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छात्र विद्यालयों के प्रांगण में सीखेंगे खेलों के दांव पेंच
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छात्र विद्यालयों के प्रांगण में सीखेंगे खेलों के दांव पेंच
बिजनौर। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक अब छात्रों को ज्ञान के साथ ही खेलकूद के दांव पेंच भी सिखाएंगे। इसके लिए सप्ताह के पहले चार दिन विद्यालयों में खेलकूद की गतिविधियां कराई जाएंगी। जिन विद्यालयों में प्रांगण नहीं है, तो वहां इंडोर गेम आदि सिखाएं जाएंगे। इस संबंध में विभाग ने समय व खेल का विवरण जारी कर दिया है।
खेल से छात्र-छात्राओं का सर्वांगीण विकास होता है। इस लिए शिक्षा के साथ साथ छात्रों को खेल के लिए खेल प्रतियोगिता कराई जाती है। परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में खेलकूद प्रतियोगिता होती है। कोरोनाकाल के कारण प्रतियोगिताओं पर ब्रेक लग गया था। परिषदीय विद्यालयों के लिए कैलेंडर जारी कर दिया है। अब सप्ताह के पहले चार दिन खेलों की गतिविधियां कराई जाएंगी। छात्र-छात्राओं की रुचि एवं विद्यालयों में प्रांगण के आधार पर नियमित रूप से खेल कराए जाएंगे। जिला व्यायाम शिक्षक अरविंद अहलावत ने बताया कि इसका उद्देश्य यह है कि विद्यालयों में ही छात्रों को खेलों का अच्छा अभ्यास हो जाएं, ताकि वह ब्लॉक, जिला एवं राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में अपना परचम लहराएं।
कैलेंडर के अनुसार अगस्त माह से खेल कूद प्रतियोगिता कराई जाएंगी। विद्यालयों में व्यायाम शिक्षक, अनुदेशक छात्रों को नियमित खेल सिखाएंगे।
- जयकरन यादव, बीएसए
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बिजनौर। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक अब छात्रों को ज्ञान के साथ ही खेलकूद के दांव पेंच भी सिखाएंगे। इसके लिए सप्ताह के पहले चार दिन विद्यालयों में खेलकूद की गतिविधियां कराई जाएंगी। जिन विद्यालयों में प्रांगण नहीं है, तो वहां इंडोर गेम आदि सिखाएं जाएंगे। इस संबंध में विभाग ने समय व खेल का विवरण जारी कर दिया है।
खेल से छात्र-छात्राओं का सर्वांगीण विकास होता है। इस लिए शिक्षा के साथ साथ छात्रों को खेल के लिए खेल प्रतियोगिता कराई जाती है। परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में खेलकूद प्रतियोगिता होती है। कोरोनाकाल के कारण प्रतियोगिताओं पर ब्रेक लग गया था। परिषदीय विद्यालयों के लिए कैलेंडर जारी कर दिया है। अब सप्ताह के पहले चार दिन खेलों की गतिविधियां कराई जाएंगी। छात्र-छात्राओं की रुचि एवं विद्यालयों में प्रांगण के आधार पर नियमित रूप से खेल कराए जाएंगे। जिला व्यायाम शिक्षक अरविंद अहलावत ने बताया कि इसका उद्देश्य यह है कि विद्यालयों में ही छात्रों को खेलों का अच्छा अभ्यास हो जाएं, ताकि वह ब्लॉक, जिला एवं राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में अपना परचम लहराएं।
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कैलेंडर के अनुसार अगस्त माह से खेल कूद प्रतियोगिता कराई जाएंगी। विद्यालयों में व्यायाम शिक्षक, अनुदेशक छात्रों को नियमित खेल सिखाएंगे।
- जयकरन यादव, बीएसए