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Bijnor News: शांति व अकीदत के साथ मनाई गई शब-ए-बरात

Thu, 05 Feb 2026 12:19 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 05 Feb 2026 12:19 AM IST
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Shab-e-Barat celebrated with peace and devotion
बिजनौर/गजरौला शिव। जनपद में शब-ए-बरात शांति और अकीदत के साथ मनाई गई। मस्जिदों व मदरसों में इजलास-ए-आम व सीरत उन नबी आयोजित किए गए। मौलानाओं ने मुसलमानों से बुराई का रास्ता छोड़ दीन के रास्ते पर चलकर अपनी जिंदगी गुजारने की अपील की।
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मंगलवार की रात भर इबादत की गई। मुसलमानों ने कब्रिस्तान पहुंचकर अपने अजीज मरहूमों की मगफिरत के लिए दुआएं कीं। मस्जिदों व मदरसों में मुल्क के लिए अमनोअमान की दुआएं मांगी गईं। बिजनौर की जामा मस्जिद चाहशीरी में ईशा की नमाज के बाद एक इजलास-ए-आम में उलमा ने मुसलमानों को अल्लाह के बताए मार्ग पर चलने, बुरे कामों से बचने को कहा। कार्यक्रम की शुरुआत कारी फैजान कासमी की कुरआन-ए-पाक की तिलावत से हुई। इसके बाद कारी मोहम्मद जमशेद द्वारा नात-ए-पाक पेश की गई। मुफ्ती वकार, कारी हन्नान, मौलाना आदम मुस्तफा, मौलाना मोहम्मद जाहिद, मुफ्ती ओवैस अकरम ने विचार रखे।
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मदरसे के छात्र मोहम्मद अजहान, हारिस व मोहम्मद साद मिर्जा ने कुरआन की तिलावत की। जामा मस्जिद के इमाम मौलाना वरीस अहमद, कारी शुऐब, अल्ताफ अहमद, नौशाद उर्फ नोश, मस्जिद के मुतवल्ली जावेद आफताब, जीशान मिर्ज़ा, शहजाद अहमद, मोहम्मद अहमद आदि मौजूद रहे।
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गजरौला शिव की जामा मस्जिद में नमाजियों को खिताब करते हुए मुफ्ती गयासुद्दीन ने कहा कि यह रात हमें आपस में जोड़ने वाली रात है। इस रात नफ्ल नमाज पढ़ें, कुरआन की तिलावत करें। अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगे। सुबह फजर की नमाज जमात के साथ अदा करें। इस रात हलवा करना, आतिशबाजी करने से परहेज करें। इस मौके पर मोहम्मद जावेद, हाजी मोहम्मद यामीन, मोहम्मद यूसुफ, फरमान मलिक, नसीम अहमद, मोहम्मद अकरम आदि मौजूद रहे।
हल्दौर। नगर की जामा मस्जिद में कारी हारून की निजामत हुए कार्यक्रम में हाफिज अब्दुल्लाह व हाफिज मोहम्मद अर्श ने कुरआन-ए-पाक की तिलावत की। हाफिज जुबैर की नाते पाक से प्रोग्राम शुरू हुआ।

जामा मस्जिद के इमाम मुफ्ती मोहम्मद अब्दुल्लाह जामिई ने कहा कि शब-ए- बरात कोई त्योहार नहीं हैं। न ही इसमें कोई दावत पार्टी की जाती है बल्कि ये गुनाहों से छुटकारा पाने वाली मगफिरत वाली रात है।
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