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शांति के दूत थे ईसा मसीह
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 04 Dec 2016 11:57 PM IST
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मेथोडिस्ट चर्च में परंपरागत ढंग से की विशेष प्रार्थना
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर के नजीबाबाद में क्रिसमस आगमन (एडवेंट सीजन) के दूसरे रविवार को मेथोडिस्ट चर्च में परंपरागत ढंग से शांति की प्रतीक नीले रंग की मोमबत्तियां जलाकर विशेष प्रार्थना की गई। मोहल्ला संतोमालन स्थित मेथोडिस्ट चर्च में रविवार सुबह पादरी आशीष कुमार ने प्रभु यीशू की आराधना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा कि ईसा मसीह शांति के दूत बनकर इस जगत में अवतरित हुए। उनके अवतरण पर पूरा विश्व एडवेंट के दूसरे रविवार को नीले रंग की मोमबत्तियां प्रकाशित करता है। कार्यक्रम में तानिया प्रसाद ने विशेष प्रार्थना सभा का संचालन किया।
समिता सिंह ने पवित्र बाइबिल से प्रभु यीशू के जन्म के बारे में संदेश दिया। कार्यक्रम में बच्चों ने प्रभु यीशू मसीह के पैदा होने का चित्रण नाटिका के रूप में पेश किया तथा अवतरण से धरती पर छाई खुशी को संगीतमयी वातावरण में विशेष गीत के जरिए प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में सतीश, इनोश, समिता, रोहन, अंशी, तानिया, रतिका, वंश, गोल्डी, विनीता चंद्रा आदि का सहयोग रहा।
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उन्होंने कहा कि ईसा मसीह शांति के दूत बनकर इस जगत में अवतरित हुए। उनके अवतरण पर पूरा विश्व एडवेंट के दूसरे रविवार को नीले रंग की मोमबत्तियां प्रकाशित करता है। कार्यक्रम में तानिया प्रसाद ने विशेष प्रार्थना सभा का संचालन किया।
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समिता सिंह ने पवित्र बाइबिल से प्रभु यीशू के जन्म के बारे में संदेश दिया। कार्यक्रम में बच्चों ने प्रभु यीशू मसीह के पैदा होने का चित्रण नाटिका के रूप में पेश किया तथा अवतरण से धरती पर छाई खुशी को संगीतमयी वातावरण में विशेष गीत के जरिए प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में सतीश, इनोश, समिता, रोहन, अंशी, तानिया, रतिका, वंश, गोल्डी, विनीता चंद्रा आदि का सहयोग रहा।
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