Bijnor: नदियों में उफान, खतरे के निशान को छू रही गंगा, कई गांवों में बने हुए हैं बाढ़ जैसे हालात
Bijnor News : बिजनौर बैराज पर खतरे का निशान 220 मीटर है। सोमवार को गंगा का जलस्तर 219.60 मीटर रहा। पिछले करीब 20 दिनों से गंगा का जलस्तर 210 मीटर से ऊपर चल रहा है।
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बिजनौर जिले में नदियां उफान पर हैं। बिजनौर बैराज पर गंगा खतरे के निशान को छू कर बह रही है। वहीं, सोमवार को हुई बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में अभी भी बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। गंगा, मालन, खो सहित अन्य नदियाें में उफान है।
पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में बारिश होने से नदियों में उफान है। बिजनौर बैराज पर खतरे का निशान 220 मीटर है। सोमवार को गंगा का जलस्तर 219.60 मीटर रहा। पिछले करीब 20 दिनों से गंगा का जलस्तर 210 मीटर से ऊपर चल रहा है। वहीं, सोमवार को बिजनौर बैराज से 80324 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि सोमवार को हरिद्वार के भीमगौड़ा बैराज से 89007 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गंगा, मालन, खो नदी का जलस्तर अधिक होने से आसपास के क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं। लोगों को पशुओं का चारा लाने सहित अन्य काम करने में काफी परेशानी हो रही है।
पानी के तेज बहाव से टूटा मालन नदी का रपटा
जिले में रुक-रुककर पिछले एक माह से बारिश हो रही है। जिससे मालन नदी के ऊपर पानी चल रहा है। पानी के तेज बहाव की वजह से रपटा टूट गया। जिससे आसपास के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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बेगावाला क्षेत्र के गांव ब्रह्मपुरी और रावली के बीच मालन नदी पर रपटा बना हुआ है। जो करीब 25 साल पुराना है। इस रपटे की आज तक कोई मरम्मत भी नहीं हुई। रपटे के ऊपर पानी के तेज बहाव से रपटा बीच में टूट गया। जिस कारण से ग्रामीणों का निकलना जोखिम भरा हो गया है। अभी भी रपटे पर तेज बहाव के साथ पानी चल रहा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि रपटे के टूटने से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मगर अधिकारियों को कोई चिंता नहीं है।