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छात्र गलत भर रहे ओएमआर शीट

Wed, 24 Nov 2021 11:27 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 24 Nov 2021 11:27 PM IST
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Students filling wrong OMR sheet
छात्र गलत भर रहे ओएमआर शीट
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बिजनौर। सीबीएसई की 10वीं व 12वीं की प्रथम टर्म की परीक्षा पैटर्न में बदलाव के साथ शुरू हो गई हैं। परंतु छात्रों को ओएमआर शीट में बदलाव का ज्ञान नहीं होना परीक्षाफल पर असर डाल सकता है। इसको लेकर अभिभावकों को चिंता सता रही है। सीबीएसई की जिला कोआर्डिनेटर डॉ. सीमा विश्वास ने विद्यालयों से ओएमआर शीट भरने का अभ्यास कराने की अपील की है।
सीबीएसई ने इस साल परीक्षा का पैटर्न बदला है। छात्रों को ओएमआर शीट पर जवाब देने हैं। बोर्ड ने छात्रों को ओएमआर शीट भरने का अभ्यास कराने के लिए विद्यालयों को ओएमआर शीट का प्रारूप भेजा था। जिला कोआर्डिनेटर डॉ. सीमा विश्वास ने बताया कि 16 नवंबर से प्रथम टर्म की परीक्षा चल रही है। पहले माइनर विषयों की परीक्षा है। 30 नवंबर से मुख्य विषय की परीक्षा है। 25 नवंबर को बड़ी परीक्षा है। परीक्षा 39 केंद्रों पर चल रही है। उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्रों से मिल रही सूचनाओं के अनुसार छात्र ओएमआर शीट पर सवालों के जवाब भरने में बड़ी गलती कर रहे हैं। यह गलती छात्रों के परीक्षाफल व मेरिट को प्रभावित कर सकती है। विद्यालयों से बार बार कहा गया था कि वे ओएमआर शीट पर सवालों के जवाब भरने का अभ्यास कराएं।
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छात्र ये कर रहे हैं गलती
जिला कोआर्डिनेटर डॉ. सीमा विश्वास ने बताया कि ओएमआर शीट पर सवालों का जवाब देने के लिए हर सवाल में चार गोले अर्थात राउंड हैं। छात्र को सही जवाब वाले राउंड को डार्क करने के साथ आगे दिए गए ब्लॉक में सही जवाब का नंबर भी लिखना है। बताया गया कि छात्र राउंड को डार्क तो कर रहे हैं, परंतु ब्लॉक को नहीं भर रहे हैं। इससे छात्र का जवाब सही होने पर शून्य अंक मिल रहा है। कहा कि राउंड डार्क करने के साथ ब्लाक का भरना जरूरी है।
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इलेक्ट्रानिक मशीन से हो रहा मूल्यांकन
डॉ. सीमा विश्वास ने बताया कि ओएमआर शीट का मूल्यांकन इलेक्ट्रानिक मशीन से हो रहा है। ब्लाक भरा नहीं होने पर इलेक्ट्रानिक चेकिंग मशीन जवाब को नहीं पकड़ेगी। मशीन सवाल को गलत मानकर शून्य अंक देगी। इसका सीधा असर छात्रों के प्राप्तांक पर पड़ रहा है। विद्यालयों से अपील है कि वे आगे के पेपरों में गलती सुधार के लिए ओएमआर शीट भरने का अभ्यास करा दें। वहीं, जिला अभिभावक संघ के अध्यक्ष नृपेंद्र देशवाल का कहना है कि यह गंभीर मामला है। थोड़ी सी कमी से छात्रों के कॅरियर पर असर पड़ेगा। कॉलेज छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मामले को गंभीरता से लें।
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