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सपा ने जिपं अध्यक्ष चुनाव में नहीं खोले पत्ते
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सपा ने जिपं अध्यक्ष चुनाव में नहीं खोले पत्ते
बिजनौर। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सपा ने शनिवार को अपने पत्ते नहीं खोले हैं। भाकियू ने भी चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह ताल ठोक दी है। भाकियू के साथ आसपा के आठ जिला पंचायत सदस्य आ गए हैं। आजाद समाज पार्टी और भाकियू चुनाव में एक साथ हो गए हैं। इस हालत में सपा गठबंधन को तय करना है कि वह किसे चुनाव लड़ाए। वहीं, भाजपा के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने वाले दोनों दावेदारों ने पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।
सपा के पास सबसे ज्यादा 20 जिला पंचायत सदस्य हैं। सपा से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नसरीन सैफी, रफी अंसारी, शाहजहां, सरदार मनदीप सिंह व प्रतिभा चौहान चुनाव लड़ने के लिए ताल ठोक रहे हैं। सपा से गठबंधन में रालोद के साथ भाकियू के दो सदस्य हैं। सपा मुस्लिम चेहरे को दरकिनार करके किसी नए हिंदू चेहरे पर दांव खेलना चाहती है। सरदार मनदीप सिंह सपा नेताओं की पहली पसंद हैं। सपा नेता मान रहे हैं कि विधानसभा चुनाव में हर सीट पर उन्हें सरदार मनदीप सिंह का लाभ मिलेगा। सपा को शनिवार को अपने प्रत्याशी के पत्ते खोलने थे, लेकिन अब दो दिन बाद सपा गठबंधन के प्रत्याशी की घोषणा होगी।
वहीं, भाकियू युवा के प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह की पत्नी निगम चौधरी ने भी अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के लिए ताल ठोक दी है। निगम चौधरी के पास आठ सदस्य हैं। आजाद समाज पार्टी भी उनके साथ आ गई है। आजाद समाज पार्टी के पास भी आठ सदस्य हैं। भाकियू नेता अब इस बात पर अड़े हैं कि निगम चौधरी का सपा व रालोद समर्थन करें क्योंकि भाकियू आजाद समाज पार्टी समेत 16 सदस्य अपने साथ लिए खड़ी है। इसे लेकर सपा खेमे में भी खलबली मची हुई है। पूर्व विधायक शाहनवाज राना अपनी पत्नी इंतेखाब राना को चुनाव मैदान में उतार रहे हैं। उन्होंने भी सदस्यों को अपने पाले में लाने के लिए जोड़तोड़ शुरू कर दी है। मुस्लिम सदस्यों के अलावा अन्य सदस्यों पर भी वे डोरे डाल रहे हैं।
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भाजपा में सामने आ रहे दो नाम
भाजपा से चुनाव लड़ने के लिए पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी व आयुष चौहान ताल ठोक रहे हैं। भाजपा के पास फिलहाल दस सदस्य हैं। पार्टी के दोनों दावेदार सदस्यों को अपने पाले में करने की जोड़तोड़ करने में जुटे हैं। जिलास्तर पर दोनों के नाम पार्टी हाईकमान को भेज दिए गए हैं। कौन चुनाव लड़ेगा इस पर दो दिन बाद फैसला होगा।
शुरू हो गया प्रलोभल का खेल
चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों ने अभी से सदस्यों को अपने पाले में लाने के लिए प्रलोभन देना शुरू कर दिया है। सदस्यों को फोन करके प्रलोभन दिया जा रहा है। सपा जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन के मुताबिक अभी उन्होंने प्रत्याशी पद पर पत्ते नहीं खोले हैं। दो दिन बाद तस्वीर साफ हो जाएगी। उन्होंने कहा कि हिंदू-मुस्लिम सभी के नामों पर विचार किया जा रहा है। जिले की मौजूदा स्थिति को देखकर हो सही होगा, वही निर्णय लिया जाएगा। भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष वाल्मीकि के मुताबिक दोनों दावेदारों के नाम हाईकमान को भेज दिए गए हैं। वहीं से प्रत्याशी की घोषणा होगी। भाकियू युवा के प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह के मुताबिक आजाद समाज पार्टी और भाकियू एक साथ आ गए हैं, दोनों के पास 16 सदस्य हैं।
