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Bijnor News: शारदा-यमुना-साबरमती लिंक नहर के निर्माण के लिए खादर क्षेत्र में ड्रोन से किया सर्वे
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नांगल के खादर क्षेत्र में ड्रोन से सर्वे के लिए पहुंची नेशनल वाटर डेवलपमेंट एजेंसी की टीम।
- उत्तराखंड के टनकपुर से कैराना तक होना है नहर का निर्माण
- नहर में 12000 मिलियन क्यूसेक पानी छोड़े जाने का है प्रस्ताव
संवाद न्यूज एजेंसी
नांगलसोती (बिजनौर)। नदी जोड़ो योजना के अंतर्गत 380 किलोमीटर लंबी शारदा-यमुना-साबरमती लिंक नहर परियोजना का निर्माण किया जाना है। नेशनल वाटर डेवलपमेंट एजेंसी के अधिकारियों ने शनिवार को नहर निर्माण के लिए नांगल के गंगा खादर में ड्रोन से भूमि का सर्वे किया।
केंद्र और राज्य सरकार भूगर्भ जल के गहराते संकट को देखते हुए काफी गंभीर है। नदी विकास और गंगा संरक्षण के लिए सरकार ने नदी जोड़ो योजना को हरी झंडी थी। इसके लिए उत्तराखंड के टनकपुर से बिजनौर, हरिद्वार, मुजफ्फरनगर, शामली जनपद के कई गांवों से होकर कैराना में यमुना नदी तक शारदा नहर का निर्माण होना है। नहर का निर्माण होने के बाद इसमें 12,000 मिलियन क्यूसेक पानी छोड़े जाने का प्रस्ताव है।
नेशनल वाटर डेवलपमेंट एजेंसी नहर निर्माण के लिए बनाए नक्शे के आधार पर सर्वे कर रही है। बृहस्पतिवार और शुक्रवार को एजेंसी के ड्रोन पायलट शमीर अहमद, को-पायलट सफवान और रविंद्र कुमार की टीम ने नांगल के गंगा खादर क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से भूमि का सर्वे किया।
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एजेंसी के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर राजीव कन्नौजिया ने बताया कि टनकपुर से शामली के कैराना यमुना नदी तक भूमि चयन के लिए सर्वे जारी है। 380 से 386 किलोमीटर लंबी शारदा नहर का निर्माण किया जाएगा। करीब 80 मीटर चौड़ी नहर बनाई जाएगी, जिसके लिए बिजनौर, हरिद्वार, मुजफ्फरनगर और शामली जनपद तक 600 मीटर चौड़ी भूमि का सर्वे किया जा रहा है।
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- नहर में 12000 मिलियन क्यूसेक पानी छोड़े जाने का है प्रस्ताव
संवाद न्यूज एजेंसी
नांगलसोती (बिजनौर)। नदी जोड़ो योजना के अंतर्गत 380 किलोमीटर लंबी शारदा-यमुना-साबरमती लिंक नहर परियोजना का निर्माण किया जाना है। नेशनल वाटर डेवलपमेंट एजेंसी के अधिकारियों ने शनिवार को नहर निर्माण के लिए नांगल के गंगा खादर में ड्रोन से भूमि का सर्वे किया।
केंद्र और राज्य सरकार भूगर्भ जल के गहराते संकट को देखते हुए काफी गंभीर है। नदी विकास और गंगा संरक्षण के लिए सरकार ने नदी जोड़ो योजना को हरी झंडी थी। इसके लिए उत्तराखंड के टनकपुर से बिजनौर, हरिद्वार, मुजफ्फरनगर, शामली जनपद के कई गांवों से होकर कैराना में यमुना नदी तक शारदा नहर का निर्माण होना है। नहर का निर्माण होने के बाद इसमें 12,000 मिलियन क्यूसेक पानी छोड़े जाने का प्रस्ताव है।
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नेशनल वाटर डेवलपमेंट एजेंसी नहर निर्माण के लिए बनाए नक्शे के आधार पर सर्वे कर रही है। बृहस्पतिवार और शुक्रवार को एजेंसी के ड्रोन पायलट शमीर अहमद, को-पायलट सफवान और रविंद्र कुमार की टीम ने नांगल के गंगा खादर क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से भूमि का सर्वे किया।
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एजेंसी के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर राजीव कन्नौजिया ने बताया कि टनकपुर से शामली के कैराना यमुना नदी तक भूमि चयन के लिए सर्वे जारी है। 380 से 386 किलोमीटर लंबी शारदा नहर का निर्माण किया जाएगा। करीब 80 मीटर चौड़ी नहर बनाई जाएगी, जिसके लिए बिजनौर, हरिद्वार, मुजफ्फरनगर और शामली जनपद तक 600 मीटर चौड़ी भूमि का सर्वे किया जा रहा है।