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Bijnor News: खून से लाल हो रही सड़कें, अब कोहरा बनेगा सफर की मुसीबत
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-जिले में नौ ब्लैक स्पॉट, इन्हें सुधारा तो नई जगहों पर होने लगे सड़क हादसे
-कोहरा ना बढ़ा दे हादसों का ग्राफ, बढ़ रही चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। कहीं पुल संकरा है तो कहीं सड़क में दबक या फिर ब्लैक स्पॉट...सड़क हादसों की तमाम वजह हैं। इनमें हर रोज कहीं ना कहीं जीवन की डोर टूट रही है। अब सर्दी के मौसम में कोहरा बढ़ेगा तो सफर की मुसीबतों में भी इजाफा हो सकता है। हालांकि कोहरे में सुरक्षित सफर के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। वाहनों पर रिफलेक्टर लगाए जा रहे हैं। साथ ही ब्लैक स्पॉट को सुधारा जा रहा है।
साल 2024 में जनवरी से अब तक 554 सड़क हादसे हो चुके हैं। इन हादसों में 312 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा जबकि 547 लोग गंभीर घायल हुए। इस साल नवंबर माह की ही बात करें तो 40 लोगों की मौत अलग अलग जगहों पर हुए सड़क हादसों में हो गई।
साल 2023 में सड़क हादसों में 295 लोगों की जान चली गई थी। हादसा होने के बाद वजहों पर मंथन किया जाता है। ज्यादा हादसों वाली जगहों को नाम मिलता है ब्लैक स्पॉट का। इस बार जो हादसे हुए हैं, वो ब्लैक स्पॉट से अलग है। यानि प्रशासन ब्लैक स्पॉट को सुधारने में लगा रहा जबकि दूसरी जगहों पर सड़क इंसानों के खून से लाल होती रही।
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ये हैं ब्लैक स्पॉट
-नगीना काशीपुर मार्ग में मनोकामना मंदिर के निकट
-हरिद्वार नगीना मार्ग में रोशनपुरर प्रताप गांव
-मेरठ नजीबाबाद मार्ग में स्वाहेड़ी
-बदायूं बिजनौर मार्ग में दरबाड़ा
-बहसूमा ठाकुद्वारा मार्ग में स्याऊ
-नहटौर अमरोहा मार्ग में फौजी ढाबा इस्माइलपुर
-नजीबाबाद नगीना मार्ग में बुंदकी तिराहा
-पानीपत खटीमा मार्ग में कालीमाता मंदिर चौराहा
-नगीना काशीपुर मार्ग में भूतपुरी तिराहा
जो नहीं सुधरे उन पर जारी रही सख्ती
पुलिस यातायात के नियमों का पाठ पढ़ाती है। मगर, इसके बाद भी वाहन चालक सुधरने को तैयार नहीं है। जिन लोगों ने यातायात नियमों का पालन नहीं किया, उनके चालान भी किए गए। अकेले नवंबर माह में 10146 वाहनों के चालान किए गए हैं। इनसे एक लाख 29 हजार रुपये का शमन शुल्क भी वसूला गया।
हाईवे किनारे खड़े वाहन भी बनते हैं खतरा
हाईवे किनारे खड़े बड़े वाहन भी खतरा बन जाते हैं। पिछले दिनों मेरठ पौड़ी नेशनल हाईवे पर पेदा गांव के पास फाॅर्च्यूनर कार पीछे से घुस गई थी। इस हादसे में तीन युवकों की जान चली गई थी। हालांकि बुधवार को यातायात पुलिस ने सड़क किनारे खड़े 35 वाहनों को चालान किए। कोहरा बढ़ने के साथ ही ये वाहन दिखाई नहीं देंगे।
आधे अधूरे निर्माण और तकनीकी खामी भी बड़ी वजह
जिले में तीन नेशनल हाईवे निर्माणाधीन हैं। इससे इन तीनों मार्ग में स्थितियां बदल चुकी हैं। उदाहरण के तौर पर मेरठ पौड़ी नेशनल हाईवे बिजनौर में पेदा के पास से फोरलेन में तब्दील हो जाता है। इससे पहले संकरी सड़क है। तो कई बार वाहन चालकों को धोखा लगता है। वहीं, झालू मार्ग पर छोइया नदी का पुल संकरा है। इसके अलावा फोरलेन हाईवे पर आकर मिलने वाली सड़कों से अचानक वाहन हाईवे पर आता तो हादसे का खतरा रहता है।
सुरक्षित यातायात के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। ब्लैक स्पॉट और सड़कों की खामियों को दूर करने के लिए संबंधित विभाग के साथ पत्राचार किया गया है। ओवर लोड गन्ने के वाहनों पर कार्रवाई चल रही है। साथ ही चीनी मिलों को भी नोटिस जारी किए जा चुके हैं। - संजीव वाजपेयी, एएसपी सिटी
