फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Road is not easy for anyone in Badhapur, there will be uproar

बढ़ापुर में किसी के लिए आसान नहीं राह, रहेगा घमासान

Sun, 16 Jan 2022 01:09 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 16 Jan 2022 01:09 AM IST
विज्ञापन
Road is not easy for anyone in Badhapur, there will be uproar
बढ़ापुर विधानसभा का नक्शा - फोटो : BIJNOR
बढ़ापुर में किसी के लिए आसान नहीं राह, रहेगा घमासान
विज्ञापन

रजनीश त्यागी
बिजनौर। यूं तो बढ़ापुर जिले में अंतिम छोर का विधानसभा क्षेत्र है, लेकिन दो जिलों की सियासत में दखल रहता है। मुरादाबाद संसदीय क्षेत्र में शामिल बिजनौर की बढ़ापुर विधानसभा क्षेत्र का गठन होने के बाद अभी तक दो बार ही विधानसभा चुनाव हुए हैं। अब तीसरी बार बढ़ापुर की जनता अपना जनप्रतिनिधि चुनकर विधानसभा भेजेंगी। इस सीट पर गठन के बाद से एक बार बसपा और एक बार भाजपा जीत हासिल कर चुकी है। इस बार का चुनाव किसी भी दल के लिए आसान नहीं माना जा रहा है। भाजपा जहां अपनी जीत को दोहराने को ताकत झोंक रही है, वहीं बसपा, सपा, कांग्रेस भी पीछे नहीं है।
बढ़ापुर से पहले इस विधानसभा क्षेत्र का नाम अफजलगढ़ हुआ करता था। पहले अफजलगढ़ अब बढ़ापुर कहलाने वाले विधानसभा क्षेत्र की जनता ने छह बार भाजपा उम्मीदवारों पर भरोसा जताया। साल 2008 में विधानसभा सीटों का परिसीमन हुआ था। जिसमें अफजलगढ़ विधानसभा क्षेत्र को खत्म करते हुए बढ़ापुर बनाया गया। जिसमें कुछ इलाके ही बढ़ाए और घटाए गए हैं। बढ़ापुर नाम मिलने के बाद यहां पहला चुनाव 2012 में हुआ। जिसमें बसपा से मोहम्मद गाजी विधायक बने। साल 2017 के चुनाव में यह सीट भाजपा के खाते में चली गई और सुशांत सिंह विधानसभा पहुंचे। अब जनता का रुख क्या रहेगा, यह तो समय ही तय करेगा। (संवाद)
विज्ञापन

कांग्रेस करती रही है बेहतर प्रदर्शन
यूं तो कभी पूरे जिले में कांग्रेस का दबदबा हुआ करता था लेकिन नव्बे के दशक में और उसके बाद कांग्रेस सिमटती चली गई। हालांकि बढ़ापुर विधानसभा ऐसी जहां अभी तक कांग्रेस के प्रत्याशी दूसरे या तीसरे नंबर पर आ जाते हैं। साल 1012 में कांग्रेस के हुसैन अहमद तीसरे नंबर पर रहे। जिन्हें 39 हजार हजार वोट मिले। दूसरे नंबर पर भाजपा के इंद्रदेव सिंह 41 हजार वोट मिले। 2017 में सुशांत सिंह भाजपा को 78 हजार वोट मिले। कांग्रेस के प्रत्याशी हुसैन अहमद को 68 वोट हासिल किए, जबकि बीएसपी के फहद याजदानी पचास हजार वोट मिले।
विज्ञापन
विज्ञापन

जातीय समीकरण साधने का रहता है प्रयास
बढ़ापुर विधानसभा पर करीब साढ़े तीन लाख मतदाता हैं। इनमें से मुस्लिमों की संख्या एक लाख से ज्यादा बताई जाती है। इसके अलावा 65 हजार से ज्यादा चौहान, 70 हजार से ज्यादा अनुसूचित जाति, करीब 30 हजार सैनी, 15 हजार से ज्यादा कश्यप और 12 हजार से ज्यादा पाल जाति के मतदाता होने की अनुमान लगाया जाता है। ऐसे में इस सीट पर चुनावी मैदान में उतरी सभी पार्टियां अपने-अपने आंकड़ों के हिसाब से समीकरण बनाने में जुटी हुई हैं।
बढ़ापुर से रहे विधायक
2012 मोहम्मद गाजी बसपा
2017 सुशांत सिंह भाजपा
----
अफजलगढ़ से रहे विधायक
2007 मोहम्मद गाजी बीएसपी
2002 इंद्रदेव सिंह भाजपा
1996 इंद्रदेव सिंह भाजपा
1993 इंद्रदेव सिंह भाजपा
1991 इंद्रदेव सिंह भाजपा
1989 सुलेमान बीएसपी
1985 मोहम्मद हसन अंसारी कांग्रेस
1980 थम्मन सिंह बीजेपी
1977 मोहम्मद जमील अहमद जेएनपी
1974 क्रांति कुमार कांग्रेस
मुद्दा...
बरसाती नदियों का कटान,
चिकित्सा सुविधाएं
एकनजर बढ़ापुर विधानसभा
मतदान केंद्र 239
बूथ 415
पुरुष मतदाता 190201
महिला मतदाता 167647
कुल मतदाता 357862
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed