग के रेंजर आएन यादव, डिप्टी रेंजर विनोद कुमार की टीम ने कोटावाली से सबलगढ़ तक क्षेत्र का सर्वे कर प्रदेश की सीमा सुनिश्चित की। एसडीएम परमानंद झा ने बताया कि सीमांकन चिह्नित करने का अभियान शनिवार को भी जारी रहेगा।
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खनन पकड़े जाने के बाद उठा था सीमा विवाद
नजीबाबाद। सबलगढ़ में कोटावाली नदी क्षेत्र है। नजीबाबाद तहसील के गांव सबलगढ़ क्षेत्र में उत्तराखंड की सीमा लगी है। उत्तराखंड में खनन पट्टों के नाम पर खनन माफिया तहसील सीमा में प्रवेश कर रेत-बजरी का खनन करते हैं। जबकि तहसील क्षेत्र में खनन प्रतिबंधित है। हाल ही में जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय ने सबलगढ़ क्षेत्र में खनन कार्य चलते पकड़ा था। खनन कार्य पकड़े जाने के बाद क्षेत्र उत्तराखंड में होने का दावा किया गया था। जिसको डीएम ने गंभीरता से लेकर राजस्व और वन विभाग को तत्काल सर्वे कर सीमांकन के निर्देश दिए थे।
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नजीबाबाद। सबलगढ़ क्षेत्र में नजीबाबाद और उत्तराखंड की सीमा चिह्नित करने के लिए राजस्व और वन विभाग के कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से अभियान शुरू किया। सर्वे टीम ने 127 हेक्टेयर भूमि चिह्नित कर खंदक खोदकर दोनों प्रदेशों की सीमा तय की।
एसडीएम परमानंद झा के निर्देशन में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की नजीबाबाद के सबलगढ़ क्षेत्र में सीमा तय करने के लिए शुक्रवार को अभियान शुरू किया गया। राजस्व विभाग और वन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से चलाए गए अभियान में सबलगढ़ क्षेत्र में तहसील की 127 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की। टीम की ओर से खंदक खोदकर सीमांकन किया गया।
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एसडीएम परमानंद झा और तहसीलदार राधेश्याम शर्मा की देखरेख में सर्वे टीम में राजस्व विभाग के आरआई नरेंद्र सिंह, लेखपाल तेजेंद्र सिंह, विकास कुमार, वन विभाग के रेंजर आएन यादव, डिप्टी रेंजर विनोद कुमार की टीम ने कोटावाली से सबलगढ़ तक क्षेत्र का सर्वे कर प्रदेश की सीमा सुनिश्चित की। एसडीएम परमानंद झा ने बताया कि सीमांकन चिह्नित करने का अभियान शनिवार को भी जारी रहेगा।
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खनन पकड़े जाने के बाद उठा था सीमा विवाद
नजीबाबाद। सबलगढ़ में कोटावाली नदी क्षेत्र है। नजीबाबाद तहसील के गांव सबलगढ़ क्षेत्र में उत्तराखंड की सीमा लगी है। उत्तराखंड में खनन पट्टों के नाम पर खनन माफिया तहसील सीमा में प्रवेश कर रेत-बजरी का खनन करते हैं। जबकि तहसील क्षेत्र में खनन प्रतिबंधित है। हाल ही में जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय ने सबलगढ़ क्षेत्र में खनन कार्य चलते पकड़ा था। खनन कार्य पकड़े जाने के बाद क्षेत्र उत्तराखंड में होने का दावा किया गया था। जिसको डीएम ने गंभीरता से लेकर राजस्व और वन विभाग को तत्काल सर्वे कर सीमांकन के निर्देश दिए थे।