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पर्वतीय व मैदानी क्षेत्र में भारी वर्षा, नदियां उफनी
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नजीबाबाद के कोटावाली नदी में आया उफान, रपटे से बहता तेज रफ्तार पानी।
- फोटो : NAZIBABAD
भागूवाला/नजीबाबाद। पर्वतीय व मैदानी क्षेत्र में भारी वर्षा के चलते कोटावाली, लकड़हान और सूखा नदी उफान पर है। कोटावाली रपटे के ऊपर से करीब तीन फीट तेज रफ्तार पानी गुजरने से भारी वाहनों का आवागमन ठप हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भारी वाहनों का रूट डायवर्ट कराया।
मानसूनी वर्षा के चलते क्षेत्र की नदियां उफान पर हैं। पहाड़ों और मैदानी क्षेत्र में भारी वर्षा होने से कोटावाली नदी उफान पर है। रविवार को करीब 11 बजे अचानक कोटावाली रपटे पर पानी आने से पुलिस ने यूपी व उत्तराखंड रपटे के दोनों ओर मोर्चा संभालते हुए भारी वाहनों को क्षेत्र से गुजरने से रोक दिया, जिससे रपटे के दोनों ओर भारी वाहनों की दूर तक लाइन लग गई। रपटे के ऊपर से करीब तीन फीट तेज रफ्तार पानी गुजरने पर मंडावली थानाध्यक्ष संदीप त्यागी के निर्देशन में पुलिस ने चंदक हैड पूर्वी गंग नहर बाईपास मार्ग से भारी वाहनों को रूट डायवर्ट कराया।
भारी वाहनों को तय करनी पड़ रही अतिरिक्त दूरी
नजीबाबाद। कोटावाली नदी पुल में अगस्त 2017 में तकनीकी खराबी आने के बाद प्रशासन ने भारी वाहनों पर पुल से गुजरने पर रोक लगा दी थी, जिससे भारी वाहनों का नजीबाबाद-हरिद्वार से सीधा संपर्क टूट गया था। पुल की स्थिति जानकर प्रशासन से छोटे वाहनों के पुल से गुजरने दिया। हालांकि पुल निर्माण कंपनी ने पुल के समानांतर नदी क्षेत्र में रपटे का निर्माण कर भारी वाहनों का नजीबाबाद-हरिद्वार से सीधा संपर्क जोड़ दिया। करीब दो साल में कोटावाली नदी में कई बार उफान आने से रपटा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे चलते भारी वाहनों का कई बार रूट डायवर्ट किया गया। रपटा क्षतिग्रस्त होने पर डायवर्ट रूट से भारी वाहनों को करीब 5 किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
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खस्ताहाल है बाईपास मार्ग
नजीबाबाद। भागूवाला से चंदक हैड पूर्वी गंग नहर बाईपास मार्ग करीब चार किमी तक खस्ताहाल है। चालकों को खस्ताहाल मार्ग से जोखिम उठाना पड़ता है। चालकों को अतिरिक्त दूरी के साथ-साथ खस्ताहाल मार्ग में वाहन के फंसने और गिरने का भय हमेशा बना रहता है। पुलिस के रूट डायवर्ट करने के निर्देश के बाद कई वाहन रपटे से पानी उतरने के इंतेजार में घंटों रपटे के दोनों छोर खड़े रहे। समाचार लिखे जाने तक 11 बजे से आए रपटे पर आया पानी 5 बजे तक भी नहीं उतरा।
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मानसूनी वर्षा के चलते क्षेत्र की नदियां उफान पर हैं। पहाड़ों और मैदानी क्षेत्र में भारी वर्षा होने से कोटावाली नदी उफान पर है। रविवार को करीब 11 बजे अचानक कोटावाली रपटे पर पानी आने से पुलिस ने यूपी व उत्तराखंड रपटे के दोनों ओर मोर्चा संभालते हुए भारी वाहनों को क्षेत्र से गुजरने से रोक दिया, जिससे रपटे के दोनों ओर भारी वाहनों की दूर तक लाइन लग गई। रपटे के ऊपर से करीब तीन फीट तेज रफ्तार पानी गुजरने पर मंडावली थानाध्यक्ष संदीप त्यागी के निर्देशन में पुलिस ने चंदक हैड पूर्वी गंग नहर बाईपास मार्ग से भारी वाहनों को रूट डायवर्ट कराया।
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भारी वाहनों को तय करनी पड़ रही अतिरिक्त दूरी
नजीबाबाद। कोटावाली नदी पुल में अगस्त 2017 में तकनीकी खराबी आने के बाद प्रशासन ने भारी वाहनों पर पुल से गुजरने पर रोक लगा दी थी, जिससे भारी वाहनों का नजीबाबाद-हरिद्वार से सीधा संपर्क टूट गया था। पुल की स्थिति जानकर प्रशासन से छोटे वाहनों के पुल से गुजरने दिया। हालांकि पुल निर्माण कंपनी ने पुल के समानांतर नदी क्षेत्र में रपटे का निर्माण कर भारी वाहनों का नजीबाबाद-हरिद्वार से सीधा संपर्क जोड़ दिया। करीब दो साल में कोटावाली नदी में कई बार उफान आने से रपटा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे चलते भारी वाहनों का कई बार रूट डायवर्ट किया गया। रपटा क्षतिग्रस्त होने पर डायवर्ट रूट से भारी वाहनों को करीब 5 किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
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खस्ताहाल है बाईपास मार्ग
नजीबाबाद। भागूवाला से चंदक हैड पूर्वी गंग नहर बाईपास मार्ग करीब चार किमी तक खस्ताहाल है। चालकों को खस्ताहाल मार्ग से जोखिम उठाना पड़ता है। चालकों को अतिरिक्त दूरी के साथ-साथ खस्ताहाल मार्ग में वाहन के फंसने और गिरने का भय हमेशा बना रहता है। पुलिस के रूट डायवर्ट करने के निर्देश के बाद कई वाहन रपटे से पानी उतरने के इंतेजार में घंटों रपटे के दोनों छोर खड़े रहे। समाचार लिखे जाने तक 11 बजे से आए रपटे पर आया पानी 5 बजे तक भी नहीं उतरा।