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खेतों में खड़ा गन्ना, चीनी मिल नहीं दे रही पर्ची

Wed, 04 Apr 2018 11:58 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर Updated Wed, 04 Apr 2018 11:58 PM IST
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Sugarcane standing in fields, sugar is not giving slip
बिजनौर में गन्ना समिति सचिव के दफ्तर में हंगामा करते किसान। - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में गन्ना पर्ची नहीं मिलने से किसानों में रोष व्याप्त है। गुस्साए किसानों ने गन्ना पर्ची वितरण के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर गन्ना समिति सचिव दफ्तर में जमकर हंगामा किया। करीब एक घंटे तक शोर शराबा करने के बाद किसान सुधार नहीं होने पर समिति पर धरना देने की चेतावनी देकर चले गए। उधर, राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने 10 अप्रैल को कलक्ट्रेट में गन्ने की होली जलाने का एलान किया है।
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गन्ना खेतों में खड़ा है और किसानों को पर्ची नहीं मिल रही हैं। बुधवार को परेशान हाल किसानों के सब्र का बांध टूट गया। बिजनौर शुगर मिल से जुड़े गन्ना खरीद केंद्र चौकी गोकलपुर के किसान इकट्ठा होकर गन्ना समिति दफ्तर आए और सचिव कार्यालय में पहुंचे। वहां कार्यवाहक सचिव मिले। विनय, पवन, सुजीत, काले, कपिल, अनुराग आदि किसानों ने उनसे शिकायत की कि पखवाड़ा असमान होने की बात कहकर मिल गेट के किसानों को उनके केंद्र पर लगा दिया गया है। उन किसानों को रोजाना 20-22 पर्ची दी जा रही हैं। उनकी पांच दिन से पर्ची नहीं आई है। उनके पास थोड़ी थोड़ी जमीन है। वे बेबस हैं। आखिर क्या करें?
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आरोप है कि कार्यवाहक सचिव ने किसानों को इधर उधर की बात करके टालना चाहा। किसानों ने कार्यवाहक सचिव से पर्ची दिलवाने की काफी देर तक खुशामद की। परंतु कार्यवाहक सचिव नहीं पिघले और कायदे कानून की बात करते रहे। कुछ होता नहीं देख किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। किसानों ने दफ्तर में ही हंगामा शुरू कर दिया। शोरशराबा होने पर अन्य कर्मचारी आ गए। करीब एक घंटे तक हंगामा होता रहा, बाद में कर्मचारियों ने किसी तरह किसानों को समझा बुझाकर शांत किया।
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बिलाई शुगर मिल में जल्द बंद हो सकती है पेराई बिजनौर। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन की जिला बैठक में गन्ना पर्चियां नहीं मिलने का मुद्दा छाया रहा। किसानों ने आरोप लगाया कि बिलाई शुगर मिल गलत आंकड़े देकर मिल जल्दी बंद करने की फिराक में है। संगठन ने गन्ना दुर्गति को लेकर 10 अप्रैल को कलक्ट्रेट में गन्ने की होली जलाने का निर्णय लिया है। बैठक में आए संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश लांबा ने किसानों की गन्ना संबंधी शिकायतों को गंभीरता से सुना। किसानों ने बताया कि गन्ना विभाग के आंकड़ों के अनुसार ही करीब डेढ़ करोड़ क्विंटल गन्ना खेतों में खड़ा है। सट्टा पूरा करने के नाम पर प्रभावशाली किसानों को पर्ची दी जा रही हैं। लघु और मध्यम किसान हाथ हाथ रखे बैठा है। हफ्तों पर्ची नहीं आती हैं।
किसान समिति दफ्तर के चक्कर काटता-काटता परेशान है, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। आरोप लगाया कि बिलाई शुगर मिल ने दिसंबर तक का गन्ना पेमेंट किया है। अब मिल गन्ना उधार लेने को भी तैयार नहीं है। मिल ने किसानों से पेराई एक सप्ताह में बंद करने की बात कहनी शुरू कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष कैलाश लांबा ने किसानों को भरोसा दिया कि किसानों का एक एक गन्ना मिल पर डलेगा। परेशान होने की जरूरत नहीं है। बैठक में 10 अप्रैल को गन्ने की होली जलाने के लिए अधिक अधिक संख्या में किसानों से बिजनौर पहुंचने का आह्वान किया गया। इस दौरान ब्लाक अध्यक्ष वेदप्रकाश सिंह, शकील अहमद आदि रहे।
कोल्हू पर 180-90 रुपये में लिया जा रहा गन्ना बिजनौर। चीनी मिल पर्ची नहीं दे रहे हैं और किसानों को खेत खाली करने की जल्दी है। क्योंकि गर्मी बढ़ने से गन्ने का वजन कम हो रहा है। किसान की मजबूरी का फायदा उठाते हुए कोल्हू संचालकों ने गन्ने का रेट गिरा दिया है। पैसों के लिए किसान अपना गन्ना कम रेट पर बेचने के लिए मजबूर है। रामपाल सिंह, सुदेश, हरवीर, गजे आदि के अनुसार कोल्हू पर गन्ने का रेट 180-190 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
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