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Bijnor News: डॉक्टर बनने का सपना लेकर आई छात्राएं बनी फ्रॉड
Tue, 02 Sep 2025 11:55 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Tue, 02 Sep 2025 11:55 PM IST
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बिजनौर। एमबीबीएस कर डॉक्टर बनने का सपना लेकर आई दो छात्राएं फ्रॉड बन गई। महात्मा विदुर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में स्वतंत्रता सेनानी के फर्जी प्रमाणपत्र से एमबीबीएस में दाखिला लेने में गाजियाबाद और अमरोहा की रहने वाली दोनों छात्राओं के नाम प्रकाश में आ गए हैं। अब इन पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
नीट क्वालीफाई करने के बाद भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में सीट पाना आसान नहीं है। इसके लिए लोग तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में फर्जी प्रमाण पत्र से एमबीबीएस सीट पाना भी इसी खेल का हिस्सा है। ऐसे में जिन दो छात्रों ने बिजनौर मेडिकल कॉलेज में फर्जी प्रमाण पत्र लगाए थे। उनके नाम सामने आ गए हैं। मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या के अनुसार गाजियाबाद के विजयनगर निवासी वेदिका प्रिया ने स्वतंत्रता सेनानी का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर काउंसलिंग में आरक्षण पाकर एमबीबीएस की सीट हासिल की। वेदिका ने बिजनौर मेडिकल कॉलेज में प्रवेश ले लिया था। लखनऊ स्तर से जांच हुई तो प्रमाण पत्र फर्जी निकला और इस सीट को निरस्त कर दिया गया है। वहीं अमरोहा निवासी आफिया ने भी आवेदन के समय स्वतंत्रता सेनानी का फर्जी प्रमाण पत्र लगाया था। बिजनौर मेडिकल कॉलेज में काउंसलिंग के दौरान वह अपना कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकी। जिससे उसका एडमिशन नहीं लिया गया।
मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या उर्मिला कार्या ने कहा कि हमने पुलिस अधीक्षक बिजनौर और शासन को इसकी रिपोर्ट भेज दी है।
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नीट क्वालीफाई करने के बाद भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में सीट पाना आसान नहीं है। इसके लिए लोग तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में फर्जी प्रमाण पत्र से एमबीबीएस सीट पाना भी इसी खेल का हिस्सा है। ऐसे में जिन दो छात्रों ने बिजनौर मेडिकल कॉलेज में फर्जी प्रमाण पत्र लगाए थे। उनके नाम सामने आ गए हैं। मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या के अनुसार गाजियाबाद के विजयनगर निवासी वेदिका प्रिया ने स्वतंत्रता सेनानी का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर काउंसलिंग में आरक्षण पाकर एमबीबीएस की सीट हासिल की। वेदिका ने बिजनौर मेडिकल कॉलेज में प्रवेश ले लिया था। लखनऊ स्तर से जांच हुई तो प्रमाण पत्र फर्जी निकला और इस सीट को निरस्त कर दिया गया है। वहीं अमरोहा निवासी आफिया ने भी आवेदन के समय स्वतंत्रता सेनानी का फर्जी प्रमाण पत्र लगाया था। बिजनौर मेडिकल कॉलेज में काउंसलिंग के दौरान वह अपना कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकी। जिससे उसका एडमिशन नहीं लिया गया।
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मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या उर्मिला कार्या ने कहा कि हमने पुलिस अधीक्षक बिजनौर और शासन को इसकी रिपोर्ट भेज दी है।