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Bijnor News: नगर निकाय अनुभाग ने घोषित किया निकाय अध्यक्ष पद आरक्षण
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जलालाबाद नगर पंचायत
- फोटो : BIJNOR
साहनपुर और जलालाबाद अध्यक्ष पद अनारक्षित घोषित
नजीबाबाद। नगर पंचायत जलालाबाद और साहनपुर सीटों को भी अनारक्षित घोषित किया गया है।
नगर निकाय अनुभाग द्वारा अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित होने से नजीबाबाद नगरपालिका परिषद, जलालाबाद और साहनपुर नगर पंचायत की तीनों सीटें अनारक्षित घोषित हुई हैं। नगरपालिका परिषद नजीबाबाद की वर्ष 2017 में अनारक्षित महिला पद के आरक्षण से सबिया निशात उर्फ रेशम ने सपा सिंबल पर चुनाव जीता था। अगामी चुनाव के लिए नजीबाबाद नगरपालिका परिषद सीट अनारक्षित घोषित की गई है। वर्ष 2012 में नगरपालिका परिषद की सीट अनारक्षित थी। इस सीट पर वर्तमान चेयरपर्सन सबिया निशात के पति मौअज्जम खां सपा सिंबल पर विजयी हुए थे। वर्ष 2007 में पिछड़ा वर्ग महिला के लिए सीट आरक्षित हुई थी। जिस पर नईमा यासमीन विजयी हुईं थीं।
नगर निकाय द्वारा घोषित किए गए अध्यक्ष पद आरक्षण में नगर पंचायत साहनपुर और जलालाबाद दोनों ही अध्यक्ष पद अनारक्षित घोषित किए गए हैं। वर्ष 2017 चुनाव में जलालाबाद नगर पंचायत से पिछड़ी जाति महिला सीट पर सायरा अंसारी विजयी हुई थीं, जबकि साहनपुर की पिछड़ा वर्ग सीट पर वर्ष 2017 चुनाव में मेराज अहमद विजयी हुए थे। इससे पूर्व साहनपुर सीट अनारक्षित थी।
झालू नगर पंचायत सीट हुई सामान्य, कहीं आतिशबाजी तो कहीं गम
झालू। आरक्षण सूची स्पष्ट होते ही अफवाहों पर लगाम लगने के साथ पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों ने राहत की सांस ली है। कुछ दावेदारों की उम्मीद के विपरीत सीट का आरक्षण आने से अरमानों पर पानी फिर गया है। तो कुछ खुशियों से बल्लियों उछलते हुए आतिशबाजी कर एक दूसरे का मुंह मीठा करा रहे हैं।
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कस्बा झालू की नगर पंचायत अध्यक्ष की सामान्य महिला सीट होने से प्रत्याशि गदगद हो गए। कस्बा झालू के 75 वर्षों में अनुसूचित व पिछड़ी जाति की सीट अरक्षित नहीं हुई है। इस बार अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग की सीट को आरक्षित कराने को लेकर कुछ प्रत्याशी जुटे हुए थे। लेकिन सामान्य महिला सीट होने से उनके अरमानों पर पानी फिर गया। सीट मन माफिक न आने पर कुछ प्रत्याशी के चेहरे उतर गए। आप को बता दे कि कस्बा झालू में 2012 में सामान्य महिला व 2017 के चुनाव में अनारक्षित सीट थी। संवाद
बढ़ापुर पंचायत: आरक्षण की घोषणा होते ही हलचल शुरू
बढ़ापुर। बढ़ापुर नगर पंचायत अध्यक्ष पद अनारक्षित होने पर चुनाव की तैयारी में लगे करीब एक दर्जन अध्यक्ष पद प्रत्याशियों में हलचल है।
आज स्थानीय निकाय चुनाव में नगर पंचायत अध्यक्ष पद आरक्षण की घोषणा होने पर स्थानीय नगर पंचायत चेयरमैन पद के प्रत्याशियों में हलचल बढ़ी है। पूर्व के चुनाव में यह सीट पिछड़ा वर्ग पुरूष के लिए आरक्षित होने पर आबिद अंसारी भाजपा के अध्यक्ष पद प्रत्याशी संजीव कुमार बंटी से करीब ढ़ाई सौ वोटों की बढ़त पाकर चुनाव में विजयी हुए थे। इस बार नगर पंचायत अध्यक्ष पद अनारक्षित होने पर चुनाव जोरदार होने के आसार है।
सहसपुर पंचायत : सीट सामान्य हुई, कई को झटका
सहसपुर। सहसपुर नगर पंचायत इस बार सामान्य होने से अन्य दावेदारों को झटका लगा है। वर्ष 2017 को सहसपुर नगर पंचायत अध्यक्ष पद महिला के लिए आरक्षित हुआ था। उससे पहले व इस बाऱ फिर सामान्य सीट होने से पुराने सभी दावेदारों के चेहरे खिल गए है।
सहसपुर नगर पंचायत वर्ष 1971 में अपने अस्तित्व में आई थी। जब से लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष पद की सीट वर्ष 2017 को छोड़कर सामान्य ही रही हैं। वर्ष 1988 में नगर पंचायत अध्यक्ष का पहला चुनाव हुआ, जिसमे मोहम्मद अली पंचायत अध्यक्ष बने थे। वर्ष 1995 से 2006 तक नईमुल्ला खान ने नगर पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी संभाली। वर्ष 2006 में जहीन अख्तर नगर पंचायत अध्यक्ष बने। वर्ष 2012 में मौहम्मद अली पंचायत अध्यक्ष रहे। वर्ष 2017 में नगर पंचायत अध्यक्ष सीट महिला आरक्षित होने पर हुमा खां नगर पंचायत चैयरपर्सन बनी। इस बार भी नगर पंचायत अध्यक्ष सीट सामान्य होने से जहां आरक्षित वर्ग के दावेदारों को झटका लगा है तो वहीं सामान्य सीट होने पर पुराने दावेदारों के चेहरे खिल उठे हैं।
मंडावर की सीट अनारक्षित हुए
मंडावर। नगर पंचायत अध्यक्ष का पद अनारक्षित होने से कस्बे में अध्यक्ष पद पर कड़े मुकाबले के आसार बढ़ गए है। आजादी के बाद लगातार अनारक्षित रही अध्यक्ष पद की सीट के बाद सन 2017 के चुनाव में मंडावर की सीट महिला अनारक्षित हुई थी। जिसके बाद इस वर्ष चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार के मन में सीट के आरक्षण को लेकर संशय बना हुआ था। सीट की स्थिति स्पष्ट होने के बाद मतदाताओं ने गर्मजोशी के साथ अपने अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए जी जान लगाना शुरू कर दिया।
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नजीबाबाद। नगर पंचायत जलालाबाद और साहनपुर सीटों को भी अनारक्षित घोषित किया गया है।
नगर निकाय अनुभाग द्वारा अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित होने से नजीबाबाद नगरपालिका परिषद, जलालाबाद और साहनपुर नगर पंचायत की तीनों सीटें अनारक्षित घोषित हुई हैं। नगरपालिका परिषद नजीबाबाद की वर्ष 2017 में अनारक्षित महिला पद के आरक्षण से सबिया निशात उर्फ रेशम ने सपा सिंबल पर चुनाव जीता था। अगामी चुनाव के लिए नजीबाबाद नगरपालिका परिषद सीट अनारक्षित घोषित की गई है। वर्ष 2012 में नगरपालिका परिषद की सीट अनारक्षित थी। इस सीट पर वर्तमान चेयरपर्सन सबिया निशात के पति मौअज्जम खां सपा सिंबल पर विजयी हुए थे। वर्ष 2007 में पिछड़ा वर्ग महिला के लिए सीट आरक्षित हुई थी। जिस पर नईमा यासमीन विजयी हुईं थीं।
नगर निकाय द्वारा घोषित किए गए अध्यक्ष पद आरक्षण में नगर पंचायत साहनपुर और जलालाबाद दोनों ही अध्यक्ष पद अनारक्षित घोषित किए गए हैं। वर्ष 2017 चुनाव में जलालाबाद नगर पंचायत से पिछड़ी जाति महिला सीट पर सायरा अंसारी विजयी हुई थीं, जबकि साहनपुर की पिछड़ा वर्ग सीट पर वर्ष 2017 चुनाव में मेराज अहमद विजयी हुए थे। इससे पूर्व साहनपुर सीट अनारक्षित थी।
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झालू नगर पंचायत सीट हुई सामान्य, कहीं आतिशबाजी तो कहीं गम