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-कोहरा ना बढ़ा दे हादसों का ग्राफ, बढ़ रही चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। कहीं पुल संकरा है तो कहीं सड़क में दबक या फिर ब्लैक स्पॉट...सड़क हादसों की तमाम वजह हैं। इनमें हर रोज कहीं ना कहीं जीवन की डोर टूट रही है। अब सर्दी के मौसम में कोहरा बढ़ेगा तो सफर की मुसीबतों में भी इजाफा हो सकता है। हालांकि कोहरे में सुरक्षित सफर के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। वाहनों पर रिफलेक्टर लगाए जा रहे हैं। साथ ही ब्लैक स्पॉट को सुधारा जा रहा है।
साल 2024 में जनवरी से अब तक 554 सड़क हादसे हो चुके हैं। इन हादसों में 312 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा जबकि 547 लोग गंभीर घायल हुए। इस साल नवंबर माह की ही बात करें तो 40 लोगों की मौत अलग अलग जगहों पर हुए सड़क हादसों में हो गई।
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साल 2023 में सड़क हादसों में 295 लोगों की जान चली गई थी। हादसा होने के बाद वजहों पर मंथन किया जाता है। ज्यादा हादसों वाली जगहों को नाम मिलता है ब्लैक स्पॉट का। इस बार जो हादसे हुए हैं, वो ब्लैक स्पॉट से अलग है। यानि प्रशासन ब्लैक स्पॉट को सुधारने में लगा रहा जबकि दूसरी जगहों पर सड़क इंसानों के खून से लाल होती रही।
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ये हैं ब्लैक स्पॉट
-नगीना काशीपुर मार्ग में मनोकामना मंदिर के निकट
-हरिद्वार नगीना मार्ग में रोशनपुरर प्रताप गांव
-मेरठ नजीबाबाद मार्ग में स्वाहेड़ी
-बदायूं बिजनौर मार्ग में दरबाड़ा
-बहसूमा ठाकुद्वारा मार्ग में स्याऊ
-नहटौर अमरोहा मार्ग में फौजी ढाबा इस्माइलपुर
-नजीबाबाद नगीना मार्ग में बुंदकी तिराहा
-पानीपत खटीमा मार्ग में कालीमाता मंदिर चौराहा
-नगीना काशीपुर मार्ग में भूतपुरी तिराहा
जो नहीं सुधरे उन पर जारी रही सख्ती
पुलिस यातायात के नियमों का पाठ पढ़ाती है। मगर, इसके बाद भी वाहन चालक सुधरने को तैयार नहीं है। जिन लोगों ने यातायात नियमों का पालन नहीं किया, उनके चालान भी किए गए। अकेले नवंबर माह में 10146 वाहनों के चालान किए गए हैं। इनसे एक लाख 29 हजार रुपये का शमन शुल्क भी वसूला गया।
हाईवे किनारे खड़े वाहन भी बनते हैं खतरा
हाईवे किनारे खड़े बड़े वाहन भी खतरा बन जाते हैं। पिछले दिनों मेरठ पौड़ी नेशनल हाईवे पर पेदा गांव के पास फाॅर्च्यूनर कार पीछे से घुस गई थी। इस हादसे में तीन युवकों की जान चली गई थी। हालांकि बुधवार को यातायात पुलिस ने सड़क किनारे खड़े 35 वाहनों को चालान किए। कोहरा बढ़ने के साथ ही ये वाहन दिखाई नहीं देंगे।
आधे अधूरे निर्माण और तकनीकी खामी भी बड़ी वजह
जिले में तीन नेशनल हाईवे निर्माणाधीन हैं। इससे इन तीनों मार्ग में स्थितियां बदल चुकी हैं। उदाहरण के तौर पर मेरठ पौड़ी नेशनल हाईवे बिजनौर में पेदा के पास से फोरलेन में तब्दील हो जाता है। इससे पहले संकरी सड़क है। तो कई बार वाहन चालकों को धोखा लगता है। वहीं, झालू मार्ग पर छोइया नदी का पुल संकरा है। इसके अलावा फोरलेन हाईवे पर आकर मिलने वाली सड़कों से अचानक वाहन हाईवे पर आता तो हादसे का खतरा रहता है।
सुरक्षित यातायात के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। ब्लैक स्पॉट और सड़कों की खामियों को दूर करने के लिए संबंधित विभाग के साथ पत्राचार किया गया है। ओवर लोड गन्ने के वाहनों पर कार्रवाई चल रही है। साथ ही चीनी मिलों को भी नोटिस जारी किए जा चुके हैं। - संजीव वाजपेयी, एएसपी सिटी