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इस बार किसानों के लिए आसान नहीं होगी गेहूं की बिक्री

Tue, 14 Apr 2020 10:30 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 14 Apr 2020 10:30 PM IST
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Sale of wheat will not be easy this time
इस बार आसान नहीं होगी गेहूं की बिक्री
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बिजनौर। जिले में गेहूं की गहाई शुरू हो गई है। 15 अप्रैल से क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद होगी। लेकिन इस बार किसानों के लिए गेहूं की फसल बेचना आसान नहीं होगा। किसान गेहूं बेचने के लिए केवल क्रय केंद्रों के ही भरोसे रहेंगे। व्यापारियों को गेहूं बेचना किसानों के लिए मुश्किल होगा। इससे किसानों की मुश्किल बढ़ सकती हैं।
जिले में गन्ने के बाद गेहूं मुख्य फसल है। जिले में एक लाख 53 हजार हेक्टेयर से अधिक जमीन में गेहूं बोया जाता है। किसानों के पास अपनी जरूरत से कहीं ज्यादा गेहूं होता है। सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए जनसेवा केंद्रों पर पंजीकरण कराना होता है। इसके लिए जमीन की खतौनी, आधार कार्ड व बैंक पासबुक की फोटो कॉपी जरूरी है। लेकिन लॉकडाउन के चलते जनसेवा केंद्र बंद हैं। बिना जमीन की खतौनी के पंजीकरण नहीं होगा। सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचे गए गेहूं का भुगतान खाते में आता है। जबकि काफी व्यापारी गांवों में ही आकर नगद भुगतान कर किसानों से गेहूं खरीद लेते थे।
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उत्तराखंड की सीमा से सटे गांव के किसान उत्तराखंड में जाकर अच्छी कीमत पर गेहूं बेचते हैं। लेकिन इस बार लॉकडाउन के चलते न तो व्यापारी गांवों में जा पाएंगे और न ही किसान खुद गेहूं लेकर दूूसरे राज्य में प्रवेश की सकेंगे। इसका असर गेहूं की बिक्री पर पड़ेगा। जिले में प्रशासन ने गेहूं खरीदने के लिए 43 क्रय केंद्र बनाए हैं जबकि पिछले साल 70 क्रय केंद्र थे। क्रय केंद्र दूर दूर होंगे और वहां किसानों की भीड़ भी लगेगी। जिले में इस बार 43 हजार 500 मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा गया है।
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लॉकडाउन के कारण इस बार मजदूरी सस्ती
लॉक डाउन की वजह से दूसरे राज्यों में काम करने वाले मजदूर अपने घरों को आ गए हैं। केवल खेती ही इन लोगों को रोजगार दे रही है। फसल काटने के लिए इस बार मजदूरों की कमी नहीं है बल्कि मजदूरी सस्ती है। पिछले साल मजदूरों ने प्रति बीघा गेहूं काटने के लिए मजदूरी में 40 किलो गेहूं लिया था। इस बार गेहूं काटने के लिए 30 किलो गेहूं ही लिया जा रहा है। बाजार में अनाज व्यापारियों की दुकान सुबह के समय ही खुल रही हैं। यहां गेहूं लाना किसानों के लिए मुश्किल होगा। व्यापारियों के पास गेहूं रखने को लेबर भी नहीं है। अनाज व्यापारी सुशील जिंदल के अनुसार अगर किसान समय से गेहूं लाएंगे और व्यवस्था होगी तो व्यापारी जरूर गेहूं खरीदेंगे।

किसानों को नहीं होने देंगे परेशानी
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी घनश्याम वर्मा के अनुसार 15 जून तक क्रय केंद्रों पर खरीद होगी। किसान परेशान न हों और आराम से गेहूं लेकर आएं। सभी किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। किसी भी किसान को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
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