झालू। आरक्षण सूची स्पष्ट होते ही अफवाहों पर लगाम लगने के साथ पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों ने राहत की सांस ली है। कुछ दावेदारों की उम्मीद के विपरीत सीट का आरक्षण आने से अरमानों पर पानी फिर गया है। तो कुछ खुशियों से बल्लियों उछलते हुए आतिशबाजी कर एक दूसरे का मुंह मीठा करा रहे हैं।
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कस्बा झालू की नगर पंचायत अध्यक्ष की सामान्य महिला सीट होने से प्रत्याशि गदगद हो गए। कस्बा झालू के 75 वर्षों में अनुसूचित व पिछड़ी जाति की सीट अरक्षित नहीं हुई है। इस बार अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग की सीट को आरक्षित कराने को लेकर कुछ प्रत्याशी जुटे हुए थे। लेकिन सामान्य महिला सीट होने से उनके अरमानों पर पानी फिर गया। सीट मन माफिक न आने पर कुछ प्रत्याशी के चेहरे उतर गए। आप को बता दे कि कस्बा झालू में 2012 में सामान्य महिला व 2017 के चुनाव में अनारक्षित सीट थी। संवाद
बढ़ापुर पंचायत: आरक्षण की घोषणा होते ही हलचल शुरू
बढ़ापुर। बढ़ापुर नगर पंचायत अध्यक्ष पद अनारक्षित होने पर चुनाव की तैयारी में लगे करीब एक दर्जन अध्यक्ष पद प्रत्याशियों में हलचल है।
आज स्थानीय निकाय चुनाव में नगर पंचायत अध्यक्ष पद आरक्षण की घोषणा होने पर स्थानीय नगर पंचायत चेयरमैन पद के प्रत्याशियों में हलचल बढ़ी है। पूर्व के चुनाव में यह सीट पिछड़ा वर्ग पुरूष के लिए आरक्षित होने पर आबिद अंसारी भाजपा के अध्यक्ष पद प्रत्याशी संजीव कुमार बंटी से करीब ढ़ाई सौ वोटों की बढ़त पाकर चुनाव में विजयी हुए थे। इस बार नगर पंचायत अध्यक्ष पद अनारक्षित होने पर चुनाव जोरदार होने के आसार है।
सहसपुर पंचायत : सीट सामान्य हुई, कई को झटका
सहसपुर। सहसपुर नगर पंचायत इस बार सामान्य होने से अन्य दावेदारों को झटका लगा है। वर्ष 2017 को सहसपुर नगर पंचायत अध्यक्ष पद महिला के लिए आरक्षित हुआ था। उससे पहले व इस बाऱ फिर सामान्य सीट होने से पुराने सभी दावेदारों के चेहरे खिल गए है।
सहसपुर नगर पंचायत वर्ष 1971 में अपने अस्तित्व में आई थी। जब से लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष पद की सीट वर्ष 2017 को छोड़कर सामान्य ही रही हैं। वर्ष 1988 में नगर पंचायत अध्यक्ष का पहला चुनाव हुआ, जिसमे मोहम्मद अली पंचायत अध्यक्ष बने थे। वर्ष 1995 से 2006 तक नईमुल्ला खान ने नगर पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी संभाली। वर्ष 2006 में जहीन अख्तर नगर पंचायत अध्यक्ष बने। वर्ष 2012 में मौहम्मद अली पंचायत अध्यक्ष रहे। वर्ष 2017 में नगर पंचायत अध्यक्ष सीट महिला आरक्षित होने पर हुमा खां नगर पंचायत चैयरपर्सन बनी। इस बार भी नगर पंचायत अध्यक्ष सीट सामान्य होने से जहां आरक्षित वर्ग के दावेदारों को झटका लगा है तो वहीं सामान्य सीट होने पर पुराने दावेदारों के चेहरे खिल उठे हैं।
मंडावर की सीट अनारक्षित हुए
मंडावर। नगर पंचायत अध्यक्ष का पद अनारक्षित होने से कस्बे में अध्यक्ष पद पर कड़े मुकाबले के आसार बढ़ गए है। आजादी के बाद लगातार अनारक्षित रही अध्यक्ष पद की सीट के बाद सन 2017 के चुनाव में मंडावर की सीट महिला अनारक्षित हुई थी। जिसके बाद इस वर्ष चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार के मन में सीट के आरक्षण को लेकर संशय बना हुआ था। सीट की स्थिति स्पष्ट होने के बाद मतदाताओं ने गर्मजोशी के साथ अपने अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए जी जान लगाना शुरू कर दिया।