फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Seeds of two improved varieties of paddy will be planted for the first time

Bijnor News: पहली बार रोपे जाएंगे धान की दो उन्नत प्रजाति के बीज

Tue, 21 May 2024 04:45 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Tue, 21 May 2024 04:45 AM IST
विज्ञापन
Seeds of two improved varieties of paddy will be planted for the first time
बिजनौर। महात्मा विदुर की धरती बिजनौर में इस बार धान की दो नई उन्नत प्रजाति पीबी-1692 और पीबी 1847 रोपी जाएंगी। यह धान की उन्नत प्रजाति का बीज रोग मुक्त है। पैदावार और उत्पादन अच्छा देने वाली प्रजातियां हैं। इनका उत्पादन पांच क्विंटल निकलने संभावना है।
विज्ञापन

जनपद में करीब 56 हजार हेक्टेयर में धान की रोपाई होती है। कृषि विभाग की ओर से किसानों को पीबी-1692 और पीबी-1847 बीज अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा अनुदान पर धान प्रजाति पीबी-1728, पीबी-1718, पीआर-126 आदि है। सभी धान का बीज आवंटित कर राजकीय बीज भंडारों पर उपलब्ध हैं। विषय वस्तु विशेषज्ञ हरज्ञान सिंह ने बताया कि किसान समय से राजकीय कृषि बीज भंडारों से प्रमाणित बीज प्राप्त कर सिंचाई वाले क्षेत्र में मई के अंतिम सप्ताह से जून के प्रथम सप्ताह तक नर्सरी कर लें। अफसरों के अनुसार चावल अच्छा होने से बाजार में मांग भी अच्छी रहेगी।
विज्ञापन


- यह हैं धान के बीज का मूल्य

कृषि विभाग के अनुसार जनपद के राजकीय कृषि बीज केंद्रों पर मोटे धान के प्रमाणित बीज का मूल्य 4193 प्रति क्विंटल, महीन धान 4223 रुपये प्रति क्विंटल एवं बासमती धान 6534 रुपये क्विंटल है। आधारीय बीज का मूल्य मोटा धान 4230 रुपये क्विंटल, महीन धान 4260 रुपये क्विंटल निर्धारित किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन




- अनुदान काटकर किसान अंश पर मिलेगा बीज

उप कृषि निदेशक गिरीश चंद ने बताया कि इस बार से किसानों को बीज कुल मूल्य पर नहीं खरीदना होगा। बल्कि अनुमन्य अनुदान काटकर केवल किसान अंश (50 प्रतिशत) पर ही सीधे पीओएस मशीन द्वारा वितरित किया जाएगा। पहले किसानों को बीज का मूल्य देकर खरीदना पड़ता था। बाद में बीज का अनुदान किसान के बैंक खाते पहुंचता था। इस व्यवस्था में परेशानी रहती थी।

- फसल बुवाई में समय प्रबंधन जरूरी
जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने बताया कि फसल के लिए समय प्रबंधन भी बहुत जरूरी है। धान रोपाई वाले खेतों की अच्छी जुताई करें। उन्नत प्रजाति के धान बीज की नर्सरी तैयार करें। समय पर खेतों में नर्सरी के पौधों की रोपाई करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed