फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Sugarcane acreage increased, mills did not increase demand

गन्ने का रकबा बढ़ा, मिलों ने नहीं बढ़ाई मांग

Thu, 13 Aug 2020 11:42 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 13 Aug 2020 11:42 PM IST
विज्ञापन
Sugarcane acreage increased, mills did not increase demand
गन्ने का रकबा बढ़ा, मिलों ने नहीं बढ़ाई मांग
विज्ञापन

बिजनौर। आने वाला गन्ना पेराई सत्र किसानों के लिए चिंता का कारण बन सकता है। किसानों ने गन्ने के रकबे में 11.56 प्रतिशत वृद्धि कर दी है। साथ ही गन्ने की फसल भी खेतों में अच्छी खड़ी है। लेकिन चीनी की घटी कीमतों को देखते हुए चीनी मिल गन्ने की मांग ज्यादा नहीं कर रहे हैं। हालांकि पिछले साल के पेराई सत्र की मांग के मुकाबले गन्ना मांग में वृद्धि की गई है, लेकिन यह पिछले साल की गई पेराई के बराबर भी नहीं है। गन्ने के रकबे में हो चुकी वृद्धि और पैदावार में संभावित वृद्धि को देखते हुए अगले पेराई सत्र में भी किसानों के लिए गन्ना पर्ची कम पड़ना तय है।
गन्ने पर किसानों की निर्भरता लगातार बढ़ती जा रही है। किसान हर साल गन्ना रकबा में बढ़ोतरी कर रहे हैं तो अच्छी प्रजाति और मेहनत की वजह से पैदावार भी लगातार बढ़ रही है। इस साल कोरोना संक्रमण को हराने के लिए लगाए गए लॉक डाउन में किसानों ने गन्ना रकबे में और ज्यादा वृद्धि कर ली। गन्ना रकबा किसानों ने 11.56 प्रतिशत बढ़ा दिया। जिस बिलाई चीनी मिल से गन्ना भुगतान इस साल में पूरा होने की कोई आस नहीं दिखती है, उसके क्षेत्र के किसानों ने भी रकबे में 20 प्रतिशत की वृद्धि कर ली। पेराई शुरू करने से पहले चीनी मिल प्रशासन गन्ने की मांग के बारे में गन्ना विभाग को पत्र लिखता है। मिलों ने इस बार भी अपनी खपत के अनुसार मांग विभाग को भेज दी है। पिछले साल के मुकाबले मांग में वृद्धि की गई है, लेकिन यह उतनी नहीं है कि गन्ना रकबे में वृद्धि को पूरा कर सके। किसानों ने पिछले सीजन में गन्ना पर्ची कम पड़ने के बाद भी रकबे में ज्यादा वृद्धि करके मांग और आपूर्ति के सिद्धांत को ही बिगाड़ दिया है।
विज्ञापन

चीनी मिल 2019-20 में मांग पेेराई 2020-21 में मांग पिछले साल रकबा इस साल रकबा
बिजनौर 54.20 40.36 63 7701 7781
धामपुर 223.84 231.63 252 45179 48608
स्योहारा 199.55 214.50 198 28898 38323
नजीबाबाद 53.82 51.66 51.06 16491 16295
बुुंदकी 117.72 128.10 110.86 26492 29838
चांदपुर 64.86 64.65 81 14785 15211
बिलाई 148.99 146.47 134.42 23965 28602
बरकातपुर 123.72 141.36 126 26810 28715
बहादरपुर 112.67 119.47 106.46 27636 29029
योग 1099.37 1138.20 1122.80 221753 247389
नोट : गन्ने की मांग और पेराई लाख क्विंटल में है। आंकड़े गन्ना विभाग से लिए गए हैं। रकबे में धनौरा मिल का भी थोड़ा रकबा शामिल है।
अन्य फसलों को भी बोएं किसान
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के वेस्ट यूपी महासचिव कैलाश लांबा का कहना है कि गन्ने के बिकने की गारंटी होती है इसलिए किसानों का रुझान गन्ने पर ही है। फिर भी किसानों को दूसरी फसलों की ओर रुख करना चाहिए। लघु व सीमांत वर्ग से ऊपर के किसानों को कम से कम कुछ जमीन में अपने खाने के लिए ही सब्जी, दाल बोनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed