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परिषदीय स्कूलों में बनेंगे खेल मैदान
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परिषदीय स्कूलों में बनेंगे खेल मैदान
बिजनौर। परिषदीय विद्यालयों में ज्ञान के साथ विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों की नर्सरी तैयारी की जाएगी। इसके लिए करीब 100 परिषदीय विद्यालयों में मनरेगा के माध्यम से खेल मैदान तैयार किए जाएंगे। शिक्षा विभाग पर्याप्त जमीन वाले विद्यालयों की सूची तैयार कर मनरेगा व सीडीओ कार्यालय को सौंपेगा। जिन विद्यालयों में खेल मैदान तैयार करने को पर्याप्त जगह नहीं है, उन विद्यालयों में इनडोर गेम को बढ़ावा दिया जाएगा।
जनपद में 2119 परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों से करीब 150 बड़े खेल मैदान हैं। इसके अलावा करीब 50 विद्यालयों में कबड्डी, खो-खो आदि ही खेल खेले जा सकते हैं। बाकी विद्यालयों में खेल मैदान का अभाव है। वर्तमान में ब्लॉक स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जा रहा है। अक्तूबर माह के अंत में जिला स्तरीय प्रतियोगिता होगी। शिक्षा विभाग की ओर से खेल का मैदान बनाने के लिए पर्याप्त भूमि वाले स्कूलों की सूची मनरेगा को भेजी जाएगी। मनरेगा से खेल के मैदान में तीन लाख रुपये तक खर्च किए जा सकते हैं। जिला व्यायाम शिक्षक अरविंद कुमार अहलावत ने बताया कि खेल मैदान बनने से खेल का अच्छा माहौल बनता है। पर्याप्त जमीन वाले विद्यालयों में मैदान बनाना अच्छी पहल है। विद्यालयों में फुटबॉल, क्रिकेट, हॉकी, खो-खो, कबड्डी, अलग-अलग दौड़ प्रतियोगिताएं आसानी से हो जाया करेंगी।
खेल मैदान बनने से छात्र प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होंगे। पर्याप्त जमीन वाले विद्यालयों को चिह्नित किया जा रहा है। खेल मैदान बनाने में मनरेगा की मदद ली जाएगी - जयकरन यादव, बीएसए
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बिजनौर। परिषदीय विद्यालयों में ज्ञान के साथ विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों की नर्सरी तैयारी की जाएगी। इसके लिए करीब 100 परिषदीय विद्यालयों में मनरेगा के माध्यम से खेल मैदान तैयार किए जाएंगे। शिक्षा विभाग पर्याप्त जमीन वाले विद्यालयों की सूची तैयार कर मनरेगा व सीडीओ कार्यालय को सौंपेगा। जिन विद्यालयों में खेल मैदान तैयार करने को पर्याप्त जगह नहीं है, उन विद्यालयों में इनडोर गेम को बढ़ावा दिया जाएगा।
जनपद में 2119 परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों से करीब 150 बड़े खेल मैदान हैं। इसके अलावा करीब 50 विद्यालयों में कबड्डी, खो-खो आदि ही खेल खेले जा सकते हैं। बाकी विद्यालयों में खेल मैदान का अभाव है। वर्तमान में ब्लॉक स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जा रहा है। अक्तूबर माह के अंत में जिला स्तरीय प्रतियोगिता होगी। शिक्षा विभाग की ओर से खेल का मैदान बनाने के लिए पर्याप्त भूमि वाले स्कूलों की सूची मनरेगा को भेजी जाएगी। मनरेगा से खेल के मैदान में तीन लाख रुपये तक खर्च किए जा सकते हैं। जिला व्यायाम शिक्षक अरविंद कुमार अहलावत ने बताया कि खेल मैदान बनने से खेल का अच्छा माहौल बनता है। पर्याप्त जमीन वाले विद्यालयों में मैदान बनाना अच्छी पहल है। विद्यालयों में फुटबॉल, क्रिकेट, हॉकी, खो-खो, कबड्डी, अलग-अलग दौड़ प्रतियोगिताएं आसानी से हो जाया करेंगी।
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खेल मैदान बनने से छात्र प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होंगे। पर्याप्त जमीन वाले विद्यालयों को चिह्नित किया जा रहा है। खेल मैदान बनाने में मनरेगा की मदद ली जाएगी - जयकरन यादव, बीएसए
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