फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Schools remained silent in the name of giving half the amount

आधी रकम देने के नाम पर चुप्पी साध गए विद्यालय

Wed, 24 Aug 2022 11:39 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 24 Aug 2022 11:39 PM IST
विज्ञापन
Schools remained silent in the name of giving half the amount
आधी रकम देने के नाम पर चुप्पी साध गए विद्यालय
विज्ञापन

बिजनौर। शासन ने अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के कायाकल्प के लिए प्रोजेक्ट अलंकार योजना शुरू की है। योजना को लेकर संयुक्त निदेशक माध्यमिक शिक्षा मनोज कुमार द्विवेदी ने विद्यालयों की बैठक की है, लेकिन विद्यालयों की योजना के क्रियान्वयन में दिलचस्पी नहीं दिखाई पड़ रही है। इस योजना में 50 साल से अधिक पुराने माध्यमिक विद्यालयों का जीर्णोद्धार होना है। विद्यालय को योजना में जो पैसा मिलेगा उसका आधा भाग विद्यालय को देना होगा।
पहले चरण में योजना राजकीय इंटर कॉलेजों में शुरू हुई। अब योजना को अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में लागू किया जा रहा। शासन ने योजना में शामिल होने के लिए मानक तय किए हैं।
विज्ञापन

मुरादाबाद मंडल के संयुक्त निदेशक माध्यमिक शिक्षा मनोज कुमार द्विवेदी ने योजना के क्रियान्वयन को लेकर जिले के 50 साल से अधिक पुराने अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों की 22 अगस्त को संयुक्त बैठक ली थी। जिले में योजना में 59 विद्यालय चिह्नित हैं। संयुक्त निदेशक ने बैठक में योजना के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। विद्यालयों से योजना के क्रियान्वयन के लिए सहमति देने को कहा। विद्यालयों का तर्क है कि राजकीय विद्यालयों की तरह योजना का पूरा पैसा सरकार दे। विद्यालयों के पास आय के अतिरिक्त श्रोत नहीं हैं। बताया जाता है कि संयुक्त निदेशक ने मामले में विभागीय नियमों, उपनियमों का हवाला देते हुए प्रबंधकों को संतुष्ट करने का प्रयास किया, लेकिन प्रथम दृष्टया बैठक में कोई सकारात्मक नतीजा सामने नहीं आया।
विज्ञापन
विज्ञापन

ये है पात्रता
डीआईओएस कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार यूपी बोर्ड के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों का प्रोजेक्ट अलंकार योजना में शामिल होने के लिए 50 साल से 75 साल पुराना होना आवश्यक है। जिले में इस श्रेणी के 59 विद्यालय चिह्नित हैं। विद्यालय को योजना में जो पैसा मिलेगा उसका आधा भाग विद्यालय को देना होगा। आवंटित धन भवन की मरम्मत कराने, बाउंड्रीवाल बनाने, विद्यालय की रंगाई पुताई आदि भौतिक अवस्थापना के कार्य में व्यय होना है।
ये होगी प्रक्रिया
डीआईओएस कार्यालय के अनुसार प्रोजेक्ट अलंकार योजना की निगरानी के लिए जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में समिति गठित होगी। जिला समिति कार्यदाई संस्था की नियुक्ति करेगी। विद्यालय संस्था को कार्यों की डिमांड देगा। कार्यदाई संस्था विद्यालयों में जाकर व्यय का आकलन करेगी। विद्यालय आकलन को परिषद के वेबसाइट पर अपलोड करेगा। इसके बाद डीएम की नामित टीम सत्यापन करेगी। टीम में तहसीलदार, पीडब्ल्यूडी या अन्य किसी तकनीकी संस्था का इंजीनियर शामिल होगा। रिपोर्ट शासन को जाएगी। शासन से पैसा जारी होगा। शासन का अंश पाने के लिए विद्यालय को अपना आधा अंश पहले जमा करना होगा।

किसको कितना पैसा मिलेगा
डीआईओएस कार्यालय के मुताबिक प्रोजेक्ट अलंकार योजना में पैसा छात्रों की संख्या के अनुपात में मिलेगा। 300 से 500 तक छात्र संख्या होने पर 25 लाख रुपए, 500 से 1000 तक छात्र संख्या होने पर 50 लाख, 1000 से 2000 तक छात्र संख्या होने पर एक करोड़, तथा 2000 से अधिक छात्र संख्या होने पर सवाल करोड़ धनराशि मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed