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हंगामा करने वालों के खिलाफ हो कड़ी कार्रवाई
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हंगामा करने वालों के खिलाफ हो कड़ी कार्रवाई
बिजनौर। दिल्ली में हुए ट्रैक्टर रैली में जिले के किसानों ने भी हिस्सा लिया। ट्रैक्टर रैली में हिस्सा लेकर किसान बुधवार को घर आ गए। दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को जिले के किसान भी गलत बता रहे हैं। वे कह रहे हैं कि हिंसा में जो पकड़ा गया है उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह का कहना है कि वे ट्रैक्टर रैली में शामिल थे और रैली तय रूट पर चल रहा था। रैली में शामिल हुए कुछ लोगों ने लाल किले की ओर जाने वाले मार्ग पर जबरन किसानों को भेजा। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर किसानों को वापस बुलाया। बाद में हंगामे का पता चला। उनका कहना है कि यह हंगामा प्रायोजित था और इसमें भाजपा व आरएसएस के लोग शामिल थे। लालकिले पर धार्मिक झंडा लगाने वाला व्यक्ति भाजपा सांसद का प्रतिनिधि है। उसने कुछ दिन पहले भी हंगामा करने की कोशिश की थी। पुलिस को इसकी शिकायत की गई थी लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया।
‘हंगामा करने वालों के खिलाफ हो कार्रवाई’
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन जिलाध्यक्ष विनोद कुमार का कहना है कि संगठन के लोगों ने ट्रैक्टर रैली निकाली, लेकिन हंगामा नहीं किया। हंगामे की वीडियो में कहीं भी उनके संगठन का झंडा नहीं दिख रहा है। उनके संगठन के लोगों ने तय रूट पर रैली निकाल लौट आए। कहा कि हंगामा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए लेकिन सभी किसानों को एक नजर से नहीं देखा जाना चाहिए।
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‘रैली के बीच में कुछ लोग घुस गए’
गांव चौकपुरी के पूर्व प्रधान नतेंद्र कुमार का कहना है कि दिल्ली पुलिस ने पहले दिल्ली के अंदर जाने की अनुमति दे दी और बाद में उस रास्ते पर बैरिकेडिंग कर दी। इस बीच कुछ लोग भीड़ में घूस गए जिन्होंने हंगामा किया। कहा कि वे ट्रैक्टर रैली में बहुत पीछे थे और उनके लोगों ने शांतिपूर्वक रैली निकाली। कहा किसानों के शांतिपूर्ण आंदोलन में हंगामा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
‘अराजक तत्वों ने किया आंदोलन को खराब’
अफजलगढ़। भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष दर्शन सिंह फौजी का कहना है कि अराजक तत्वों ने आंदोलन को खराब करने का कार्य किया है। कुछ दिल्ली पुलिस व प्रशासनिक गलतियों के कारण यह घटना घटित हुई है। पुलिस व प्रशासन द्वारा किसानों का सही रास्तों की जानकारी नहीं दी गई। वे हंगामे के दौरान ट्रैक्टर रैली में बहुत पीछे थे और अब भी गाजीपुर बॉर्डर पर ही हैं। उन्होंने घटित हुई घटनाओं को गलत बताते हुए कहा कि व ऐसी घटनाओं के पक्ष में नहीं है ।
‘रूट को लेकर किसान थे असमंजस’
भाकियू के उपाध्यक्ष मुख्तार सिंह का कहना है कि दिल्ली पुलिस की गलती के कारण घटना घटित हुई है। पुलिस ने किसानों को कोई रूठ क्लियर नहीं किया था। इसके कारण किसान असमंजस में रहे। कहा कि उनके क्षेत्र के लोगों ने शांतिपूर्वक ट्रैक्टर रैली में हिस्सा लिया है। जो हुआ वह गलत हुआ है। ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए थी वह ऐसी किसी घटना के पक्षधर नहीं है।
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बिजनौर। दिल्ली में हुए ट्रैक्टर रैली में जिले के किसानों ने भी हिस्सा लिया। ट्रैक्टर रैली में हिस्सा लेकर किसान बुधवार को घर आ गए। दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को जिले के किसान भी गलत बता रहे हैं। वे कह रहे हैं कि हिंसा में जो पकड़ा गया है उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह का कहना है कि वे ट्रैक्टर रैली में शामिल थे और रैली तय रूट पर चल रहा था। रैली में शामिल हुए कुछ लोगों ने लाल किले की ओर जाने वाले मार्ग पर जबरन किसानों को भेजा। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर किसानों को वापस बुलाया। बाद में हंगामे का पता चला। उनका कहना है कि यह हंगामा प्रायोजित था और इसमें भाजपा व आरएसएस के लोग शामिल थे। लालकिले पर धार्मिक झंडा लगाने वाला व्यक्ति भाजपा सांसद का प्रतिनिधि है। उसने कुछ दिन पहले भी हंगामा करने की कोशिश की थी। पुलिस को इसकी शिकायत की गई थी लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया।
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‘हंगामा करने वालों के खिलाफ हो कार्रवाई’
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन जिलाध्यक्ष विनोद कुमार का कहना है कि संगठन के लोगों ने ट्रैक्टर रैली निकाली, लेकिन हंगामा नहीं किया। हंगामे की वीडियो में कहीं भी उनके संगठन का झंडा नहीं दिख रहा है। उनके संगठन के लोगों ने तय रूट पर रैली निकाल लौट आए। कहा कि हंगामा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए लेकिन सभी किसानों को एक नजर से नहीं देखा जाना चाहिए।
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‘रैली के बीच में कुछ लोग घुस गए’
गांव चौकपुरी के पूर्व प्रधान नतेंद्र कुमार का कहना है कि दिल्ली पुलिस ने पहले दिल्ली के अंदर जाने की अनुमति दे दी और बाद में उस रास्ते पर बैरिकेडिंग कर दी। इस बीच कुछ लोग भीड़ में घूस गए जिन्होंने हंगामा किया। कहा कि वे ट्रैक्टर रैली में बहुत पीछे थे और उनके लोगों ने शांतिपूर्वक रैली निकाली। कहा किसानों के शांतिपूर्ण आंदोलन में हंगामा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
‘अराजक तत्वों ने किया आंदोलन को खराब’
अफजलगढ़। भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष दर्शन सिंह फौजी का कहना है कि अराजक तत्वों ने आंदोलन को खराब करने का कार्य किया है। कुछ दिल्ली पुलिस व प्रशासनिक गलतियों के कारण यह घटना घटित हुई है। पुलिस व प्रशासन द्वारा किसानों का सही रास्तों की जानकारी नहीं दी गई। वे हंगामे के दौरान ट्रैक्टर रैली में बहुत पीछे थे और अब भी गाजीपुर बॉर्डर पर ही हैं। उन्होंने घटित हुई घटनाओं को गलत बताते हुए कहा कि व ऐसी घटनाओं के पक्ष में नहीं है ।
‘रूट को लेकर किसान थे असमंजस’
भाकियू के उपाध्यक्ष मुख्तार सिंह का कहना है कि दिल्ली पुलिस की गलती के कारण घटना घटित हुई है। पुलिस ने किसानों को कोई रूठ क्लियर नहीं किया था। इसके कारण किसान असमंजस में रहे। कहा कि उनके क्षेत्र के लोगों ने शांतिपूर्वक ट्रैक्टर रैली में हिस्सा लिया है। जो हुआ वह गलत हुआ है। ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए थी वह ऐसी किसी घटना के पक्षधर नहीं है।