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Bijnor News: चार साल से तिरपाल की झोपड़ी में आसरा, नहीं मिला आवास
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गांव मीरपुरघासी निवासी विजयलक्ष्मी ने डीएम से योजना का लाभ दिलाने की गुहार लगाई
संवाद न्यूज एजेंसी
अफजलगढ़। गांव मीरपुरघासी निवासी विजयलक्ष्मी ने योजना के तहत आवास के लिए आवेदन किया, लेकिन चार साल बाद भी गरीब परिवार को छत मुहैया नहीं हो सकी। परिवार मजबूरन तिरपाल की झोपड़ी में रहने को मजबूर है। पीड़ित ने डीएम से शीघ्र आवास योजना का लाभ दिलाने की गुहार लगाई है।
गांव मीरपुरघासी निवासी विजयलक्ष्मी के नाम गांव में पट्टा किया गया था। तभी विजयलक्ष्मी ने आवास योजना के अंतर्गत ब्लाॅक पर आवेदन किया। मगर, चार साल बीतने के बाद भी पीड़ित को आवास योजना का लाभ नही मिला। परिवार के लोग पट्टे की भूमि पर फूंस की झोपड़ी पर पाॅलिथीन डालकर रहने को मजबूर है। पीड़ित के चार बच्चे है। वह अपने पति के साथ खेतों पर मजदूरी कर अपना व अपने परिवार का पालन पोषण करती हैं।
पीड़ित का कहना है कि उसने अनेक बार अधिकारियों से मकान बनवाने की गुहार लगाई है, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नही हो रही है। पीड़ित ने डीएम से शीघ्र आवास योजना का लाभ दिलाने की गुहार लगाई है।
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इस संबंध में बीडीओ दिनेश शर्मा का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि वह पात्र है तो उसे शीघ्र आवास योजना का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अफजलगढ़। गांव मीरपुरघासी निवासी विजयलक्ष्मी ने योजना के तहत आवास के लिए आवेदन किया, लेकिन चार साल बाद भी गरीब परिवार को छत मुहैया नहीं हो सकी। परिवार मजबूरन तिरपाल की झोपड़ी में रहने को मजबूर है। पीड़ित ने डीएम से शीघ्र आवास योजना का लाभ दिलाने की गुहार लगाई है।
गांव मीरपुरघासी निवासी विजयलक्ष्मी के नाम गांव में पट्टा किया गया था। तभी विजयलक्ष्मी ने आवास योजना के अंतर्गत ब्लाॅक पर आवेदन किया। मगर, चार साल बीतने के बाद भी पीड़ित को आवास योजना का लाभ नही मिला। परिवार के लोग पट्टे की भूमि पर फूंस की झोपड़ी पर पाॅलिथीन डालकर रहने को मजबूर है। पीड़ित के चार बच्चे है। वह अपने पति के साथ खेतों पर मजदूरी कर अपना व अपने परिवार का पालन पोषण करती हैं।
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पीड़ित का कहना है कि उसने अनेक बार अधिकारियों से मकान बनवाने की गुहार लगाई है, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नही हो रही है। पीड़ित ने डीएम से शीघ्र आवास योजना का लाभ दिलाने की गुहार लगाई है।
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इस संबंध में बीडीओ दिनेश शर्मा का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि वह पात्र है तो उसे शीघ्र आवास योजना का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा।