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रोहिंग्या, बांग्लादेशियों की तलाश में चलाया अभियान
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रोहिंग्या, बांग्लादेशियों की तलाश में चलाया अभियान
बिजनौर। अभिसूचना इकाई की टीम ने रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की खोजबीन के लिए अभियान चलाया। झंडापुर में रह रहे लोगों की जांच पड़ताल की। 50 व्यक्ति वहां बसे मिले। ये सभी लोग स्वयं को असम राज्य का निवासी बताते हैं। जिले भर में ऐसे लोगों की जांच पड़ताल की जा रही है।
म्यांमार के रोहिंग्या और बांग्लादेशी लोगों के जिले में रहने के शक में अभिसूचना इकाई ने सोमवार को अभियान चलाया। अभिसूचना इकाई के दरोगा बलराज सिंह, हरवीर सिंह की अगुवाई में टीम ने गंज मार्ग स्थित झंडापुर में बसे लोगों की जांच पड़ताल की। यह लोग स्वयं को कभी पश्चिम बंगाल तो कभी असम का रहने वाला बताते हैं। 50 लोग परिवार के साथ वहां बसे मिले। इनकी आईडी और पता लेकर जांच के लिए उनके बताए पते पर भेजा गया है। पिछले साल जांच के दौरान 200 लोग वहां बसे मिले थे। टीम के मुताबिक ये लोग अपने घरों पर आते जाते रहते हैं। कभी ज्यादा हो जाते हैं तो कभी कम। टीम इस बात का मिलान करा रही है कि पिछले साल बसे लोगों में कितने लोग बिजनौर में अभी रह रहे हैं। जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि एक मुस्लिम व्यक्ति इन लोगों से सड़क किनारे कबाड़ बिनवाने का काम कराता है। इन लोगों से कबाड़ एकत्र करके ट्रकों में लाकर मोटे दामों में बेचता है। इन लोगों के सहारे वह मोटी कमाई कर रहा है। उस व्यक्ति को भी चिह्नित किया जा रहा है। एसपी संजीव त्यागी के मुताबिक चांदपुर, नूरपुर, बढ़ापुर समेत कई नगरों में ऐसे लोगों के बसा होने की सूचना मिली है। इन सभी लोगों का सत्यापन कराया जाएगा।
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बिजनौर। अभिसूचना इकाई की टीम ने रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की खोजबीन के लिए अभियान चलाया। झंडापुर में रह रहे लोगों की जांच पड़ताल की। 50 व्यक्ति वहां बसे मिले। ये सभी लोग स्वयं को असम राज्य का निवासी बताते हैं। जिले भर में ऐसे लोगों की जांच पड़ताल की जा रही है।
म्यांमार के रोहिंग्या और बांग्लादेशी लोगों के जिले में रहने के शक में अभिसूचना इकाई ने सोमवार को अभियान चलाया। अभिसूचना इकाई के दरोगा बलराज सिंह, हरवीर सिंह की अगुवाई में टीम ने गंज मार्ग स्थित झंडापुर में बसे लोगों की जांच पड़ताल की। यह लोग स्वयं को कभी पश्चिम बंगाल तो कभी असम का रहने वाला बताते हैं। 50 लोग परिवार के साथ वहां बसे मिले। इनकी आईडी और पता लेकर जांच के लिए उनके बताए पते पर भेजा गया है। पिछले साल जांच के दौरान 200 लोग वहां बसे मिले थे। टीम के मुताबिक ये लोग अपने घरों पर आते जाते रहते हैं। कभी ज्यादा हो जाते हैं तो कभी कम। टीम इस बात का मिलान करा रही है कि पिछले साल बसे लोगों में कितने लोग बिजनौर में अभी रह रहे हैं। जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि एक मुस्लिम व्यक्ति इन लोगों से सड़क किनारे कबाड़ बिनवाने का काम कराता है। इन लोगों से कबाड़ एकत्र करके ट्रकों में लाकर मोटे दामों में बेचता है। इन लोगों के सहारे वह मोटी कमाई कर रहा है। उस व्यक्ति को भी चिह्नित किया जा रहा है। एसपी संजीव त्यागी के मुताबिक चांदपुर, नूरपुर, बढ़ापुर समेत कई नगरों में ऐसे लोगों के बसा होने की सूचना मिली है। इन सभी लोगों का सत्यापन कराया जाएगा।
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