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Bijnor News: किसानों को मुफ्त दी जाए चीनी मिल की मैली
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धामपुर। सोमवार को मुरादाबाद रोड स्थित एक मंडप में हुई गन्ना समिति की साधारण सभा की बैठक में समिति सभापति मोहन सिंह उर्फ रामवीर सिंह ने गन्ना विभाग की ओर से चल रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली। किसान प्रतिनिधियों ने गन्ना विभाग और चीनी मिल अधिकारियों के सामने विभिन्न समस्याओं को उठाते हुए निदान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
कहा कि चीनी मिल अधिकारियों से हर साल किसानों को निशुल्क प्रेसमड (मैली) देने की मांग की जाती है लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। किसानों ने पंजाब, हरियाणा की तर्ज पर गन्ने की पत्ती की गठरी बांधने की मशीनें उपलब्ध कराने की मांग की। इससे किसानों को फसल अवशेष जलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। भाकियू के पूर्व तहसील अध्यक्ष कविराज सिंह ने आरोप लगाया कि गन्ना विभाग और चीनी मिलों की ओर से किसानों को सपने तो ऊंचे दिखाए जा रहे हैं लेकिन उन्हें धरातल पर उतारने का प्रयास नहीं किया जा रहा। अफजलगढ़ क्षेत्र के गांव मुबारकपुर गांवड़ी के किसानों ने धामपुर चीनी मिल के गन्ना क्रय केंद्र को अफजलगढ़ में शामिल करने का मुद्दा उठाया।
दुष्यंत राणा ने कहा कि चीनी मिल द्वारा किसानों को दवाइयां के नाम पर जो सब्सिडी दी जाती है वह तत्काल उनके खाते में भेजी जाए। किसानों को फिर बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। किसान नेता हरिराज सिंह, रूपेश चौधरी, योगेंद्र कुमार, नौबहार सिंह, रामकुमार सिंह, आदि ने किसानों की समस्याएं रखीं। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अमित कुमार पांडे, मिल सहायक उपाध्यक्ष संजीव कुमार, मनोज कुमार चौहान आदि ने योजनाओं की जानकारी दी। संचालन समिति सचिव विनोद कुमार सिंह ने किया। सचिव ने बताया कि 30 सितंबर तक सभी किसान उपज बढ़ोतरी एवं नई सदस्यता संबंधी आवश्यक कार्रवाई ऑनलाइन कर संबंधित अभिलेख गन्ना सुपरवाइजरों को उपलब्ध करा दें। धामपुर गन्ना समिति में किसान मेले का आयोजन किया जा रहा है। जिन किसानों के गन्ना संबंधी आंकड़ों में गड़बड़ी है तो वे तत्काल आपत्ति दर्ज करा कर ठीक करा लें। मेला 25 सितंबर को खत्म हो रहा है।
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कहा कि चीनी मिल अधिकारियों से हर साल किसानों को निशुल्क प्रेसमड (मैली) देने की मांग की जाती है लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। किसानों ने पंजाब, हरियाणा की तर्ज पर गन्ने की पत्ती की गठरी बांधने की मशीनें उपलब्ध कराने की मांग की। इससे किसानों को फसल अवशेष जलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। भाकियू के पूर्व तहसील अध्यक्ष कविराज सिंह ने आरोप लगाया कि गन्ना विभाग और चीनी मिलों की ओर से किसानों को सपने तो ऊंचे दिखाए जा रहे हैं लेकिन उन्हें धरातल पर उतारने का प्रयास नहीं किया जा रहा। अफजलगढ़ क्षेत्र के गांव मुबारकपुर गांवड़ी के किसानों ने धामपुर चीनी मिल के गन्ना क्रय केंद्र को अफजलगढ़ में शामिल करने का मुद्दा उठाया।
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दुष्यंत राणा ने कहा कि चीनी मिल द्वारा किसानों को दवाइयां के नाम पर जो सब्सिडी दी जाती है वह तत्काल उनके खाते में भेजी जाए। किसानों को फिर बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। किसान नेता हरिराज सिंह, रूपेश चौधरी, योगेंद्र कुमार, नौबहार सिंह, रामकुमार सिंह, आदि ने किसानों की समस्याएं रखीं। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अमित कुमार पांडे, मिल सहायक उपाध्यक्ष संजीव कुमार, मनोज कुमार चौहान आदि ने योजनाओं की जानकारी दी। संचालन समिति सचिव विनोद कुमार सिंह ने किया। सचिव ने बताया कि 30 सितंबर तक सभी किसान उपज बढ़ोतरी एवं नई सदस्यता संबंधी आवश्यक कार्रवाई ऑनलाइन कर संबंधित अभिलेख गन्ना सुपरवाइजरों को उपलब्ध करा दें। धामपुर गन्ना समिति में किसान मेले का आयोजन किया जा रहा है। जिन किसानों के गन्ना संबंधी आंकड़ों में गड़बड़ी है तो वे तत्काल आपत्ति दर्ज करा कर ठीक करा लें। मेला 25 सितंबर को खत्म हो रहा है।
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