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बिजनौर। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सपा ने शनिवार को अपने पत्ते नहीं खोले हैं। भाकियू ने भी चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह ताल ठोक दी है। भाकियू के साथ आसपा के आठ जिला पंचायत सदस्य आ गए हैं। आजाद समाज पार्टी और भाकियू चुनाव में एक साथ हो गए हैं। इस हालत में सपा गठबंधन को तय करना है कि वह किसे चुनाव लड़ाए। वहीं, भाजपा के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने वाले दोनों दावेदारों ने पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।
सपा के पास सबसे ज्यादा 20 जिला पंचायत सदस्य हैं। सपा से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नसरीन सैफी, रफी अंसारी, शाहजहां, सरदार मनदीप सिंह व प्रतिभा चौहान चुनाव लड़ने के लिए ताल ठोक रहे हैं। सपा से गठबंधन में रालोद के साथ भाकियू के दो सदस्य हैं। सपा मुस्लिम चेहरे को दरकिनार करके किसी नए हिंदू चेहरे पर दांव खेलना चाहती है। सरदार मनदीप सिंह सपा नेताओं की पहली पसंद हैं। सपा नेता मान रहे हैं कि विधानसभा चुनाव में हर सीट पर उन्हें सरदार मनदीप सिंह का लाभ मिलेगा। सपा को शनिवार को अपने प्रत्याशी के पत्ते खोलने थे, लेकिन अब दो दिन बाद सपा गठबंधन के प्रत्याशी की घोषणा होगी।
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वहीं, भाकियू युवा के प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह की पत्नी निगम चौधरी ने भी अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के लिए ताल ठोक दी है। निगम चौधरी के पास आठ सदस्य हैं। आजाद समाज पार्टी भी उनके साथ आ गई है। आजाद समाज पार्टी के पास भी आठ सदस्य हैं। भाकियू नेता अब इस बात पर अड़े हैं कि निगम चौधरी का सपा व रालोद समर्थन करें क्योंकि भाकियू आजाद समाज पार्टी समेत 16 सदस्य अपने साथ लिए खड़ी है। इसे लेकर सपा खेमे में भी खलबली मची हुई है। पूर्व विधायक शाहनवाज राना अपनी पत्नी इंतेखाब राना को चुनाव मैदान में उतार रहे हैं। उन्होंने भी सदस्यों को अपने पाले में लाने के लिए जोड़तोड़ शुरू कर दी है। मुस्लिम सदस्यों के अलावा अन्य सदस्यों पर भी वे डोरे डाल रहे हैं।
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भाजपा में सामने आ रहे दो नाम
भाजपा से चुनाव लड़ने के लिए पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी व आयुष चौहान ताल ठोक रहे हैं। भाजपा के पास फिलहाल दस सदस्य हैं। पार्टी के दोनों दावेदार सदस्यों को अपने पाले में करने की जोड़तोड़ करने में जुटे हैं। जिलास्तर पर दोनों के नाम पार्टी हाईकमान को भेज दिए गए हैं। कौन चुनाव लड़ेगा इस पर दो दिन बाद फैसला होगा।
शुरू हो गया प्रलोभल का खेल
चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों ने अभी से सदस्यों को अपने पाले में लाने के लिए प्रलोभन देना शुरू कर दिया है। सदस्यों को फोन करके प्रलोभन दिया जा रहा है। सपा जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन के मुताबिक अभी उन्होंने प्रत्याशी पद पर पत्ते नहीं खोले हैं। दो दिन बाद तस्वीर साफ हो जाएगी। उन्होंने कहा कि हिंदू-मुस्लिम सभी के नामों पर विचार किया जा रहा है। जिले की मौजूदा स्थिति को देखकर हो सही होगा, वही निर्णय लिया जाएगा। भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष वाल्मीकि के मुताबिक दोनों दावेदारों के नाम हाईकमान को भेज दिए गए हैं। वहीं से प्रत्याशी की घोषणा होगी। भाकियू युवा के प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह के मुताबिक आजाद समाज पार्टी और भाकियू एक साथ आ गए हैं, दोनों के पास 16 सदस्य हैं।