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पिछले साल के बराबर हुई गन्ना पेराई, किसान और मिल भी परेशान

Thu, 23 Apr 2020 09:39 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 23 Apr 2020 09:39 PM IST
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Sugarcane crushing equivalent to last year
पिछले साल के बराबर हुई गन्ना पेराई
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बिजनौर। जिले की कई चीनी मिलों ने लगभग पिछले साल के बराबर गन्ने की पेराई कर कर दी है। मिलों के पास अब भी बहुत गन्ना खड़ा है। गन्ने का उत्पादन बढ़ने से चीनी मिल भी परेशान हैं। गन्ना पेराई सीजन मई तक चलना तय है। धामपुर चीनी मिल का तो पेराई सत्र जून तक जाने का अनुमान था। मिल का गन्ना ग्रुप की ही दूसरी मिलों को डायवर्ट किया गया है।
गन्ना जिले की चीनी मिलों की मुख्य फसल है। हालांकि जिले के किसान केवल गन्ने की फसल पर ही आश्रित होते जा रहे हैं। जिले में हर साल गन्ने का रकबा बढ़ता जा रहा है। किसान गन्ने के अलावा कोई दूसरी फसल बोने के लिए तैयार नहीं हैं। जिले में गन्ने का रकबा और उत्पादन हर साल बढ़ता जा रहा है। इसी की वजह से पिछले दो तीन सालों से चीनी के दाम गर्त में पहुंच चुके हैं। हाल ये है कि किसान अपना गन्ना बेचने के लिए भी परेशान हैं। किसानों के पास गन्ना ज्यादा है और गन्ना डालने के लिए पर्ची कम हैं। पिछले साल जिले में गन्ना 63 क्विंटल प्रति बीघा निकला था, इस बार ये 65 क्विंटल प्रति बीघा से भी अधिक है। जिले में अब भी खेतों में बहुत गन्ना खड़ा है। किसानों का गन्ना डलवाने के लिए विभाग सर्वे करा रहा है, जिन किसानों के पास गन्ना कम है उनके खाता बंद करके जरूरतमंद किसानों को गन्ना पर्ची दी जाएंगी।
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चीनी मिल पिछले साल पेराई इस साल पेराई
धामपुर 211.20 179.44
स्योहारा 185.44 168.62
बिलाई 124.60 123.25
बहादरपुर 101.47 101.02
बरकातपुर 113 111.98
बुंदकी 104.17 105.24
चांदपुर 55.95 53.64
बिजनौर 34.16 34.08
नजीबाबाद 47.56 42.93
कुल 977.55 920.20
नोट:गन्ने की खरीद लाख क्विंटल में है। इस साल की पेराई के आंकड़े 21 अप्रैल तक के हैं।
पूरा गन्ना पेराई कर ही बंद होंगी मिलें
बिजनौर चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक राहुल चौधरी के अनुसार चीनी मिल के पास अभी बहुत गन्ना है। मिल पूरा गन्ना पेराई कर ही बंद होगी। किसान गन्ना बेचने के लिए परेशान न हों।
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लटकेगा भुगतान
गन्ने की पैदावार ज्यादा होने के चलते चीनी का रेट कम होना व भुगतान लटकना तय है। अगर किसान गन्ने का रकबा थोड़ा थोड़ा भी कम करेंगे तो इसका फायदा किसानों को ही मिलेगा।दूसरी फसल भी बोए किसान। भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह का कहना है कि है कि किसान केवल गन्ने की फसल के ही भरोसे न रहें। किसानों को दूूसरी फसल भी बोनी चाहिएं। उनका कहना है कि किसान सभी तरह की फसल बोएं। यह जमीन के लिए भी अच्छा रहेगा।
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