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‘कम से कम 400 रुपये हो गन्ना मूल्य’
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‘कम से कम 400 रुपये हो गन्ना मूल्य’
धामपुर। गन्ना मूल्य में वृद्धि न होने से नाराज किसानों ने प्रदेश सरकार को किसान विरोधी बताया है। किसानों का कहना है कि सरकार किसानों को सालाना छह हजार रुपये देकर लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने सरकार से गन्ने का मूल्य कम से कम 400 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की है।
किसान विजेंद्र सिंह का कहना है कि प्रदेश सरकार किसानों के साथ बहुत बड़ा धोखा कर रही है। दूसरे साल भी गन्ने के समर्थन मूल्य में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। किसानों को पूरा दर स्वीकार करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। दयाराम सिंह का कहना है कि गन्ना फसल की लागत के मुताबिक भी किसानों को गन्ना मूल्य नहीं मिल रहा है। किसानों को खेती करना मुश्किल हो गया है। देवेंद्र कौशिक का कहना है कि भाजपा की सरकार में किसानों को जमकर उत्पीड़न हो रहा है। किसानों को सरकार आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर रही है। बलवीर सिंह का कहना है कि किसानों की दुर्दशा का प्रदेश सरकार को कोई ख्याल नहीं है। उन्होंने कहा कि 400 रुपये प्रति क्विंटल कम गन्ना मूल्य किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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धामपुर। गन्ना मूल्य में वृद्धि न होने से नाराज किसानों ने प्रदेश सरकार को किसान विरोधी बताया है। किसानों का कहना है कि सरकार किसानों को सालाना छह हजार रुपये देकर लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने सरकार से गन्ने का मूल्य कम से कम 400 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की है।
किसान विजेंद्र सिंह का कहना है कि प्रदेश सरकार किसानों के साथ बहुत बड़ा धोखा कर रही है। दूसरे साल भी गन्ने के समर्थन मूल्य में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। किसानों को पूरा दर स्वीकार करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। दयाराम सिंह का कहना है कि गन्ना फसल की लागत के मुताबिक भी किसानों को गन्ना मूल्य नहीं मिल रहा है। किसानों को खेती करना मुश्किल हो गया है। देवेंद्र कौशिक का कहना है कि भाजपा की सरकार में किसानों को जमकर उत्पीड़न हो रहा है। किसानों को सरकार आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर रही है। बलवीर सिंह का कहना है कि किसानों की दुर्दशा का प्रदेश सरकार को कोई ख्याल नहीं है। उन्होंने कहा कि 400 रुपये प्रति क्विंटल कम गन्ना मूल्य किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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