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जूनियर स्कूलों में बहेगी संस्कृत की बयार
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जूनियर स्कूलों में बहेगी संस्कृत की बयार
बिजनौर। परिषदीय स्कूलों में सभी विषयों के शिक्षण कार्य को रुचिकर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। अब जूनियर हाई स्कूलों में जल्द ही संस्कृत भाषा की बयार बहेगी। संस्कृत भाषा में शिक्षकों को दक्ष करने के लिए 14 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ताकि स्कूलों में संस्कृत शिक्षा का भी माहौल तैयार हो सके।
परिषदीय स्कूलों को कान्वेंट स्कूल की तर्ज पर सजाने संवारने का काम चल रहा है। इन स्कूलों के शिक्षकों को गणित, अंग्रेजी में हिंदी भाषा में आए दिन प्रशिक्षण मिलते रहे हैं। लेकिन अब बेसिक शिक्षा परिष्दीय जूनियर हाई स्कूलों के शिक्षकों को संस्कृत भाषा में दक्ष किया जाएगा। इसके लिए शासन ने हिंदी व संस्कृत के शिक्षकों को 14 दिन का विशेष प्रशिक्षण दिलाने की कार्य योजना तैयार की है। जिले के रिसोर्स ग्रुप के शिक्षक दुष्यंत कुमार के मुताबिक अब स्कूलों में शिक्षक पाठ योजना तैयार कर शिक्षण कार्य को प्रभावी तरीके से कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि संस्कृत व हिंदी के शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाना है। इसके लिए ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों की सूची तैयार कराई जा रही है।
संकुल प्रभारी नरेश पाल वर्मा के मुताबिक स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षण कार्य कराने पर भी जोर दिया जा रहा है। शिक्षकों को मिल रहे ऑनलाइन प्रशिक्षण में शिक्षण कार्य को रुचिकर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। उधर, जिला समन्वयक सलीम अख्तर बेग के मुताबिक शासन के निर्देश पर जिले के शिक्षकों को दीक्षा एप से जोड़ा गया है। इसके माध्यम से विभिन्न प्रकार की शिक्षण सामग्री शिक्षकों तक पहुंच रही है। पिछले दिनों शिक्षकों को ध्यानाकर्षण विषय पर भी प्रशिक्षण दिया गया है। स्कूलों का जीर्णोद्धार करने के लिए भी मिशन कायाकल्प चलाया गया है। वर्तमान में अब जूनियर हाई स्कूलों के शिक्षकों को संस्कृत भाषा में प्रशिक्षण देने का दिया जाएगा।
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बिजनौर। परिषदीय स्कूलों में सभी विषयों के शिक्षण कार्य को रुचिकर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। अब जूनियर हाई स्कूलों में जल्द ही संस्कृत भाषा की बयार बहेगी। संस्कृत भाषा में शिक्षकों को दक्ष करने के लिए 14 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ताकि स्कूलों में संस्कृत शिक्षा का भी माहौल तैयार हो सके।
परिषदीय स्कूलों को कान्वेंट स्कूल की तर्ज पर सजाने संवारने का काम चल रहा है। इन स्कूलों के शिक्षकों को गणित, अंग्रेजी में हिंदी भाषा में आए दिन प्रशिक्षण मिलते रहे हैं। लेकिन अब बेसिक शिक्षा परिष्दीय जूनियर हाई स्कूलों के शिक्षकों को संस्कृत भाषा में दक्ष किया जाएगा। इसके लिए शासन ने हिंदी व संस्कृत के शिक्षकों को 14 दिन का विशेष प्रशिक्षण दिलाने की कार्य योजना तैयार की है। जिले के रिसोर्स ग्रुप के शिक्षक दुष्यंत कुमार के मुताबिक अब स्कूलों में शिक्षक पाठ योजना तैयार कर शिक्षण कार्य को प्रभावी तरीके से कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि संस्कृत व हिंदी के शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाना है। इसके लिए ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों की सूची तैयार कराई जा रही है।
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संकुल प्रभारी नरेश पाल वर्मा के मुताबिक स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षण कार्य कराने पर भी जोर दिया जा रहा है। शिक्षकों को मिल रहे ऑनलाइन प्रशिक्षण में शिक्षण कार्य को रुचिकर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। उधर, जिला समन्वयक सलीम अख्तर बेग के मुताबिक शासन के निर्देश पर जिले के शिक्षकों को दीक्षा एप से जोड़ा गया है। इसके माध्यम से विभिन्न प्रकार की शिक्षण सामग्री शिक्षकों तक पहुंच रही है। पिछले दिनों शिक्षकों को ध्यानाकर्षण विषय पर भी प्रशिक्षण दिया गया है। स्कूलों का जीर्णोद्धार करने के लिए भी मिशन कायाकल्प चलाया गया है। वर्तमान में अब जूनियर हाई स्कूलों के शिक्षकों को संस्कृत भाषा में प्रशिक्षण देने का दिया जाएगा।
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