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दिव्यांगों की समस्याओं के समाधान की मांग
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दिव्यांगों की समस्याओं के समाधान की मांग
बिजनौर। राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन की बैठक में दिव्यांगों की समस्याओं के समाधान की मांग की गई। समाधान न होने पर मुख्यमंत्री आवास के घेराव का निर्णय लिया गया।
टाउन हाल में हुई बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष एमआर पाशा ने कहा कि शासन द्वारा दिव्यांग शादी प्रोत्साहन योजना संचालित है। योजना में अब पंजीकरण को अनिवार्य कर दिया गया है। इससे दिव्यांगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। पंजीकरण कराने के लिए पति-पत्नी को हाईस्कूल या इंटर पास होना एवं दो गवाह होना अनिवार्य है। सरकारी कार्यालयों में दिव्यांगों के लिए रैंप नहीं बनाए गए हैं। विकास भवन में संचालित पिछड़ा कल्याण विभाग एवं दिव्यांगजन कार्यालय बहुत छोटे होने के कारण वहां पैर रखने की जगह तक नहीं है। इसके बाद दिव्यांग नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम बृजेश कुुमार को दिया। ज्ञापन में दिव्यांग आयोग का गठन करने, दिव्यांगों का आरक्षण कोटा बढ़ाने, परिवहन के साधनों में छूट देने, सभी कार्यालयों में रैंप बनवाने की मांग की गई। महिला उत्पीड़न विधेयक की तरह दिव्यांग उत्पीड़न विधेयक बनाने की भी मांग की गई। इस दौरान जिला प्रभारी करणवीर सिंह, मोहम्मद अकील, मोहसिन मलिक, युवा जिलाध्यक्ष सुल्तान अहमद, ऋषिपाल सिंह, बाबू सिंह, लक्ष्मी शर्मा, राजबाला शर्मा मौजूद रहे।
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बिजनौर। राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन की बैठक में दिव्यांगों की समस्याओं के समाधान की मांग की गई। समाधान न होने पर मुख्यमंत्री आवास के घेराव का निर्णय लिया गया।
टाउन हाल में हुई बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष एमआर पाशा ने कहा कि शासन द्वारा दिव्यांग शादी प्रोत्साहन योजना संचालित है। योजना में अब पंजीकरण को अनिवार्य कर दिया गया है। इससे दिव्यांगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। पंजीकरण कराने के लिए पति-पत्नी को हाईस्कूल या इंटर पास होना एवं दो गवाह होना अनिवार्य है। सरकारी कार्यालयों में दिव्यांगों के लिए रैंप नहीं बनाए गए हैं। विकास भवन में संचालित पिछड़ा कल्याण विभाग एवं दिव्यांगजन कार्यालय बहुत छोटे होने के कारण वहां पैर रखने की जगह तक नहीं है। इसके बाद दिव्यांग नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम बृजेश कुुमार को दिया। ज्ञापन में दिव्यांग आयोग का गठन करने, दिव्यांगों का आरक्षण कोटा बढ़ाने, परिवहन के साधनों में छूट देने, सभी कार्यालयों में रैंप बनवाने की मांग की गई। महिला उत्पीड़न विधेयक की तरह दिव्यांग उत्पीड़न विधेयक बनाने की भी मांग की गई। इस दौरान जिला प्रभारी करणवीर सिंह, मोहम्मद अकील, मोहसिन मलिक, युवा जिलाध्यक्ष सुल्तान अहमद, ऋषिपाल सिंह, बाबू सिंह, लक्ष्मी शर्मा, राजबाला शर्मा मौजूद रहे।
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