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Bijnor News: 17 गांवों में बसे हैं शरणार्थी परिवार, सभी को मिलेगा भूमिधरी का अधिकार

Wed, 03 Jun 2026 01:10 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jun 2026 01:10 AM IST
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Refugee families are settled in 17 villages, all will get land ownership rights.
अफजलगढ़/कादराबाद। पाकिस्तान से आए शरणार्थियों के 79 वर्ष संघर्ष करने के बाद क्षेत्रीय विधायक कुंवर सुशांत सिंह के प्रयासों से विस्थापित परिवारों को जमीनों का मालिकाना हक मिल गया। भूमि का मालिकाना हक मिलने से जहां उनमें खुशी का माहौल है, वहीं उन्होंने क्षेत्रीय विधायक सहित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व सरकार का आभार जताया है।
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भारत के बंटवारे के बाद यहां आए लोग करीब 79 वर्ष से जिले की धामपुर व नगीना तहसील के 17 गांव अजीमुल्लानगर, बाबली, तुरतपुर, इस्लामनगर, रसूलपुर आबाद, गुलरवाली, नरायनवाला, नवाबपुरा, फतेहपुर धारा, मीरापुर मोदीवाला, छजमलवाला, कल्लूवाला, जहानाबाद, भोगपुर, कुंआखेड़ा, चंपतपुर चकला, कुराली व वीरभानवाला में रह रहे। करीब दस हजार शरणार्थी परिवारों में से 1645 परिवारों को बढ़ापुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक कुंवर सुशांत सिंह के प्रयासों के बाद उनकी कच्ची जमीनों पर मालिकाना हक मिला है। सोमवार को गांव आलमपुर गांवड़ी में आयोजित मुख्यमंत्री की जनसभा के दौरान उन्हें जमीनों के मालिकाना हक के प्रमाणपत्र सौंपे गए। शेष परिवारों को भी शीघ्र मालिकाना हक के कागजात मिलने का दावा किया गया।
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गांव मीरापुर मोदीवाला के मौजा कुंडल निवासी बुजुर्ग मिल्खा सिंह ने बताया कि वह तीन पीढ़ी से यहां रह रहे हैं। दो पीढ़ियों के बीत जाने के बाद उन्हें आज यह दिन देखने को मिला है। 50 वर्ष झुग्गी-झोपड़ी में जीवन काटने के बाद जैसे-तैसे घर बनाया था। कुछ दिन पूर्व लेखपाल व ग्राम प्रधान के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली थी कि उन्हें भी प्रमाणपत्र मिलने वाला है। उन्होंने विधायक सहित सरकार का आभार जताया।
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बुजुर्ग गुरमुख सिंह ने बताया कि कभी उनके पिता बेसाखा सिंह यहां आकर बसे थे। बंटवारे के समय एक भाई बिछड़ गया था। उनका आज तक पता नही। अब आस है शीघ्र ही उन्हें भी प्रमाण पत्र मिल जाएगा। उन्होंने सरकार के इस कार्य को विस्थापित परिवार के हक में बताया।

बलकार सिंह का कहना है कि जमीन का मालिकाना हक मिलने से उन्हें अब मशीनरी, बच्चों को पढ़ाने के लिए, खेती आदि के लिए ऋण उपलब्ध हो सकेगा। बैंकों में खाते आसानी से खुल सकेंगे और फसल बेचने में आसानी होगी। क्षेत्र के सभी शरणार्थी परिवार जमीन का मालिकाना हक मिलने से खुश हैं। सभी ने विधायक कुंवर सुशांत सिंह का आभार जताते हुए कहा कि उनके प्रयास से हम लोग आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
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