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विधिक शोध को आदत बनाएं छात्र: डा. सुनील
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विधिक शोध को आदत बनाएं छात्र: डा. सुनील
बिजनौर। विवेक कॉलेज ऑफ लॉ में शोध पत्र कैसे लिखें विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का शुभारंभ वर्धमान कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर मुख्य अतिथि डा. सुनील कुमार जोशी, महाविद्यालय के चेयरमैन अमित गोयल, सचिव दीपक मित्तल, कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र अग्रवाल, प्राचार्य राजीव चौधरी ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया। डा. सुनील जोशी ने छात्र-छात्राओं को रिसर्च पेपर लिखने के तरीकों के बारे में बताया। उन्हाेंने कहा कि रिसर्च द्वारा किसी भी समसामयिक विषय पर एक नया दृष्टिकोण बनाया जा सकता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को रिसर्च हेतु प्राथमिक एवं द्वितीय स्रोत, ई-स्रोत आदि के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि कानून के छात्रों को शोध को आदत बना लेनी चाहिए। प्राचार्य राजीव चौधरी ने कहा कि किसी भी शोधपत्र के लिए विषय चयन करना सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शोध का विषय नवीन, रुचिकर, ग्राह्य तथा समसामयिक होना चाहिए।
चैयरमेन अमित गोयल ने कार्यशाला को छात्र-छात्राओं के लिए स्वर्णिम अवसर बताते हुए कहा कि कानून के छात्र/छात्राओ को बेहतरीन शोधार्थी होना ही चाहिए। कार्यक्रम का संचालन सुंबुल और कृतिका अग्रवाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर कोआर्डिनेटर हितेश शर्मा, डा. संजय त्यागी, डा. पुष्पा जोशी, डा. अरविंद कुमार, डा. नीलम शर्मा, विपिन कुमार, डा. अपर्णा सोती, आंचल निर्वान, पीके दीक्षित, अंकित कुमार, अंकित शर्मा एवं छात्र-छात्राएं आदि उपस्थित रहे।
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बिजनौर। विवेक कॉलेज ऑफ लॉ में शोध पत्र कैसे लिखें विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का शुभारंभ वर्धमान कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर मुख्य अतिथि डा. सुनील कुमार जोशी, महाविद्यालय के चेयरमैन अमित गोयल, सचिव दीपक मित्तल, कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र अग्रवाल, प्राचार्य राजीव चौधरी ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया। डा. सुनील जोशी ने छात्र-छात्राओं को रिसर्च पेपर लिखने के तरीकों के बारे में बताया। उन्हाेंने कहा कि रिसर्च द्वारा किसी भी समसामयिक विषय पर एक नया दृष्टिकोण बनाया जा सकता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को रिसर्च हेतु प्राथमिक एवं द्वितीय स्रोत, ई-स्रोत आदि के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि कानून के छात्रों को शोध को आदत बना लेनी चाहिए। प्राचार्य राजीव चौधरी ने कहा कि किसी भी शोधपत्र के लिए विषय चयन करना सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शोध का विषय नवीन, रुचिकर, ग्राह्य तथा समसामयिक होना चाहिए।
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चैयरमेन अमित गोयल ने कार्यशाला को छात्र-छात्राओं के लिए स्वर्णिम अवसर बताते हुए कहा कि कानून के छात्र/छात्राओ को बेहतरीन शोधार्थी होना ही चाहिए। कार्यक्रम का संचालन सुंबुल और कृतिका अग्रवाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर कोआर्डिनेटर हितेश शर्मा, डा. संजय त्यागी, डा. पुष्पा जोशी, डा. अरविंद कुमार, डा. नीलम शर्मा, विपिन कुमार, डा. अपर्णा सोती, आंचल निर्वान, पीके दीक्षित, अंकित कुमार, अंकित शर्मा एवं छात्र-छात्राएं आदि उपस्थित रहे।
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