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UP: महानिदेशक चिकित्सा को तीन माह की सजा, गिरफ्तारी वारंट जारी, जानिए- क्या है पूरा मामला
Thu, 25 Aug 2022 07:42 PM IST
कपिल kapil
अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
Published by: कपिल kapil
Updated Thu, 25 Aug 2022 07:42 PM IST
सार
महानिदेशक चिकित्सा को तीन माह की सजा सनाई गई है। साथ ही गिरफ्तारी के वारंट जारी किए गए हैं। जानिए आखिर पूरा मामला क्या है।
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अदालत।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
बिजनौर में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के आदेश का अनुपालन नहीं करने पर आयोग ने महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश लखनऊ को तीन माह के साधारण कारावास व 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करने की सजा सुनाई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लखनऊ को इस वारंट का अनुपालन करने का भी आदेश दिया गया है।
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आयोग की अध्यक्ष दीपा जैन और सदस्य मनोज कुमार की ओर से आदेश जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि जिला आयोग ने महानिदेशक निदेशालय चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं प्रशिक्षण के विरुद्ध परिवादनी शिखा आर्य का परिवाद आंशिक रूप से स्वीकार किया। इसके बाद उन्हें आदेशित किया था कि वह जमा दिनांक 19 जुलाई 2017 से पूर्ण एवं वास्तविक अदायवी दिनांक तक छह प्रतिशत ब्याज सहित सिक्योरिटी मनी दो लाख रुपये आयोग के आदेश के दिनांक से 30 दिन के अंदर शिखा आर्य को अदा करें। मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में 10 हजार रुपये व वाद व्यय के रूप में पांच हजार रुपये शिखा आर्य को अदा करें।
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इस आदेश का अनुपालन न होने पर शिखा आर्य ने आयोग के समक्ष 21 अक्तूबर 2020 को निष्पादन वाद प्रस्तुत किया। इस मामले में आदेश का अनुपालन न होने पर धारा-72 का नोटिस भी आयोग द्वारा भेजा गया।
इसके बावजूद भी न ही कोई धनराशि अदा की गई और न ही कोई अपीलीय आयोग का स्टे दाखिल किया गया। आयोग ने पाया कि जानबूझकर उसके आदेश का अनुपालन करने में चूक की गई है। इसलिए महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण लखनऊ को दंडित किया जाता है।