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Bijnor News: बिजनौर- रुहेलखंड विश्व विद्यालय की टीम ने किया कॉलेज का निरीक्षण
Mon, 15 May 2023 12:14 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Mon, 15 May 2023 12:14 AM IST
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बिजनौर के कृष्णा कॉलेज में शोध केंद्र के लिए निरीक्षण करने पहुंची एमजेपी रूहेलखंड विश्व विद्याल
- विधि एवं रसायन विज्ञान विषय के शोधार्थियों को मिलेगा लाभ
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। कृष्णा ग्रुप ऑफ काॅलेजेज में विधि एवं रसायन विज्ञान के शोध केंद्रों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। कॉलेज की ओर से किए गए आवेदन के बाद एमजेपी रुहेलखंड विश्व विद्यालय की टीम ने शनिवार को यहां पहुंचकर कॉलेज का निरीक्षण किया। यहां शोध केंद्र स्थापित होने से पीएचडी करने वाले छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा।
पांच मई को एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की पांच सदस्यीय टीम में शामिल शोध निदेशालय के निदेशक प्रोफेसर सुधीर कुमार, सहायक निदेशक डाॅ. अविनाश कुमार अग्रवाल, विधि संकाय के अध्यक्ष डाॅ. अमित सिंह, विज्ञान संकाय के अध्यक्ष प्रोफेसर अनुराग मोहन भटनागर एवं उप कुलसचिव आनंद कुमार मौर्य ने कृष्णा कॉलेज का निरीक्षण किया। कॉलेज के चेयरमैन मनोज कुमार ने बताया कि निरीक्षण करने आई टीम को रसायन व विधि विभाग के लिए सभी लैब एवं डिजिटल पुस्तकालय, रिसर्च सेंटर मानक पर खरे मिले हैं।
कृष्णा कॉलेज में पीएचडी पाठ्यक्रम शुरू होने पर छात्र-छात्राएं पीएचडी की प्रवेश परीक्षा देने के बाद उसी कॉलेज से अपना शोध कार्य प्रारंभ कर सकेंगे। रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध जिन कॉलेजों में परास्नातक की कक्षाएं नहीं चलती, वहां के शोध छात्रों को दूसरे कॉलेज में पर्यवेक्षक चुनना पड़ता है। इसके लिए उन्हें अन्य कॉलेज तक दौड़ लगानी पड़ती है। कृष्णा कॉलेज ने अपने कॉलेज को शोध केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए आवेदन किया है। कॉलेज चेयरमैन ने बताया कि उम्मीद है जल्द ही छात्र-छात्राएं कृष्णा कॉलेज को अपने शोध केंद्र के रूप में चयनित कर सकेंगे। निरीक्षण में विधि प्राचार्य डाॅ. परवेज अहमद खान एवं विज्ञान प्राचार्या डाॅ. सीमा शर्मा मौजूद रहीं।
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बिजनौर। कृष्णा ग्रुप ऑफ काॅलेजेज में विधि एवं रसायन विज्ञान के शोध केंद्रों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। कॉलेज की ओर से किए गए आवेदन के बाद एमजेपी रुहेलखंड विश्व विद्यालय की टीम ने शनिवार को यहां पहुंचकर कॉलेज का निरीक्षण किया। यहां शोध केंद्र स्थापित होने से पीएचडी करने वाले छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा।
पांच मई को एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की पांच सदस्यीय टीम में शामिल शोध निदेशालय के निदेशक प्रोफेसर सुधीर कुमार, सहायक निदेशक डाॅ. अविनाश कुमार अग्रवाल, विधि संकाय के अध्यक्ष डाॅ. अमित सिंह, विज्ञान संकाय के अध्यक्ष प्रोफेसर अनुराग मोहन भटनागर एवं उप कुलसचिव आनंद कुमार मौर्य ने कृष्णा कॉलेज का निरीक्षण किया। कॉलेज के चेयरमैन मनोज कुमार ने बताया कि निरीक्षण करने आई टीम को रसायन व विधि विभाग के लिए सभी लैब एवं डिजिटल पुस्तकालय, रिसर्च सेंटर मानक पर खरे मिले हैं।
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कृष्णा कॉलेज में पीएचडी पाठ्यक्रम शुरू होने पर छात्र-छात्राएं पीएचडी की प्रवेश परीक्षा देने के बाद उसी कॉलेज से अपना शोध कार्य प्रारंभ कर सकेंगे। रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध जिन कॉलेजों में परास्नातक की कक्षाएं नहीं चलती, वहां के शोध छात्रों को दूसरे कॉलेज में पर्यवेक्षक चुनना पड़ता है। इसके लिए उन्हें अन्य कॉलेज तक दौड़ लगानी पड़ती है। कृष्णा कॉलेज ने अपने कॉलेज को शोध केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए आवेदन किया है। कॉलेज चेयरमैन ने बताया कि उम्मीद है जल्द ही छात्र-छात्राएं कृष्णा कॉलेज को अपने शोध केंद्र के रूप में चयनित कर सकेंगे। निरीक्षण में विधि प्राचार्य डाॅ. परवेज अहमद खान एवं विज्ञान प्राचार्या डाॅ. सीमा शर्मा मौजूद रहीं।
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