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तहसील पर रहा सन्नाटा
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Fri, 11 Nov 2016 12:16 AM IST
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नजीबाबाद में केंद्र सरकार द्वारा 500 और 1000 रुपये के नोट का प्रचलन एकाएक बंद कर देने का असर तहसील मुख्यालय पर भी पड़ा। तहसील मुख्यालय पर जहां दिनभर सन्नाटा पसरा रहा, वहीं आर्थिक जगत में आए बड़े बदलाव से असहज लोग अपनी अन्य सभी समस्याओं को भुलाकर केवल बैंकों पर ही जमे रहे।
बृहस्पतिवार सुबह तहसील मुख्यालय पर सभी कार्यालय रोजाना की तरह तो खुले, मगर उनमें कामकाज न के बराबर हुआ। तहसील परिसर का माहौल कुछ ऐसा था जैसे नजीबाबाद तहसील क्षेत्र के लोगों की समस्याएं निपट चुकी हों और क्षेत्र का भरपूर विकास हो गया हो। किसी को किसी से कोई शिकायत न रह गई हो। मुंसिफ कोर्ट क्षेत्र में भी खासा सन्नाटा पसरा रहा। ज्यादातर अधिवक्ताओं के बस्ते ठंडे पड़े रहे। कई अधिवक्ता तो तहसील पहुंचे ही नहीं।
गार्डों से ग्राहकों की हुईं झड़प
धामपुर में बृहस्पतिवार की सुबह बैंकों में पांच सौ और एक हजार के नोटों को जमा करने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। एसबीआई की मुख्य शाखा में बैंक में तैनात गार्डों के रवैये से ग्राहकों में नाराजगी फैल गई। गार्डों ने बताया कि मुख्य महाप्रबंधक का आदेश है कि वह शाखा के भीतर किसी को भी मोबाइल या कैमरे से फोटो नहीं खींचने दें। ऐसा करने वालों को गार्डों ने बैंक से बाहर निकाल दिया। लोगों ने विरोध किया, बैंक शाखा के चैनल को काफी देर बंद कर दिया गया। खाताधारक पंकज कुमार, सुशील कुमार, मितान, कृपाल सिंह, अशोक कुमार ने कहा कि बैंक में इन नोटों को खाते में जमा करने में किसी प्रकार कोई दिक्कत नहीं आई। मांग के अनुरूप बैंक से दो दो हजार तक की रकम भी दी गई है। दी अरबन कोआपरेटिव बैँक के प्रबंधक मिस्टर शर्मा ने बताया कि पांच सौ और दो हजार के नए नोटों के न आने से प्राब्लम हुई है।
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बृहस्पतिवार सुबह तहसील मुख्यालय पर सभी कार्यालय रोजाना की तरह तो खुले, मगर उनमें कामकाज न के बराबर हुआ। तहसील परिसर का माहौल कुछ ऐसा था जैसे नजीबाबाद तहसील क्षेत्र के लोगों की समस्याएं निपट चुकी हों और क्षेत्र का भरपूर विकास हो गया हो। किसी को किसी से कोई शिकायत न रह गई हो। मुंसिफ कोर्ट क्षेत्र में भी खासा सन्नाटा पसरा रहा। ज्यादातर अधिवक्ताओं के बस्ते ठंडे पड़े रहे। कई अधिवक्ता तो तहसील पहुंचे ही नहीं।
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गार्डों से ग्राहकों की हुईं झड़प
धामपुर में बृहस्पतिवार की सुबह बैंकों में पांच सौ और एक हजार के नोटों को जमा करने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। एसबीआई की मुख्य शाखा में बैंक में तैनात गार्डों के रवैये से ग्राहकों में नाराजगी फैल गई। गार्डों ने बताया कि मुख्य महाप्रबंधक का आदेश है कि वह शाखा के भीतर किसी को भी मोबाइल या कैमरे से फोटो नहीं खींचने दें। ऐसा करने वालों को गार्डों ने बैंक से बाहर निकाल दिया। लोगों ने विरोध किया, बैंक शाखा के चैनल को काफी देर बंद कर दिया गया। खाताधारक पंकज कुमार, सुशील कुमार, मितान, कृपाल सिंह, अशोक कुमार ने कहा कि बैंक में इन नोटों को खाते में जमा करने में किसी प्रकार कोई दिक्कत नहीं आई। मांग के अनुरूप बैंक से दो दो हजार तक की रकम भी दी गई है। दी अरबन कोआपरेटिव बैँक के प्रबंधक मिस्टर शर्मा ने बताया कि पांच सौ और दो हजार के नए नोटों के न आने से प्राब्लम हुई है।
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