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मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले विद्यालय भी बना दिए परीक्षा केंद्र
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यूपी बोर्ड : मानक पूरे न करने वाले विद्यालय भी बनाए केंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। यूपी बोर्ड के परीक्षा केंद्रों के निर्धारण पर काफी आपत्तियां आई हैं। इनमें कई विद्यालयों को मानक पूरे न करने पर भी परीक्षा केंद्र बनाने की शिकायतें भी हैं। अब डीएम की ओर से कराई गई जांच में इन केंद्रों पर निर्णय बदला जा सकता है। अधिकतर आपत्तियों में छात्राओं के लिए केंद्रों की दूरी काफी अधिक होने और क्षमता से अधिक परीक्षार्थी आवंटित करने की शिकायत शामिल हैं।
परीक्षा केंद्रों के लिए विद्यालयों से करीब डेढ़ दर्जन बिंदुओं पर ऑनलाइन सूचना मांगी गई थी। सूचना के आधार पर 132 परीक्षा केंद्रों का निर्धारण करके सूची जिले को भेजी है । सूची पर विद्यालयों से आपत्ति मांगी गई थी। 17 जनवरी तक द्विस्तरीय जांच बाद इनका निस्तारण होना था। डीआईओएस कार्यालय के अनुसार केंद्रों पर 51 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं।
डीएम उमेश मिश्रा ने आपत्तियों की तहसीलवार एसडीएम की अध्यक्षता में बनी पांच सदस्यीय समिति से जांच कराई है। समिति में तहसीलदार, अवर अभियंता पीडब्ल्यूडी, जीआईसी एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय के एक-एक प्रधानाचार्य सदस्य हैं। समिति ने आपत्ति वाले विद्यालयों में जाकर फिर से जांच की है।
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डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि तहसील समितियों की जांच रिपोर्ट को डीएम की अध्यक्षता वाली समिति के सम्मुख प्रस्तुत किया गया है। आपत्तियों का जिलास्तरीय समिति ने निस्तारण कर दिया है। संशोधित सूची शासन को भेजी जा रही है।
डीआईओएस कार्यालय के अनुसार परीक्षा केंद्रों पर कुल 51 आपत्ति प्राप्त हुई है। इनमें पांच आपत्ति में कहा गया है कि शासन ने परीक्षा केंद्र बनने के लिए एक दर्जन से अधिक मानक तय किए हैं। आरोप है मानकों पर खरा नहीं उतरने वाले विद्यालय परीक्षा केंद्र बना दिए हैं। 15 आपत्ति में आरोप है कि उनके विद्यालयों की छात्राओं का तय दूरी से अधिक दूर केंद्र बनाया गया है। कुछ विद्यालयों ने उनके केंद्र पर क्षमता से अधिक परीक्षार्थी का आवंटन करने की शिकायत की है। बाकी अलग अलग तरह की आपत्ति है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। यूपी बोर्ड के परीक्षा केंद्रों के निर्धारण पर काफी आपत्तियां आई हैं। इनमें कई विद्यालयों को मानक पूरे न करने पर भी परीक्षा केंद्र बनाने की शिकायतें भी हैं। अब डीएम की ओर से कराई गई जांच में इन केंद्रों पर निर्णय बदला जा सकता है। अधिकतर आपत्तियों में छात्राओं के लिए केंद्रों की दूरी काफी अधिक होने और क्षमता से अधिक परीक्षार्थी आवंटित करने की शिकायत शामिल हैं।
परीक्षा केंद्रों के लिए विद्यालयों से करीब डेढ़ दर्जन बिंदुओं पर ऑनलाइन सूचना मांगी गई थी। सूचना के आधार पर 132 परीक्षा केंद्रों का निर्धारण करके सूची जिले को भेजी है । सूची पर विद्यालयों से आपत्ति मांगी गई थी। 17 जनवरी तक द्विस्तरीय जांच बाद इनका निस्तारण होना था। डीआईओएस कार्यालय के अनुसार केंद्रों पर 51 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं।
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डीएम उमेश मिश्रा ने आपत्तियों की तहसीलवार एसडीएम की अध्यक्षता में बनी पांच सदस्यीय समिति से जांच कराई है। समिति में तहसीलदार, अवर अभियंता पीडब्ल्यूडी, जीआईसी एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय के एक-एक प्रधानाचार्य सदस्य हैं। समिति ने आपत्ति वाले विद्यालयों में जाकर फिर से जांच की है।
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डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि तहसील समितियों की जांच रिपोर्ट को डीएम की अध्यक्षता वाली समिति के सम्मुख प्रस्तुत किया गया है। आपत्तियों का जिलास्तरीय समिति ने निस्तारण कर दिया है। संशोधित सूची शासन को भेजी जा रही है।
डीआईओएस कार्यालय के अनुसार परीक्षा केंद्रों पर कुल 51 आपत्ति प्राप्त हुई है। इनमें पांच आपत्ति में कहा गया है कि शासन ने परीक्षा केंद्र बनने के लिए एक दर्जन से अधिक मानक तय किए हैं। आरोप है मानकों पर खरा नहीं उतरने वाले विद्यालय परीक्षा केंद्र बना दिए हैं। 15 आपत्ति में आरोप है कि उनके विद्यालयों की छात्राओं का तय दूरी से अधिक दूर केंद्र बनाया गया है। कुछ विद्यालयों ने उनके केंद्र पर क्षमता से अधिक परीक्षार्थी का आवंटन करने की शिकायत की है। बाकी अलग अलग तरह की आपत्ति है।