{"_id":"612144208ebc3e79ec47bbc4","slug":"sanskrit-language-is-the-source-of-indian-culture-dhampur-news-mrt5528031135","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘संस्कृत भाषा ही भारतीय संस्कृति का स्रोत’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘संस्कृत भाषा ही भारतीय संस्कृति का स्रोत’
विज्ञापन
‘संस्कृत भाषा ही भारतीय संस्कृति का स्रोत’
धामपुर। आरएसएम महाविद्यालय में संस्कृत विभाग की ओर से संस्कृत सप्ताह का आयोजन किया गया। बतौर मुख्य वक्ता डा. पूनम घई ने कहा कि संस्कृति का मूल संस्कृत भाषा है। संस्कृत भाषा ही भारतीय संस्कृति का स्रोत है। संस्कृत भाषा में ही भारत के सांस्कृतिक विचार, उच्चादर्श, नैतिकमूल्य समाहित हैं।
डा. पूनम घई ने कहा कि संस्कृत जननी है सारे जीवन मूल्य सारे आदर्शों की। संस्कृत भाषा मात्र न होकर के एक साहित्य संपूर्ण जीवन दर्शन है, जो हमको कहीं न कहीं अनुशासित करता है। डा. भारती चौहान, डा. भावना वत्सल, डा. आशीष कुमार सिंह, डा. पंकज शर्मा, डा. राजेश चौहान, डा. एसएल पाल, डा. चमन सिंह, डा. शौराज सिंह, डा. ओपी मोर्य, डा. रवि धनकड़, राजेश कटियार, तेजेंद्र, नंदकिशोर रहे।
उधर एसबीडी कालेज में भी संस्कृत विषय पर कार्यक्रम संपन्न हुआ। संस्कृत श्लोक लेखन व वाचन प्रतियोगिता में श्लोक, सूक्तियां आदि का लेखन किया गया। प्रतियोगिता में डा. ललिता शर्मा, डा. अल्पना सिंह, डा. रेनू चौहान, डा. सुरभि शर्मा, डा. पूनम रानी, नीलम पाल, डा. रेशू शुक्ला, डा. नरगिस, डा. रेनू सिंह, डा. अदिति सिंधु, सारिका शर्मा, डा. संजु, मुकेश आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
धामपुर। आरएसएम महाविद्यालय में संस्कृत विभाग की ओर से संस्कृत सप्ताह का आयोजन किया गया। बतौर मुख्य वक्ता डा. पूनम घई ने कहा कि संस्कृति का मूल संस्कृत भाषा है। संस्कृत भाषा ही भारतीय संस्कृति का स्रोत है। संस्कृत भाषा में ही भारत के सांस्कृतिक विचार, उच्चादर्श, नैतिकमूल्य समाहित हैं।
डा. पूनम घई ने कहा कि संस्कृत जननी है सारे जीवन मूल्य सारे आदर्शों की। संस्कृत भाषा मात्र न होकर के एक साहित्य संपूर्ण जीवन दर्शन है, जो हमको कहीं न कहीं अनुशासित करता है। डा. भारती चौहान, डा. भावना वत्सल, डा. आशीष कुमार सिंह, डा. पंकज शर्मा, डा. राजेश चौहान, डा. एसएल पाल, डा. चमन सिंह, डा. शौराज सिंह, डा. ओपी मोर्य, डा. रवि धनकड़, राजेश कटियार, तेजेंद्र, नंदकिशोर रहे।
विज्ञापन
उधर एसबीडी कालेज में भी संस्कृत विषय पर कार्यक्रम संपन्न हुआ। संस्कृत श्लोक लेखन व वाचन प्रतियोगिता में श्लोक, सूक्तियां आदि का लेखन किया गया। प्रतियोगिता में डा. ललिता शर्मा, डा. अल्पना सिंह, डा. रेनू चौहान, डा. सुरभि शर्मा, डा. पूनम रानी, नीलम पाल, डा. रेशू शुक्ला, डा. नरगिस, डा. रेनू सिंह, डा. अदिति सिंधु, सारिका शर्मा, डा. संजु, मुकेश आदि शामिल रहे।
विज्ञापन