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रुहेलखंड विश्वविद्यालय कराएगा चुनौती मूल्यांकन
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Rohilkhand University will conduct challenge assessment
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय कराएगा चुनौती मूल्यांकन
बिजनौर। डिग्री कॉलेजों के विद्यार्थियों की शिकायतों के चलते रुहेलखंड विश्वविद्यालय चुनौती मूल्यांकन के दूसरे चरण भी कराएगा। इसकी प्रक्रिया की घोषणा कर दी है। साल 2021 की परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के चुनौती मूल्यांकन के प्रथम चरण से वंचित असंतुष्ट विद्यार्थियों को चुनौती मूल्यांकन का एक और मौका मिल गया है।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध डिग्री कॉलेजों के कुछ विद्यार्थियों ने वर्ष 2021 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के बारे में शिकायत की थी। जिस पर विश्वविद्यालय ने छात्र हित में 15 नवंबर को चुनौती मूल्यांकन के प्रथम चरण की घोषणा की थी। बताया जाता है कि इसके बाद भी अनेक विद्यार्थी चुनौती मूल्यांकन से वंचित रह गए थे। मामला शासन तक पहुंचा था। अब विश्वविद्यालय ने छात्रों के हित को प्राथमिकता देते हुए एक माह बाद चुनौती मूल्यांकन के दूसरे चरण का एलान कर दिया है। विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. अमित सिंह के अनुसार दूसरे चरण के मूल्यांकन की प्रक्रिया 26 दिसंबर से शुरू हो गई है। मूल्यांकन से असंतुष्ट विद्यार्थी 31 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन एवं शुल्क जमा कर सकते हैं।
ऐसे जांची जाएगी उत्तर पुस्तिकाएं
1- विषय विभागाध्यक्ष चुनौती मूल्यांकन के लिए चार परीक्षकों की नामावली कुलपति को देंगे।
2- कुलपति चुनौती मूल्यांकन हेतु सूची में से दो परीक्षकों को नामित करेंगे।
3. संबंधित उत्तर पुस्तिकाओं की दो छाया प्रति तैयारी करवाई जाएंगी। उन्हें नामित परीक्षकों के सम्मुख प्रस्तुत किया जाएगा।
4. दोनों परीक्षकों द्वारा दिए गए नंबरों का औसत निकाला जाएगा।
5. औसत अंक अंतिम रूप से स्वीकृत होगा तथा विद्यार्थी के अंक पत्र में अंकित होगा। चाहे वह मूल अंक से अधिक हो या कम।
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बिजनौर। डिग्री कॉलेजों के विद्यार्थियों की शिकायतों के चलते रुहेलखंड विश्वविद्यालय चुनौती मूल्यांकन के दूसरे चरण भी कराएगा। इसकी प्रक्रिया की घोषणा कर दी है। साल 2021 की परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के चुनौती मूल्यांकन के प्रथम चरण से वंचित असंतुष्ट विद्यार्थियों को चुनौती मूल्यांकन का एक और मौका मिल गया है।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध डिग्री कॉलेजों के कुछ विद्यार्थियों ने वर्ष 2021 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के बारे में शिकायत की थी। जिस पर विश्वविद्यालय ने छात्र हित में 15 नवंबर को चुनौती मूल्यांकन के प्रथम चरण की घोषणा की थी। बताया जाता है कि इसके बाद भी अनेक विद्यार्थी चुनौती मूल्यांकन से वंचित रह गए थे। मामला शासन तक पहुंचा था। अब विश्वविद्यालय ने छात्रों के हित को प्राथमिकता देते हुए एक माह बाद चुनौती मूल्यांकन के दूसरे चरण का एलान कर दिया है। विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. अमित सिंह के अनुसार दूसरे चरण के मूल्यांकन की प्रक्रिया 26 दिसंबर से शुरू हो गई है। मूल्यांकन से असंतुष्ट विद्यार्थी 31 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन एवं शुल्क जमा कर सकते हैं।
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ऐसे जांची जाएगी उत्तर पुस्तिकाएं
1- विषय विभागाध्यक्ष चुनौती मूल्यांकन के लिए चार परीक्षकों की नामावली कुलपति को देंगे।
2- कुलपति चुनौती मूल्यांकन हेतु सूची में से दो परीक्षकों को नामित करेंगे।
3. संबंधित उत्तर पुस्तिकाओं की दो छाया प्रति तैयारी करवाई जाएंगी। उन्हें नामित परीक्षकों के सम्मुख प्रस्तुत किया जाएगा।
4. दोनों परीक्षकों द्वारा दिए गए नंबरों का औसत निकाला जाएगा।
5. औसत अंक अंतिम रूप से स्वीकृत होगा तथा विद्यार्थी के अंक पत्र में अंकित होगा। चाहे वह मूल अंक से अधिक हो या कम।