फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Ration cards will be made on the occasion of daily wage laborers

दिहाड़ी मजदूरों के मौके पर ही बनेंगे राशन कार्ड

Sat, 21 Mar 2020 01:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 21 Mar 2020 01:03 AM IST
विज्ञापन
Ration cards will be made on the occasion of daily wage laborers
दिहाड़ी मजदूरों के मौके पर ही बनेंगे राशन कार्ड
विज्ञापन

बिजनौर। कोरोना वायरस की हर स्थिति से निपटने के लिए शासन ने तैयारी शुरू कर दी है। शासन द्वारा बाजार की वित्तीय गतिविधियों पर निर्भर ऐसे दिहाड़ी मजदूरों के राशन कार्ड बनवाए जाएंगे जिनके पास अब तक कार्ड नहीं हैं। इन परिवारों को कई विभागों के कर्मचारी खुद जाकर तलाशेंगे। ऐसे उपभोक्ताओं को मौके पर ही राशन कार्ड बनाकर दिए जाएंगे।
कोरोना वायरस से बाजार में अनियमितता की स्थिति पैदा होने की आशंका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद जनता से थोड़े दिन भीड़ से दूर रहने की अपील कर चुके हैं। ऐसे में बाजार में वित्तीय लेनदेन भी कम होता है। काफी दिहाड़ी मजदूर ऐसे होते हैं जिनकी जीविका दिहाड़ी पर ही निर्भर होती है। ये मजदूर पूर्ति विभाग की पात्रता की सूची में शामिल नहीं होते हैं। ऐसे में इन लोगों को राशन की दुकानों से भी राशन नहीं मिलता है। वित्तीय लेनदेन घटने का इन दिहाड़ी मजदूरों की आजीविका पर भी असर पड़ेगा। इस वर्ग को परेशानी से बचाने के लिए खाद्य एवं रसद विभाग के संयुक्त सचिव विवेक त्रिपाठी सभी डीएम को दिहाड़ी मजदूरों के राशन कार्ड मौके पर ही जाकर बनाने के निर्देश दिए हैं। इस कार्य में पूर्ति विभाग के अलावा नगर विकास, ग्राम्य विकास, राजस्व, पंचायती राज, श्रम विभाग के कर्मचारियों को लगाया जाएगा। शहर व गांवों दोनों में यह अभियान चलेगा।
विज्ञापन

लाइन में हो एक मीटर की दूरी
दुकानों से राशन लेने के लिए शासन ने शुक्रवार को नई गाइडलाइन भी जारी की है। इसके अंतर्गत उपभोक्ता राशन लेने के लिए दुकानों पर लाइन में एक दूसरे से कम से कम एक एक मीटर की दूरी रखेंगे। दुकानों पर भीड़ भी न लगने देने के निर्देश दिए गए हैं। दुकानों के पास सैनिटाइजर रखने के लिए भी कहा गया है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्र ने बताया कि खाद की दुकानों पर ईपोस मशीन से अंगूठे का निशान लगाकर खाद दिया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि खाद विक्रेता किसानों के हाथ धुलवाकर और सैनिटाइजर का इस्तेमाल कराकर ही ईपोस मशीन का प्रयोग कराएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed