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तीन माह में 30 मिलियन यूनिट बिजली घटी
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर
Updated Thu, 17 Sep 2015 12:05 AM IST
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बिजनौर। जिले में बिजली आपूर्ति का ग्राफ लगातार गिरता जा रहा है। बिजली संकट को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। पिछले तीन माह में जिले के अंदर करीब 30 मिलियन यूनिट बिजली घट गई है। खास बात ये है कि जनपद में विद्युत कनेक्शन बढ़ाने पर जोर है, आपूर्ति लगातार धड़ाम हो रही है।
शहरी क्षेत्रों में 16 घंटे एवं देहात क्षेत्रों में दस घंटे बिजली आपूर्ति का शेडयूल है, लेकिन निर्धारित शेडयूल के आधार पर कहीं पर भी बिजली आपूर्ति नहीं हो रही है। शहरी क्षेत्र में 12 से 13 घंटे लो-वोल्टेज में बिजली मिल रही है। तो वहीं देहात क्षेत्रों में तीन से चार घंटे ही बिजली आपूर्ति हो पा रही है। बिजली संकट गहराने से किसान खेतों की सिंचाई तक नहीं का पा रहे है।
जिले में बिजली आपूर्ति को लेकर विद्युत निगम के अफसर और जनप्रतिनिधि कितने सजग है कि इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है। हर माह जिले के अंदर बिजली आपूर्ति का बढ़ गया है। मई में जिले को जहां 144 मिलियन यूनिट एक माह में मिली थी तो वहीं अगस्त में केवल 115 मिलियन यूनिट ही बिजली मिली है।
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हैरत की बात ये है कि पिछले नौ वर्षों में जिले के अंदर डेढ़ लाख से भी ज्यादा उपभोक्ता बढ़ गए हैं, लेकिन बिजली आपूर्ति का ग्राफ नहीं बढ़ पाया है। जिसे लेकर जिले में बिजली संकट के हालात गहराते जा रहे हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2006 में जिले में कुल 244661 उपभोक्ता थे, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़कर 397298 हो गई है, जबकि आपूर्ति के ग्राफ में आंशिक रूप से ही बढ़ोतरी हो पाई है।
नवआगंतुक एसई एके सिंह का कहना है बिजली आपूर्ति में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। इस गर्मी के कारण बिजली की खपत बढ़ी हुई है। जल्द ही समस्या का निदान होने की उम्मीद है।
जिले को मिली बिजली का ग्राफ
माह बिजली मिलियन यूनिट में
मई 144.750
जून 130.625
जुलाई 115.809
अगस्त 115.989
नोट: आंकड़े विद्युत निगम के अनुसार हैं।
शेड्यूल बदला
बिजनौर। कंट्रोल ने शहरी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति का शेडयूल बदल दिया है। एक्सईएन अजय गर्ग के अनुसार अब शहरी क्षेत्र में सुबह छह बजे से सुबह आठ बजे तक, सुबह दस बजे से दुपहर दो बजे तक और शाम छह बजे से रात्रि तीन बजे तक बिजली आपूर्ति की जाएगी।
नये शेडयूल के अनुसार दुपहर और रात्रि के समय नॉन स्टॉप बिजली आपूर्ति होगी। पंद्रह घंटे के नये शेडयूल में सुबह तड़के और दुपहर के बाद के समय में कटौती बढ़ी है।
बरकातपुर बिजलीघर पर किया प्रदर्शन
नांगलसोती। बिजली संकट के विरोध में किसानों ने 132 केवी उप संस्थान बरकातपुर पर धरना दिया। 20 सितंबर तक समस्या का निदान न होने पर तहसीलदार नजीबाबाद आवास पर प्रदर्शन की चेतावनी दी।
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी बलराम सिंह, जिलामंत्री दिगंबर सिंह, इनामुल्ला खां, हुकम सिंह, अजय कुमार, मो. इलियास, संजय, रोहिताश, फुरकान के नेतृत्व में किसानों ने बरकातपुर बिजलीघर पर धरना दिया। आरोप लगाया कि बिजलीघर ओवरलोड होने, कंट्रोल द्वारा शेड्यूल के अतिरिक्त कटौती कराने से ग्रामीण क्षेत्रों को 12 घंटे के स्थान पर औसतन पांच से छह घंटे बिजली मिल पा रही है।
बिजली कटौती से सिंचाई व्यवस्था एवं जनजीवन प्रभावित है। किसानों के बीच आए तहसीलदार राशिद अली खां, एसडीओ अशोक कुमार एवं हरभजन सिंह ने बरकातपुर विद्युत उप संस्थान की क्षमता 40 एमवीए के अतिरिक्त ट्रांसफार्मर के साथ शीघ्र दोगुनी करने का आश्वासन दिया। अध्यक्षता ऋषिपाल सिंह ने और अवनीश ने संचालन किया।
आश्रम पद्धति विद्यालय में एक माह से अंधेरा
नजीबाबाद। आश्रम पद्घति विद्यालय अमाननगर की बिजली बजट के अभाव में एक माह बाद भी नहीं जुड़ सकी है। जनजाति विकास विभाग से विद्यालय के प्रधानाचार्य ने वर्तमान चुनौतियों से निपटने के लिए दो लाख रुपये की मांग की है।
