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जालपुर में मिले कई मोरों के अवशेष
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sat, 01 Apr 2017 11:50 PM IST
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गांव जालपुर में मृत मिले मोर का पोस्टमार्टम करते चिकित्सक।
- फोटो : अमर उजाला
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नांगलसोती में राष्ट्रीय पक्षी मोर का शव और कई अवशेष मिलने से नांगल क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर आननफानन में पहुंचे वनकर्मियों ने मोर के शव का पोस्टमार्टम कराया। पशु चिकित्सक ने गर्मी से प्रभावित होकर मोरों की मौत होने की संभावना जताई।
नांगल थाना क्षेत्र के गांव जालपुर में आबादी से करीब 500 मीटर दूरी पर वन विभाग की नर्सरी है। इसके आसपास काफी संख्या में मोर पाए जाते हैं। शनिवार गांव जालपुर निवासी किसान विजेंद्र सिंह जब अपने खेत पर पहुंचा, तो खेत के नजदीक मोर का शव पड़ा मिला। पास ही अन्य खेतों पर भी तीन-चार मोरों के अवशेष पड़े थे। वन विभाग की नर्सरी से करीब 100 मीटर के फासले पर मोर का शव और कंकाल मिलने की सूचना से वन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
सामाजिक वानिकी के दरोगा प्रवीण कुुमार, वन रक्षक श्याम सिंह मौके पर पहुंच गए। प्रधान परमवीर सिंह, महावीर सिंह, नरदेव, विजेंद्र सिंह आदि ग्रामीणों ने वन अधिकारियों को बताया कि आए दिन क्षेत्र में मोरों के अवशेष पड़े मिलते हैं। वन दरोगा ने मोर का शव और अवशेष मिलने की जानकारी नांगल पशु चिकित्सक डॉ.अंकित चौधरी को दी। डॉ.अंकित ने मोर के शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम में चोट के निशान अथवा जहर की पुष्टि न होाने की बात कही।
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नांगल थाना क्षेत्र के गांव जालपुर में आबादी से करीब 500 मीटर दूरी पर वन विभाग की नर्सरी है। इसके आसपास काफी संख्या में मोर पाए जाते हैं। शनिवार गांव जालपुर निवासी किसान विजेंद्र सिंह जब अपने खेत पर पहुंचा, तो खेत के नजदीक मोर का शव पड़ा मिला। पास ही अन्य खेतों पर भी तीन-चार मोरों के अवशेष पड़े थे। वन विभाग की नर्सरी से करीब 100 मीटर के फासले पर मोर का शव और कंकाल मिलने की सूचना से वन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
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सामाजिक वानिकी के दरोगा प्रवीण कुुमार, वन रक्षक श्याम सिंह मौके पर पहुंच गए। प्रधान परमवीर सिंह, महावीर सिंह, नरदेव, विजेंद्र सिंह आदि ग्रामीणों ने वन अधिकारियों को बताया कि आए दिन क्षेत्र में मोरों के अवशेष पड़े मिलते हैं। वन दरोगा ने मोर का शव और अवशेष मिलने की जानकारी नांगल पशु चिकित्सक डॉ.अंकित चौधरी को दी। डॉ.अंकित ने मोर के शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम में चोट के निशान अथवा जहर की पुष्टि न होाने की बात कही।
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