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Bijnor News: गेहूं थ्रेसिंग के बाद से बढ़ने लगे सांस रोगी
Tue, 30 Apr 2024 01:19 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Tue, 30 Apr 2024 01:19 AM IST
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बिजनौर। जिले में इस समय गेहूं कटाई और थ्रेसिंग का काम चल रहा है। ऐसे में अब गेहूं थ्रेसिंग के बाद सांस के रोगियों की संख्या बढ़ने लगी है। मेडिकल अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 40 मरीज तक सांस की समस्या से ग्रसित पहुंच रहे हैं। थ्रेसिंग के बाद से मरीजों को एलर्जी की वजह से सांस की समस्या बढ़ी है।
जिले में पिछले एक सप्ताह से थ्रेसिंग हो रही है। जिसके बाद से लगातार सांस के रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ। पहले रोजाना सांस के 20 मरीज तक ओपीडी में पहुंच रहे थे।जबकि अब यह संख्या बढ़कर दोगुनी हो गई है। चिकित्सकों का कहना है कि गेहूं कटाई के साथ-साथ कुछ खरपतावार भी कट जाते हैं। जो थ्रेसिंग के बाद फंगस, बैक्टीरिया उड़कर वातावरण में फैल जाते हैं।
जो धीरे-धीरे मुंह के रास्ते शरीर में पहुंचकर एलर्जी करते हैं। जिसकी वजह से ही अस्पतालों में सांस के रोगियों की संख्या बढ़ी है। वहीं मेडिकल अस्पताल के वार्ड में भी सांस की बीमार से ग्रसित करीब 14 मरीज भर्ती हैं। जिनका इलाज चल रहा है।
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-- - सांस रोगी ऐसे करें बचाव
- धूप में कोशिश करें कि घरों से बाहर नहीं निकलें
- मुंह पर हल्का कपड़ा गीला करके बांधे
- धूम्रपान न करें
- धुएं, धूल वाली जगह न जाएं
- वर्जन : अस्पताल में पिछले एक सप्ताह में सांस के रोगियों की संख्या बढ़ी है। पुराने सांस रोगियों को इस समय ज्यादा परेशानी हो रही है। एलर्जी की वजह से वह चपेट में आ रहे हैं। इसलिए कुछ दिन एहतियात बरतें। - डॉ. आरएस वर्मा, चिकित्सक, मेडिकल अस्पताल, बिजनौर
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जिले में पिछले एक सप्ताह से थ्रेसिंग हो रही है। जिसके बाद से लगातार सांस के रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ। पहले रोजाना सांस के 20 मरीज तक ओपीडी में पहुंच रहे थे।जबकि अब यह संख्या बढ़कर दोगुनी हो गई है। चिकित्सकों का कहना है कि गेहूं कटाई के साथ-साथ कुछ खरपतावार भी कट जाते हैं। जो थ्रेसिंग के बाद फंगस, बैक्टीरिया उड़कर वातावरण में फैल जाते हैं।
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जो धीरे-धीरे मुंह के रास्ते शरीर में पहुंचकर एलर्जी करते हैं। जिसकी वजह से ही अस्पतालों में सांस के रोगियों की संख्या बढ़ी है। वहीं मेडिकल अस्पताल के वार्ड में भी सांस की बीमार से ग्रसित करीब 14 मरीज भर्ती हैं। जिनका इलाज चल रहा है।
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- धूप में कोशिश करें कि घरों से बाहर नहीं निकलें
- मुंह पर हल्का कपड़ा गीला करके बांधे
- धूम्रपान न करें
- धुएं, धूल वाली जगह न जाएं
- वर्जन : अस्पताल में पिछले एक सप्ताह में सांस के रोगियों की संख्या बढ़ी है। पुराने सांस रोगियों को इस समय ज्यादा परेशानी हो रही है। एलर्जी की वजह से वह चपेट में आ रहे हैं। इसलिए कुछ दिन एहतियात बरतें। - डॉ. आरएस वर्मा, चिकित्सक, मेडिकल अस्पताल, बिजनौर