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पांच चिकित्सकों पर रिपोर्ट, दो क्लीनिक सील
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पांच चिकित्सकों पर रिपोर्ट, दो क्लीनिक सील
बिजनौर। क्वेक्स के जिला नोडल अधिकारी ने अवैध रूप से संचालित दो क्लीनिक सील किए हैं। इन दोनों सहित पांच झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ नगीना देहात थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इससे पूर्व सभी को नोटिस जारी करते हुए अपने चिकित्सकीय प्रमाण मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में जमा करने को कहा गया था। लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रमाण पत्र जमा न करने पर रिपोर्ट दर्ज हुई है।
जिला नोडल अधिकारी डॉक्टर रोहताश कुमार के अनुसार एक शिकायत पर छह दिसंबर को उन्होंने अपनी टीम के साथ नगीना देहात थाने के गांव कोटकादर में छापा मारा। इस दौरान झोलाछाप चिकित्सक अपने क्लीनिक बंद कर वहां से फरार हो गए थे। 11 दिसंबर को फिर से उन्हें किसी ने चिकित्सकों के गांव में आकर दोबारा से क्लीनिक खोलने की जानकारी दी। इस पर वे पुन: अपनी टीम के साथ गांव में पहुंचे और दो झोलाछापों को चिकित्सकीय कार्य करते हुए पकड़ लिया। नोडल अधिकारी ने बताया कि गांव कोटकादर निवासी डॉक्टर राहुल सिंह और डॉक्टर नागेंद्र सिंह के क्लीनिक सीज कर दिए गए। जबकि इसी गांव के डॉक्टर मोहम्मद राशिद, डॉक्टर भारत सिंह, गांव कादराबाद निवासी डॉक्टर नजमा समेत सभी पांचों के विरुद्ध नगीना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उन्होंने बताया डॉक्टर नजमा के क्लीनिक पर तीन बेड पड़े मिले और एक बेड पर एक मरीज भर्ती पाया गया। उसे ड्रिप लगी थी। नोडल अधिकारी के मुताबिक ये सभी झोलाछाप चिकित्सक रोगियों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे थे। इनमें से कोई भी डाक्टर चिकित्सकीय कार्य करने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में पंजीकृत नहीं है और न ही इनमें से किसी के पास प्रमाण पत्र है।
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बिजनौर। क्वेक्स के जिला नोडल अधिकारी ने अवैध रूप से संचालित दो क्लीनिक सील किए हैं। इन दोनों सहित पांच झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ नगीना देहात थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इससे पूर्व सभी को नोटिस जारी करते हुए अपने चिकित्सकीय प्रमाण मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में जमा करने को कहा गया था। लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रमाण पत्र जमा न करने पर रिपोर्ट दर्ज हुई है।
जिला नोडल अधिकारी डॉक्टर रोहताश कुमार के अनुसार एक शिकायत पर छह दिसंबर को उन्होंने अपनी टीम के साथ नगीना देहात थाने के गांव कोटकादर में छापा मारा। इस दौरान झोलाछाप चिकित्सक अपने क्लीनिक बंद कर वहां से फरार हो गए थे। 11 दिसंबर को फिर से उन्हें किसी ने चिकित्सकों के गांव में आकर दोबारा से क्लीनिक खोलने की जानकारी दी। इस पर वे पुन: अपनी टीम के साथ गांव में पहुंचे और दो झोलाछापों को चिकित्सकीय कार्य करते हुए पकड़ लिया। नोडल अधिकारी ने बताया कि गांव कोटकादर निवासी डॉक्टर राहुल सिंह और डॉक्टर नागेंद्र सिंह के क्लीनिक सीज कर दिए गए। जबकि इसी गांव के डॉक्टर मोहम्मद राशिद, डॉक्टर भारत सिंह, गांव कादराबाद निवासी डॉक्टर नजमा समेत सभी पांचों के विरुद्ध नगीना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उन्होंने बताया डॉक्टर नजमा के क्लीनिक पर तीन बेड पड़े मिले और एक बेड पर एक मरीज भर्ती पाया गया। उसे ड्रिप लगी थी। नोडल अधिकारी के मुताबिक ये सभी झोलाछाप चिकित्सक रोगियों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे थे। इनमें से कोई भी डाक्टर चिकित्सकीय कार्य करने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में पंजीकृत नहीं है और न ही इनमें से किसी के पास प्रमाण पत्र है।
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