बिजली का बकाया लगभग 1.50 लाख रुपये अदा न होने पर अमाननगर स्थित आश्रम पद्धति विद्यालय की बिजली काट दी गई थी। तब से अब तक विद्यालय में अंधेरा छाया हुआ है। आश्रम में रह रहे विद्यार्थी एवं शिक्षक स्टाफ अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
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शहरी क्षेत्रों में 16 घंटे एवं देहात क्षेत्रों में दस घंटे बिजली आपूर्ति का शेडयूल है, लेकिन निर्धारित शेडयूल के आधार पर कहीं पर भी बिजली आपूर्ति नहीं हो रही है। शहरी क्षेत्र में 12 से 13 घंटे लो-वोल्टेज में बिजली मिल रही है। तो वहीं देहात क्षेत्रों में तीन से चार घंटे ही बिजली आपूर्ति हो पा रही है। बिजली संकट गहराने से किसान खेतों की सिंचाई तक नहीं का पा रहे है।
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जिले में बिजली आपूर्ति को लेकर विद्युत निगम के अफसर और जनप्रतिनिधि कितने सजग है कि इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है। हर माह जिले के अंदर बिजली आपूर्ति का बढ़ गया है। मई में जिले को जहां 144 मिलियन यूनिट एक माह में मिली थी तो वहीं अगस्त में केवल 115 मिलियन यूनिट ही बिजली मिली है।
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हैरत की बात ये है कि पिछले नौ वर्षों में जिले के अंदर डेढ़ लाख से भी ज्यादा उपभोक्ता बढ़ गए हैं, लेकिन बिजली आपूर्ति का ग्राफ नहीं बढ़ पाया है। जिसे लेकर जिले में बिजली संकट के हालात गहराते जा रहे हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2006 में जिले में कुल 244661 उपभोक्ता थे, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़कर 397298 हो गई है, जबकि आपूर्ति के ग्राफ में आंशिक रूप से ही बढ़ोतरी हो पाई है।
नवआगंतुक एसई एके सिंह का कहना है बिजली आपूर्ति में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। इस गर्मी के कारण बिजली की खपत बढ़ी हुई है। जल्द ही समस्या का निदान होने की उम्मीद है।
जिले को मिली बिजली का ग्राफ
माह बिजली मिलियन यूनिट में
मई 144.750
जून 130.625
जुलाई 115.809
अगस्त 115.989
नोट: आंकड़े विद्युत निगम के अनुसार हैं।
शेड्यूल बदला
बिजनौर। कंट्रोल ने शहरी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति का शेडयूल बदल दिया है। एक्सईएन अजय गर्ग के अनुसार अब शहरी क्षेत्र में सुबह छह बजे से सुबह आठ बजे तक, सुबह दस बजे से दुपहर दो बजे तक और शाम छह बजे से रात्रि तीन बजे तक बिजली आपूर्ति की जाएगी।
नये शेडयूल के अनुसार दुपहर और रात्रि के समय नॉन स्टॉप बिजली आपूर्ति होगी। पंद्रह घंटे के नये शेडयूल में सुबह तड़के और दुपहर के बाद के समय में कटौती बढ़ी है।
बरकातपुर बिजलीघर पर किया प्रदर्शन
नांगलसोती। बिजली संकट के विरोध में किसानों ने 132 केवी उप संस्थान बरकातपुर पर धरना दिया। 20 सितंबर तक समस्या का निदान न होने पर तहसीलदार नजीबाबाद आवास पर प्रदर्शन की चेतावनी दी।
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी बलराम सिंह, जिलामंत्री दिगंबर सिंह, इनामुल्ला खां, हुकम सिंह, अजय कुमार, मो. इलियास, संजय, रोहिताश, फुरकान के नेतृत्व में किसानों ने बरकातपुर बिजलीघर पर धरना दिया। आरोप लगाया कि बिजलीघर ओवरलोड होने, कंट्रोल द्वारा शेड्यूल के अतिरिक्त कटौती कराने से ग्रामीण क्षेत्रों को 12 घंटे के स्थान पर औसतन पांच से छह घंटे बिजली मिल पा रही है।
बिजली कटौती से सिंचाई व्यवस्था एवं जनजीवन प्रभावित है। किसानों के बीच आए तहसीलदार राशिद अली खां, एसडीओ अशोक कुमार एवं हरभजन सिंह ने बरकातपुर विद्युत उप संस्थान की क्षमता 40 एमवीए के अतिरिक्त ट्रांसफार्मर के साथ शीघ्र दोगुनी करने का आश्वासन दिया। अध्यक्षता ऋषिपाल सिंह ने और अवनीश ने संचालन किया।
आश्रम पद्धति विद्यालय में एक माह से अंधेरा
नजीबाबाद। आश्रम पद्घति विद्यालय अमाननगर की बिजली बजट के अभाव में एक माह बाद भी नहीं जुड़ सकी है। जनजाति विकास विभाग से विद्यालय के प्रधानाचार्य ने वर्तमान चुनौतियों से निपटने के लिए दो लाख रुपये की मांग की है।
बिजली का बकाया लगभग 1.50 लाख रुपये अदा न होने पर अमाननगर स्थित आश्रम पद्धति विद्यालय की बिजली काट दी गई थी। तब से अब तक विद्यालय में अंधेरा छाया हुआ है। आश्रम में रह रहे विद्यार्थी एवं शिक्षक स्टाफ अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।